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City News

केंद्रीय योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाएं विभागीय अधिकारी- श्री बंशीधर भगत, विधायी एवं संसदीय, खाद्य आपूर्ति, शहरी विकास एवं आवास मंत्री, उत्तराखंड सरकार

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आज उत्तराखंड के विधायी एवं संसदीय, खाद्य आपूर्ति, शहरी विकास एवं आवास मंत्री,  श्री बंशीधर भगत ने आज सचिवालय व निदेशालय के विभागीय अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार के शहरी विकास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति व विस्तार के विषय पर समीक्षा बैठक की।

साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना के साथ- साथ राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) व शहरी युवाओं को रोजगार प्रदान करने वाली विभिन्न योजनाओं को अधिक प्रभावशाली तरीके से जन जन तक पहुंचाने व लाभ दिलाने के की अपेक्षा अधिकारीयों की।

साथ ही अधिकारियों को प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना के अंतर्गत जनता को दी जाने वाली सहायता राशि को सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचायें जानें के निर्देश दियें।

Hapur

Hapur News – गालंद में डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी के निर्माण पर लगी रोक

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डंपिंग ग्राउंड के विरोध में धरना पर बैठे ग्रामीणों को निगम द्वारा चिन्हित भूमि के निर्माण कार्य ?
– फोटो : PILAKHWA

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गालंद में डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी के निर्माण पर लगी रोक
पिलखवा। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के निर्माण कार्य को फिलहाल रोकने का दावा किया गया है। धौलाना के ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया ने धरना स्थल पहुंचकर यह जानकारी दी लेकिन ग्रामीणों ने लिखित में आदेश मिलने पर ही धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि डीएम ने इस तरह का कोई आदेश मिलने से इंकार किया है।
धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया बृहस्पतिवार को गालंद स्थित पंचायत घर पर चल रहे धरने में पहुंचे। धरनारत ग्रामीणों की बीच पहुंचे ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं क्षेत्रिय सांसद जनरल वीके सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की है। जिसके बाद शासनस्तर से डंपिंग ग्राउंड के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसका आदेश भी जिला प्रशासन को मिल चुका है। जल्द ही इस संबंध में घोषणा कर दी जाएगी।

यह है मामला-
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाने को 44.25 एकड़ भूमि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से खरीदी थी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट में जैविक खाद और बिजली बनाई जाएगी। एक अक्तूबर को निगम ने कूड़े के डंपर चिन्हित जमीन पर भेजे थे। जिसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने डंपरों को वापस कर दिया। इसी विरोध के चलते गत तीन अक्तूबर से ग्रामीण धरनारत हैं। इसी दौरान निगम ने चिन्हित जमीन की चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जिसे ग्रामीणों ने ढहा दिया। मामले में निगम के जेई योगेश कुमार द्वारा 34 नामजद समेत 250 से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ पिलखुवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
खुफिया विभाग ने तैयार की रिपोर्ट
बृहस्पतिवार को गाजियाबाद और हापुड़ के खुफिया विभाग के अधिकरी निगम द्वारा चिन्हित भूमि और धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की। प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज भी देखे। एक अधिकारी ने बताया कि शासनादेश पर जांच करने आए हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र शासन को भेजी जाएगी।
लिखित में आश्वासन मिलने पर समाप्त होगा धरना:
डंपिंग ग्राउंड का मामला कोई नया नहीं है, यह कई साल से चला आ रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर यह चुनावी आश्वासन तो नहीं है। चुनाव संपन्न होने के बाद फिर से मुद्दा उठ जाएगा। इसलिए ग्रामीण अब लिखित में आश्वासन की मांग कर रहे हैं। जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा।
राजीव तोमर, अध्यक्ष, जनकल्याण किसान वेलफेयर संघर्ष समिति।
शासन से नहीं मिला कोई आदेश
शासन से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को स्थगित किये जाने का अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन स्तर से ग्रामीण और गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में सहमति बनाकर प्रकरण को समाप्त करने के लिए कहा गया है। सहमति के लिए वार्ता की जा रही है।
– अनुज सिंह, डीएम हापुड़।
स्थागित किये जाने के संकेत मिल रहे है। हालांकि प्लांट को शासनस्तर से स्थगित किये जाने का दावा धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया द्वारा धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच और पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर ने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों से किया है। वहीं ग्रामीणों ने अधिकारियों से स्थगित किये जाने का आश्वासन लिखित में दिये जाने की मांग की है। लिखित में आश्वासन नहीं मिले तक धरना जारी रखने का एलान किया है। वहीं हापुड़ और गाजियाबाद खुफिया विभाग की संयुक्त टीम बृहस्पतिवार को धरनास्थल और निगम द्वारा चिन्हित भूमि पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से वार्ता कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की, जिसे शासन को भेजना बताया। इधर डंपिंग ग्राउंड के विरोध में गालंद पंचायत घर पर ग्रामीणों का धरना जारी रहा।

गालंद में डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी के निर्माण पर लगी रोक

पिलखवा। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के निर्माण कार्य को फिलहाल रोकने का दावा किया गया है। धौलाना के ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया ने धरना स्थल पहुंचकर यह जानकारी दी लेकिन ग्रामीणों ने लिखित में आदेश मिलने पर ही धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि डीएम ने इस तरह का कोई आदेश मिलने से इंकार किया है।

धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया बृहस्पतिवार को गालंद स्थित पंचायत घर पर चल रहे धरने में पहुंचे। धरनारत ग्रामीणों की बीच पहुंचे ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं क्षेत्रिय सांसद जनरल वीके सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की है। जिसके बाद शासनस्तर से डंपिंग ग्राउंड के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसका आदेश भी जिला प्रशासन को मिल चुका है। जल्द ही इस संबंध में घोषणा कर दी जाएगी।


यह है मामला-

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाने को 44.25 एकड़ भूमि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से खरीदी थी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट में जैविक खाद और बिजली बनाई जाएगी। एक अक्तूबर को निगम ने कूड़े के डंपर चिन्हित जमीन पर भेजे थे। जिसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने डंपरों को वापस कर दिया। इसी विरोध के चलते गत तीन अक्तूबर से ग्रामीण धरनारत हैं। इसी दौरान निगम ने चिन्हित जमीन की चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जिसे ग्रामीणों ने ढहा दिया। मामले में निगम के जेई योगेश कुमार द्वारा 34 नामजद समेत 250 से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ पिलखुवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

खुफिया विभाग ने तैयार की रिपोर्ट

बृहस्पतिवार को गाजियाबाद और हापुड़ के खुफिया विभाग के अधिकरी निगम द्वारा चिन्हित भूमि और धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की। प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज भी देखे। एक अधिकारी ने बताया कि शासनादेश पर जांच करने आए हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र शासन को भेजी जाएगी।

लिखित में आश्वासन मिलने पर समाप्त होगा धरना:

डंपिंग ग्राउंड का मामला कोई नया नहीं है, यह कई साल से चला आ रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर यह चुनावी आश्वासन तो नहीं है। चुनाव संपन्न होने के बाद फिर से मुद्दा उठ जाएगा। इसलिए ग्रामीण अब लिखित में आश्वासन की मांग कर रहे हैं। जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा।

राजीव तोमर, अध्यक्ष, जनकल्याण किसान वेलफेयर संघर्ष समिति।

शासन से नहीं मिला कोई आदेश

शासन से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को स्थगित किये जाने का अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन स्तर से ग्रामीण और गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में सहमति बनाकर प्रकरण को समाप्त करने के लिए कहा गया है। सहमति के लिए वार्ता की जा रही है।

– अनुज सिंह, डीएम हापुड़।

स्थागित किये जाने के संकेत मिल रहे है। हालांकि प्लांट को शासनस्तर से स्थगित किये जाने का दावा धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत शिशौदिया द्वारा धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच और पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर ने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों से किया है। वहीं ग्रामीणों ने अधिकारियों से स्थगित किये जाने का आश्वासन लिखित में दिये जाने की मांग की है। लिखित में आश्वासन नहीं मिले तक धरना जारी रखने का एलान किया है। वहीं हापुड़ और गाजियाबाद खुफिया विभाग की संयुक्त टीम बृहस्पतिवार को धरनास्थल और निगम द्वारा चिन्हित भूमि पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से वार्ता कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की, जिसे शासन को भेजना बताया। इधर डंपिंग ग्राउंड के विरोध में गालंद पंचायत घर पर ग्रामीणों का धरना जारी रहा।



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Gurgaon

Gurugram: Five People Killed, One Seriously Injured After Car Collided With A Brick Plank On The Roadside – गुरुग्राम: सड़क किनारे लगे ईट के चट्टे से टकराई कार, पांच लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल

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अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Fri, 03 Dec 2021 08:06 AM IST

सार

हरसरू रेलवे स्टेशन-साढराना मार्ग पर एक जगह सड़क किनारे ईट का चट्टा लगा हुआ था। गुरुवार रात लगभग एक बजे एक तेज स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर इस चट्टे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। ये लोग किसी शादी समारोह से लौट रहे हैं।

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गुरुग्राम में गुरुवार रात हुए एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है।

पुलिस ने बताया कि हरसरू रेलवे स्टेशन-साढराना मार्ग पर एक जगह सड़क किनारे ईट का चट्टा लगा हुआ था। गुरुवार रात लगभग एक बजे एक तेज स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर इस चट्टे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। ये लोग किसी शादी समारोह से लौट रहे हैं।

महेंद्रगढ़ के कनीना क्षेत्र की है गाड़ी

पुलिस ने बताया कि गाड़ी का नंबर महेंद्रगढ़ के कनीना क्षेत्र के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिए हैं। पुलिस ने आशंका जताई है कि ये लोग किसी निजी अस्पताल के कर्मी लग रहे हैं। पुलिस सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

विस्तार

गुरुग्राम में गुरुवार रात हुए एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है।

पुलिस ने बताया कि हरसरू रेलवे स्टेशन-साढराना मार्ग पर एक जगह सड़क किनारे ईट का चट्टा लगा हुआ था। गुरुवार रात लगभग एक बजे एक तेज स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर इस चट्टे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। ये लोग किसी शादी समारोह से लौट रहे हैं।

महेंद्रगढ़ के कनीना क्षेत्र की है गाड़ी

पुलिस ने बताया कि गाड़ी का नंबर महेंद्रगढ़ के कनीना क्षेत्र के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिए हैं। पुलिस ने आशंका जताई है कि ये लोग किसी निजी अस्पताल के कर्मी लग रहे हैं। पुलिस सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।



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Ghaziabad

Ghaziyabad – दिल्ली-सहारनपुर रोड पर 4 घंटे बैठे किसान

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दिल्ली-सहारनपुर रोड
पर 4 घंटे बैठे किसान
लोनी। आवास विकास परिषद (आविप) के खिलाफ बढ़े मुआवजे की मांग कर रहे मंडोला समेत 6 गांवों के किसान बृहस्पतिवार को दिल्ली-सहारनपुर रोड पर बैठ गए। किसान भाजपा के जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाने और शासन से वार्ता करने की मांग करने लगे। किसानों ने चार घंटे तक एक लेन बंद रखी। अधिकारियों ने वार्ता का आश्वासन देकर किसानों को सड़क से हटाया।
किसान दोपहर एक बजे धरने पर बैठ और शाम पांच बजे उठे। किसान लोनी से बागपत जाने वाले रूट पर बैठे थे, ऐसे में दूसरी लेन में ही वाहनों की आवाजाही रही। दो दिसंबर 2016 को मंडोला गांव में आविप के खिलाफ बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर किसान आंदोलन की शुरूआत हुई थी। किसान नेता नीरज त्यागी ने बताया कि उस समय सपा की सरकार थी तब भाजपा के नेता और जनप्रतिनिधि किसानों से मिलने मंडोला आए थे। इन लोगों ने किसानों की आवाज उठाने की भी बात कही थी। भाजपा की सरकार बनने पर मुद्दे का हल निकालने की बात कहीं थी। अब कोई नेता यहां नहीं आता है। बृहस्पतिवार को आंदोलन को पांच साल पूरे होने और मांगे पूरी न होने पर किसानों दिल्ली-सहारनपुर रोड की एक लेन बंद कर दी। एसडीएम संतोष कुमार राय, तहसीलदार शिव नरेश सिंह, एसपी देहात डॉ. इरज राजा ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
विस चुनाव में भाजपा का करेंगे विरोध
किसानों ने कहा कि पहले सपा की सरकार में भाजपा ने किसानों के आंदोलन की शुरूआत कराई थी। अब किसान इस विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का विरोध करेंगे। नीरज त्यागी ने बताया कि वह पहले भाजपा के पदाधिकारी थे, लेकिन पार्टी ने किसानों की पीड़ा को नहीं समझा। इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
पांच साल में 12 किसानों की मौत
किसानों का कहना है कि मांगों को लेकर किसानों ने सिर मुड़ाकर, मानव श्रृखंला बनाकर विरोध किया। आमरण अनशन, समाधि, घुटने के बल पर जाकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन तक दिया। इसके बावजूद नेता अपने वादे भूल गए। किसानों ने बताया कि पिछले पांच वर्ष में आंदोलन से जुड़े 12 किसानों की मौत हो चुकी है।
किसानों ने खाई पुलिस की लाठियां
शासन द्वारा बनाई गई कमेटी से वार्ता नहीं होने पर किसानों ने मंडोला में हो रहे आविप के कार्यों को रोका था। दो जून 2017 को किसानों द्वारा काम रोके जाने पर प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया था। कई किसान घायल हुए थे।

दिल्ली-सहारनपुर रोड

पर 4 घंटे बैठे किसान

लोनी। आवास विकास परिषद (आविप) के खिलाफ बढ़े मुआवजे की मांग कर रहे मंडोला समेत 6 गांवों के किसान बृहस्पतिवार को दिल्ली-सहारनपुर रोड पर बैठ गए। किसान भाजपा के जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाने और शासन से वार्ता करने की मांग करने लगे। किसानों ने चार घंटे तक एक लेन बंद रखी। अधिकारियों ने वार्ता का आश्वासन देकर किसानों को सड़क से हटाया।

किसान दोपहर एक बजे धरने पर बैठ और शाम पांच बजे उठे। किसान लोनी से बागपत जाने वाले रूट पर बैठे थे, ऐसे में दूसरी लेन में ही वाहनों की आवाजाही रही। दो दिसंबर 2016 को मंडोला गांव में आविप के खिलाफ बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर किसान आंदोलन की शुरूआत हुई थी। किसान नेता नीरज त्यागी ने बताया कि उस समय सपा की सरकार थी तब भाजपा के नेता और जनप्रतिनिधि किसानों से मिलने मंडोला आए थे। इन लोगों ने किसानों की आवाज उठाने की भी बात कही थी। भाजपा की सरकार बनने पर मुद्दे का हल निकालने की बात कहीं थी। अब कोई नेता यहां नहीं आता है। बृहस्पतिवार को आंदोलन को पांच साल पूरे होने और मांगे पूरी न होने पर किसानों दिल्ली-सहारनपुर रोड की एक लेन बंद कर दी। एसडीएम संतोष कुमार राय, तहसीलदार शिव नरेश सिंह, एसपी देहात डॉ. इरज राजा ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।

विस चुनाव में भाजपा का करेंगे विरोध

किसानों ने कहा कि पहले सपा की सरकार में भाजपा ने किसानों के आंदोलन की शुरूआत कराई थी। अब किसान इस विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का विरोध करेंगे। नीरज त्यागी ने बताया कि वह पहले भाजपा के पदाधिकारी थे, लेकिन पार्टी ने किसानों की पीड़ा को नहीं समझा। इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी।

पांच साल में 12 किसानों की मौत

किसानों का कहना है कि मांगों को लेकर किसानों ने सिर मुड़ाकर, मानव श्रृखंला बनाकर विरोध किया। आमरण अनशन, समाधि, घुटने के बल पर जाकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन तक दिया। इसके बावजूद नेता अपने वादे भूल गए। किसानों ने बताया कि पिछले पांच वर्ष में आंदोलन से जुड़े 12 किसानों की मौत हो चुकी है।

किसानों ने खाई पुलिस की लाठियां

शासन द्वारा बनाई गई कमेटी से वार्ता नहीं होने पर किसानों ने मंडोला में हो रहे आविप के कार्यों को रोका था। दो जून 2017 को किसानों द्वारा काम रोके जाने पर प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया था। कई किसान घायल हुए थे।



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