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Uttarakhand News: Organic Farming Scope Growing In State – उत्तराखंड: बढ़ रहा जैविक खेती का दायरा, कुल कृषि क्षेत्रफल के 36 प्रतिशत में किसानों ने अपनाया यह तरीका

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सार

प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में जैविक कृषि अधिनियम लागू किया गया। वर्तमान में जैविक कृषि का क्षेत्रफल बढ़ कर 2.31 हेक्टेयर हो गया है। जो कुल कृषि क्षेत्रफल का 36 प्रतिशत है।

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उत्तराखंड राज्य गठन के बाद भले ही खेती किसानी का रकबा कम हुआ हो, लेकिन अब जैविक खेती का दायरा बढ़ रहा है। सरकार किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उत्पादों की मार्केटिंग और मूल्य संवर्धन का इंतजाम कर रही है। वर्तमान में 2.20 लाख हेक्टेयर पर खेती करने वाले 4.74 किसानों के उत्पादों को जैविक प्रमाणीकरण किया गया।

उत्तराखंड में 2019 में लागू किया जैविक कृषि अधिनियम
प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में जैविक कृषि अधिनियम लागू किया गया। वर्तमान में जैविक कृषि का क्षेत्रफल बढ़ कर 2.31 हेक्टेयर हो गया है। जो कुल कृषि क्षेत्रफल का 36 प्रतिशत है। राज्य गठन के समय प्रदेश में कृषि के अधीन 7.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल था। जो घट कर 6.48 लाख हेक्टेयर हो गया है। इस देखते हुए सरकार ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

 

प्रदेश भर में आर्गेनिक कलस्टर के माध्यम परंपरागत फसलों के साथ फल व सब्जियों का जैविक तरीके से उत्पादन किया जा रहा है। जिससे किसानों को उत्पाद का ज्यादा दाम मिल सके। सहभागिता जैविक प्रतिभूति प्रणाली (पीजीएस) के तहत प्रदेश के 4.74 लाख से अधिक किसानों के उत्पाद जैविक सर्टिफिकेशन किया गया। जैविक उत्पादों की मार्केटिंग के लिए सरकार प्रदेश में आर्गेनिक आउटलेट खोल रही है। 
 

परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत प्रदेश में 3900 जैविक खेती कलस्टर पर काम किया जा रहा है। जिसमें कृषि विभाग की ओर से 2555, उद्यान विभाग 1241, सगंध पौधा केंद्र 45, रेशम विभाग के माध्यम से 59 कलस्टर बनाए जा रहे हैं। एक कलस्टर के तहत 20 हेक्टेयर क्षेत्र और 50 किसानों के समूह को शामिल किया जा रहा है। 

सात जिलों में 1237 गांवों जैविक कृषि कार्यक्रम
नमामि गंगे योजना के तहत गंगा नदी के जल को प्रदूषित होने से रोकने के लिए गंगा किनारे बसे गांवों में जैविक कृषि कार्यक्रम चलाया गया है। जिसमें टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी जिले के 42 गांवों में 840 हेक्टेयर क्षेत्र चयनित है। दूसरे चरण में वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक सात जिले हरिद्वार, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी व देहरादून जिले के 1237 गांवों में 50 हजार हेक्टेयर पर जैविक कृषि कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।

उत्तराखंड को आर्गेनिक राज्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। प्रदेश में पहले जहां 50 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती होती थी। वहीं अब 2.20 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्रफल में किसान जैविक तरीके से फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। आर्गेनिक उत्पादों की मार्केटिंग, ब्रांडिंग की व्यवस्था भी सरकार कर रही है। जिससे जैविक खेती से किसानों को दोगुने दाम मिल सके। – सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री

चार वर्षों में जैविक खेती के क्षेत्रफल में हुई बढ़ोतरी
वर्ष         –    क्षेत्रफल हेक्टेयर में
2017-18  –   35106
2018-19  –  124365
2019-20  –  154226
2020-21  –   220540

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उत्तराखंड राज्य गठन के बाद भले ही खेती किसानी का रकबा कम हुआ हो, लेकिन अब जैविक खेती का दायरा बढ़ रहा है। सरकार किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उत्पादों की मार्केटिंग और मूल्य संवर्धन का इंतजाम कर रही है। वर्तमान में 2.20 लाख हेक्टेयर पर खेती करने वाले 4.74 किसानों के उत्पादों को जैविक प्रमाणीकरण किया गया।

उत्तराखंड में 2019 में लागू किया जैविक कृषि अधिनियम

प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में जैविक कृषि अधिनियम लागू किया गया। वर्तमान में जैविक कृषि का क्षेत्रफल बढ़ कर 2.31 हेक्टेयर हो गया है। जो कुल कृषि क्षेत्रफल का 36 प्रतिशत है। राज्य गठन के समय प्रदेश में कृषि के अधीन 7.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल था। जो घट कर 6.48 लाख हेक्टेयर हो गया है। इस देखते हुए सरकार ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

 

प्रदेश भर में आर्गेनिक कलस्टर के माध्यम परंपरागत फसलों के साथ फल व सब्जियों का जैविक तरीके से उत्पादन किया जा रहा है। जिससे किसानों को उत्पाद का ज्यादा दाम मिल सके। सहभागिता जैविक प्रतिभूति प्रणाली (पीजीएस) के तहत प्रदेश के 4.74 लाख से अधिक किसानों के उत्पाद जैविक सर्टिफिकेशन किया गया। जैविक उत्पादों की मार्केटिंग के लिए सरकार प्रदेश में आर्गेनिक आउटलेट खोल रही है। 

 



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Uttarakhand News: Madhya Pradesh Cm Shivraj Singh Chauhan Haridwar Visit Today – हरिद्वार: पतंजलि पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान, कहा- मध्य प्रदेश में होगा योग आयोग का गठन

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सार

सीएम चौहान पतंजलि योगपीठ भी जाएंगे। यहां वे राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘वैश्विक चुनौतियों का सनातन, समाधान-एकात्म बोध’ में भाग लेंगे।

सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिले मुख्मंत्री धामी
– फोटो : अमर उजाला

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली और गौरवशाली संपन्न भारत का निर्माण हो रहा है। उसके निर्माण के लिए संन्यासियों ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा और अध्यात्म के माध्यम से देश ही नहीं पूरे विश्व में क्रांति की है। उन्होंने कहा कि योग की शिक्षा के लिए मध्य प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा और प्रदेश में योग आयोग का गठन किया जाएगा। 

सीएम शिवराज सिंह चौहान बृहस्पतिवार को आजादी के अमृत महोत्सव पर पतंजलि योगपीठ में ‘वैश्विक चुनौतियों का सनातन समाधान-एकात्म बोध’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं 75 करोड़ सूर्य नमस्कार संकल्प कार्यक्रम की वेबसाइट के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योग ऋषि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा को विश्व पटल पर स्थापित किया है। स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत के नव-निर्माण के लिए योग व उद्योग के माध्यम से पतंजलि लाखों किसानों एवं युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहा है। 

इस मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि कहा कि देश में योग शिक्षा को आंशिक रूप से लागू करने के लिए टुकड़ों में प्रयास हो रहे थे, लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने योग को व्यापक रूप से शिक्षा का अंग बनाने की पहल की है। 

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि से योग के महाअभियान का सूत्रपात होने जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार संस्कृति, परंपरा के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए बेहतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्कूलों में योग शिक्षा लागू कर गांव-गांव तक योग के प्रचार-प्रसार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि आज जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं। यदि हम सनातन परंपराओं के आश्रय और जड़ को पकड़कर रखेंगे तो समस्याओं का समाधान वहीं से मिलेगा।

शांतिकुंज के स्वर्ण जयंती वर्ष पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान परिवार समेत देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय की शिक्षा जीवन बदलने का अभियान है। 

मृत्युंजय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह गायत्री परिवार के सदस्य के रूप में हरिद्वार आए हैं। उन्होंने कहा कि हम उस परंपरा से आते हैं, जहां हजारों वर्ष पहले ऋषियों-मुनियों के तप से भारत विश्व गुरु बना। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का प्रथम दर्शन आज भी याद है। उन्होंने कहा कि युग ऋषि की ओर से चलाए गए सप्त आंदोलन साधना, शिक्षा, पर्यावरण, स्वावलंबन, नारी जागरण, व्यसन मुक्ति एवं आदर्श ग्राम को मध्य प्रदेश शासन में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लागू किया।

इसका प्रत्यक्ष लाभ वहां के लोगों को मिल रहा है। शिवराज चौहान ने कहा कि विश्व का शाश्वत शांति की ओर मार्गदर्शन भारत करेगा, जिसमे अखिल विश्व गायत्री परिवार जैसे आधात्मिक-सामाजिक संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

देसंविवि के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने मुख्यमंत्री चौहान का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति से युग ऋषि गुरुदेव के जीवन को सुनने को अवसर मिला है, जो स्वयं गुरुदेव के दिखाए रास्ते पर चलकर सामाजिक जीवन की उत्कृष्टता को हासिल किए। कुलपति एवं प्रतिकुलपति ने शिवराज सिंह चौहान को गायत्री स्मृति चिन्ह, गंगाजल एवं पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का साहित्य देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कुलपति शरद पारधी, कुलसचिव बलदाऊदेवांगन मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम देवस्थानम बोर्ड के बाद अब भू-कानून पर भी राज्य हित में फैसला लिया जाएगा। इसके लिए सभी की बात सुनी जाएगी और राय ली जाएगी। सरकार का फैसला उत्तराखंड के हित में होगा। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को देव संस्कृत विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। दोनों मुख्यमंत्रियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

इसके बाद देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। जिनसे लगातार मार्गदर्शन मिलता रहा है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंडया आदि मौजूद रहे।

विस्तार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली और गौरवशाली संपन्न भारत का निर्माण हो रहा है। उसके निर्माण के लिए संन्यासियों ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा और अध्यात्म के माध्यम से देश ही नहीं पूरे विश्व में क्रांति की है। उन्होंने कहा कि योग की शिक्षा के लिए मध्य प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा और प्रदेश में योग आयोग का गठन किया जाएगा। 

सीएम शिवराज सिंह चौहान बृहस्पतिवार को आजादी के अमृत महोत्सव पर पतंजलि योगपीठ में ‘वैश्विक चुनौतियों का सनातन समाधान-एकात्म बोध’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं 75 करोड़ सूर्य नमस्कार संकल्प कार्यक्रम की वेबसाइट के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योग ऋषि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा को विश्व पटल पर स्थापित किया है। स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत के नव-निर्माण के लिए योग व उद्योग के माध्यम से पतंजलि लाखों किसानों एवं युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहा है। 

इस मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि कहा कि देश में योग शिक्षा को आंशिक रूप से लागू करने के लिए टुकड़ों में प्रयास हो रहे थे, लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने योग को व्यापक रूप से शिक्षा का अंग बनाने की पहल की है। 

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि से योग के महाअभियान का सूत्रपात होने जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार संस्कृति, परंपरा के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए बेहतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्कूलों में योग शिक्षा लागू कर गांव-गांव तक योग के प्रचार-प्रसार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि आज जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं। यदि हम सनातन परंपराओं के आश्रय और जड़ को पकड़कर रखेंगे तो समस्याओं का समाधान वहीं से मिलेगा।



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Swami Bhoomananda Was A Divine Great Man: Achyutananda Tirtha – महान दिव्य महापुरूष थे ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद: अच्यूतानंद तीर्थ

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सिद्धपीठ श्री भूमा निकेतन आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ की तीसवी पुण्यतिथि पर भक्तो?
– फोटो : HARIDWAR

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सिद्धपीठ श्री भूमा निकेतन आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ की 30 वीं पुण्यतिथि पर भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ और श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इस मौके पर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि भूमा निकेतन आश्रम के संस्थापक स्वामी भूमानंद तीर्थ एक महान दिव्य महापुरुष थे। जिन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा हरिद्वार में भूमा निकेतन आश्रम की स्थापना कर कई सेवा प्रकल्प समाज हित में प्रारंभ किए और भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए युवा पीढ़ी को प्रेरित किया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुल्य योगदान सभी को स्मरणीय रहेगा।
स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ गो, गंगा और गायत्री के प्रबल समर्थक थे। जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर प्रत्येक वर्ग के हित के लिए कार्य किया। ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को समाज कल्याण में अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।
भूमा निकेतन आश्रम के प्रबंधक राजेंद्र शर्मा ने ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महापुरुषों का जीवन सदैव समाज हित में समर्पित रहता है। स्वामी सर्वेशानंद, राजेंद्र शर्मा, देवराज तोमर, विजय शर्मा, सुरेश शमा, हरिओम शर्मा आदि मौजूद रहे।

सिद्धपीठ श्री भूमा निकेतन आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ की 30 वीं पुण्यतिथि पर भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ और श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस मौके पर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि भूमा निकेतन आश्रम के संस्थापक स्वामी भूमानंद तीर्थ एक महान दिव्य महापुरुष थे। जिन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा हरिद्वार में भूमा निकेतन आश्रम की स्थापना कर कई सेवा प्रकल्प समाज हित में प्रारंभ किए और भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए युवा पीढ़ी को प्रेरित किया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुल्य योगदान सभी को स्मरणीय रहेगा।

स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ गो, गंगा और गायत्री के प्रबल समर्थक थे। जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर प्रत्येक वर्ग के हित के लिए कार्य किया। ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को समाज कल्याण में अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।

भूमा निकेतन आश्रम के प्रबंधक राजेंद्र शर्मा ने ब्रह्मलीन स्वामी भूमानंद तीर्थ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महापुरुषों का जीवन सदैव समाज हित में समर्पित रहता है। स्वामी सर्वेशानंद, राजेंद्र शर्मा, देवराज तोमर, विजय शर्मा, सुरेश शमा, हरिओम शर्मा आदि मौजूद रहे।



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Double Engine Government In The State, But Both Failed: Pritam Singh – राज्य में डबल इंजन की सरकार, पर दोनों फेल: प्रीतम सिंह

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Double engine government in the state, but both failed: Pritam Singh

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नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य में कहने को तो डबल इंजन की सरकार है, मगर सरकार के दोनों इंजन फेल हैं। महंगाई और बेरोजगारी चरम है। कार्यकर्ता एकजुटता के साथ प्रदेश से भाजपा सरकार को उखाड़ने के लिए लगेंगे तो निश्चित रूप से प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी होगी।
महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों के मेरा बूथ मेरा गौरव प्रशिक्षण शिविर भूपतवाला के श्री गंगा स्वरूप आश्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यदि बूथ मजबूत होगा तो पूरे देश में कांग्रेस मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। जिससे उत्तराखंड के बाद केंद्र में भी कांग्रेस सरकार बनाएगी।
प्रशिक्षण के ट्रेनर विनोद नायर व हरिद्वार से प्रशिक्षण समिति के सदस्य महेश प्रताप राणा ने कहा कि आजादी का आंदोलन, लोकतंत्र, संविधान, औद्योगिकीकरण, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, सूचना क्रांति, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, किसानों के कर्ज माफ, सूचना का अधिकार दिया, शिक्षा का अधिकार दिया कांग्रेस सरकार ने दिया, परंतु भाजपा सरकारों क्या दिया। 60 साल में कांग्रेस ने देश के लिए जो किया, बस उसे बेचने का कार्य ही केवल भाजपा सरकार कर रही है।
इस मौके पर कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव डा. संजय पालीवाल, महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा, पूर्व विधायक रामयश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, मुरली मनोहर, आलोक शर्मा, मकबूल कुरेशी, चौधरी बलजीत सिंह, मध्य हरिद्वार ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद, कनखल ब्लॉक अध्यक्ष शुभम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य में कहने को तो डबल इंजन की सरकार है, मगर सरकार के दोनों इंजन फेल हैं। महंगाई और बेरोजगारी चरम है। कार्यकर्ता एकजुटता के साथ प्रदेश से भाजपा सरकार को उखाड़ने के लिए लगेंगे तो निश्चित रूप से प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी होगी।

महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों के मेरा बूथ मेरा गौरव प्रशिक्षण शिविर भूपतवाला के श्री गंगा स्वरूप आश्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यदि बूथ मजबूत होगा तो पूरे देश में कांग्रेस मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। जिससे उत्तराखंड के बाद केंद्र में भी कांग्रेस सरकार बनाएगी।

प्रशिक्षण के ट्रेनर विनोद नायर व हरिद्वार से प्रशिक्षण समिति के सदस्य महेश प्रताप राणा ने कहा कि आजादी का आंदोलन, लोकतंत्र, संविधान, औद्योगिकीकरण, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, सूचना क्रांति, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, किसानों के कर्ज माफ, सूचना का अधिकार दिया, शिक्षा का अधिकार दिया कांग्रेस सरकार ने दिया, परंतु भाजपा सरकारों क्या दिया। 60 साल में कांग्रेस ने देश के लिए जो किया, बस उसे बेचने का कार्य ही केवल भाजपा सरकार कर रही है।

इस मौके पर कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव डा. संजय पालीवाल, महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा, पूर्व विधायक रामयश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, मुरली मनोहर, आलोक शर्मा, मकबूल कुरेशी, चौधरी बलजीत सिंह, मध्य हरिद्वार ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद, कनखल ब्लॉक अध्यक्ष शुभम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।



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