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Farm Laws Withdrawn : Rakesh Tikait Tears Gave Strength To The Farmers Movement, Mahapanchayats Changed Political Equations – किसान आंदोलन की हुई जीत : राकेश टिकैत के आंसुओं ने दी थी मजबूती, महापंचायतों ने बदले राजनीतिक समीकरण 

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सार

केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा पर किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने खेतों में ही खुशी का इजहार किया। वहीं किसान नेता सरकार के इस फैसले को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसुओं की जीत बता रहे हैं।

राकेश टिकैत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– फोटो : अमर उजाला

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सरकार ने शुक्रवार को तीनों कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया है। जिसको लेकर किसान नेताओं और राजनीतिक दलों ने खुशी जताई है। किसान भी इसे हक की जीत बता रहे हैं। किसान नेता इस फैसले को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसुओं की जीत बता रहे हैं। किसान आंदोलन की इस जीत में राकेश टिकैत के आंसुओं का और लगातार चल रही महापंचायतों का सबसे बड़ा योगदान रहा। इन महापंचायतों में न सिर्फ किसानों का सैलाब उमड़ा, बल्कि बदलते सियासी समीकरणों की ओर भी ध्यान खींचा। आगे पढ़ें, आखिर कैसे आंदोलन को जीत के जश्न तक लेकर पहुंचे टिकैत के आंसू और किसान महापंचायतें: –

26 जनवरी की परेड हिंसा के बाद किसान आंदोलन एकदम फीका पड़ गया था। इसी दौरान एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए किसान नेता राकेश टिकैत रो पड़े। राकेश टिकैत के ये आंसू हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसानों में दोबारा दमखम भर गए। राकेश टिकैत की बॉर्डर पर पहुंचने की अपील के बाद रातों-रात ही किसान अपने घरों से कूच कर गए। देखते ही देखते किसान आंदोलन फिर से जोर पकड़ गया और लाखों की संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच गए। वहीं आंदोलन की मजबूत को देखते हुए महापंचायतों का भी दौर शुरू हुआ। 

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर एक तरफ किसान धरने पर डटे रहे। वहीं, पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन में जान फूंकने की कोशिशों में लगातार महापंचायतों को दौर जारी रहा। एक तरफ इन महापंचायतों को किसानों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा था, तो वहीं दूसरी ओर इन्हें पश्चिमी यूपी की बदलती राजनीति के रूप में भी देखा जाने लगा। 

यह भी पढ़ें: किसानों के आगे झुकी सरकार: चौधरी जयंत बोले, ये किसान की जीत, देखें पश्चिमी यूपी में किसने क्या कहा

किसान महापंचायतों की शुरूआत राकेश टिकैत के गृह जनपद मुजफ्फरनगर से हुई। 30 जनवरी को हुई पहली महापंचायत में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। इस महापंचायत ने यह साफ कर दिया कि पश्चिमी यूपी में किसान संगठनों की कितनी मजबूत पकड़ है। इसका एक और नजारा 1 फरवरी को बिजनौर में हुई महापंचायत में भी देखने को मिला। 

राजनीतिक दलों पर भारी पड़े किसान संगठन
बिजनौर में हुई महापंचायत में ऐसा पहली बार हुआ कि जब जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के नेता जमीन पर बैठे रहे और किसान संगठनों के नेता मंच से खूब दहाड़े। इस महापंचायत में नेताओं की राजनीति चमकाने की कोशिशों पर पानी फिर गया। सपा व कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों को इससे करारा झटका लगा। पंचायत में वक्ताओं ने राकेश टिकैत के आंसुओं को देश की आंखें खोलने वाला बताया। 

मुजफ्फरनगर की महापंचायत ने खींचा देश का ध्यान
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को दिशा देने और यूपी में सत्ता परिवर्तन को लेकर राकेश टिकैत के गृह जनपद मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में लाखों की संख्या में किसान देश के कोने-कोने से पहुंचे। पंजाब व हरियाणा के किसानों की संख्या ज्यादा दिखी। युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मुजफ्फरनगर में इस महापंचायत के मंच से राकेश टिकैत ने अल्लाहु अकबर और हर-हर महादेव के नारे भी लगवाए, जिसके बाद उन्हें आड़े हाथों ले लिया गया। राकेश टिकैत ने कहा था कि यूपी की योगी सरकार सांप्रदायिक दंगा कराने वाली सरकार है। भाजपा तोड़ने का काम करती है और हम जोड़ने का काम करते हैं। इसी धरती से अल्लाहु अकबर और हर-हर महादेव के नारे लगते रहे हैं और लगते रहेंगे। इसी के साथ टिकैत ने वहां मौजूद लोगों से नारे भी लगवाए। 
 
आंदोलन की जीत के बाद अब घर जाएंगे राकेश टिकैत
राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर की महापंचायत में कहा था कि अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी, जब तक यह आंदोलन सफल नहीं होगा, तब तक घर वापस नहीं लौटूंगा। दरअसल, किसान आंदोलन की शुरुआत में राकेश टिकैत ने प्रण किया था कि ‘जब तक कानून वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं।’ इसके बाद से राकेश टिकैत अपने गृह जनपद मुजफ्फरनगर की सीमाओं से जरूर गुजरे, उन्होंने आसपास के जिलों में भी बैठकें कीं लेकिन वह अपने घर नहीं गए। महापंचायत में हिस्सा लेने के बाद वापस गाजीपुर बॉर्डर लौट गए। 

राकेश टिकैत ने महापंचायत के मंच से कहा था कि संयुक्त मोर्चा दिल्ली बॉर्डर से तब तक नहीं उठेगा, जब तक जीत नहीं मिल जाएगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी दोहराया कि मैं अपने घर नहीं जाऊंगा, किसानों की जीत होने के बाद ही घर आऊंगा। अब सरकार ने कृषि कानूनों की वापसी का एलान कर दिया है, ऐसे में कहा जा रहा है कि राकेश टिकैत आंदोलन शुरू होने के महीनों बाद अब जल्दी ही अपने घर की दहलीज पर कदम रखेंगे।

विस्तार

सरकार ने शुक्रवार को तीनों कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया है। जिसको लेकर किसान नेताओं और राजनीतिक दलों ने खुशी जताई है। किसान भी इसे हक की जीत बता रहे हैं। किसान नेता इस फैसले को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसुओं की जीत बता रहे हैं। किसान आंदोलन की इस जीत में राकेश टिकैत के आंसुओं का और लगातार चल रही महापंचायतों का सबसे बड़ा योगदान रहा। इन महापंचायतों में न सिर्फ किसानों का सैलाब उमड़ा, बल्कि बदलते सियासी समीकरणों की ओर भी ध्यान खींचा। आगे पढ़ें, आखिर कैसे आंदोलन को जीत के जश्न तक लेकर पहुंचे टिकैत के आंसू और किसान महापंचायतें: –

26 जनवरी की परेड हिंसा के बाद किसान आंदोलन एकदम फीका पड़ गया था। इसी दौरान एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए किसान नेता राकेश टिकैत रो पड़े। राकेश टिकैत के ये आंसू हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसानों में दोबारा दमखम भर गए। राकेश टिकैत की बॉर्डर पर पहुंचने की अपील के बाद रातों-रात ही किसान अपने घरों से कूच कर गए। देखते ही देखते किसान आंदोलन फिर से जोर पकड़ गया और लाखों की संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच गए। वहीं आंदोलन की मजबूत को देखते हुए महापंचायतों का भी दौर शुरू हुआ। 

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर एक तरफ किसान धरने पर डटे रहे। वहीं, पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन में जान फूंकने की कोशिशों में लगातार महापंचायतों को दौर जारी रहा। एक तरफ इन महापंचायतों को किसानों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा था, तो वहीं दूसरी ओर इन्हें पश्चिमी यूपी की बदलती राजनीति के रूप में भी देखा जाने लगा। 

यह भी पढ़ें: किसानों के आगे झुकी सरकार: चौधरी जयंत बोले, ये किसान की जीत, देखें पश्चिमी यूपी में किसने क्या कहा



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Up Tet Paper Leak Case: The Government Has Sought The Records Of The Accused From The Stf And The Property May Be Confiscated – टीईटी पेपर लीक प्रकरण : शासन ने एसटीएफ से मांगा गिरफ्तार आरोपियों का रिकॉर्ड, संपत्ति जब्त करने की तैयारी

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अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:44 PM IST

सार

टीईटी पेपर लीक मामले में शासन ने एसटीएफ से गिरफ्तार पांचों आरोपियों का रिकॉर्ड मांगा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इन आरोपियों की संपत्ति जब्त की जा सकती है।

गिरफ्तार तीनों आरोपी।
– फोटो : amar ujala

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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) पेपर लीक प्रकरण में आरोपियों की संपत्ति का रिकॉर्ड शासन ने एसटीएफ से मांगा है। एसटीएफ मेरठ ने पांच आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाला है।

एसटीएफ की कई जिलों में चल रही दबिश

एसटीएफ मेरठ ने रविवार को टीईटी की परीक्षा शुरू होने से पहले शामली से तीन आरोपी मनीष उर्फ मोनू, रवि उर्फ बंटी और धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। रवि ने पूछताछ में बड़ौत के छछरपुर गांव निवासी राहुल और अलीगढ़ के गौरव मलान का नाम बताया। एसटीएफ ने ही इन पांचों को गिरफ्तार किया। ये लोग शामली से ही जेल भेजे गए। इसके अलावा एसटीएफ की अलीगढ़, मथुरा में दबिश चल रही है। एसटीएफ का कहना है कि शिक्षक निर्दोष चौधरी को पुलिस ढूंढ रही है।

यह भी पढ़ें: व्यापारी की मौत का मामला: तेजी से वायरल हो रहा ऑडियो, बहनोई ने पत्नी को लेकर खोला ये बड़ा राज
 

एसटीएफ से मांगा आरोपियों का रिकॉर्ड

अब एसटीएफ से आरोपियों का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, ताकि उनकी संपत्ति की जानकारी मिल सके। बताया गया कि आरोपियों की संपत्ति पुलिस जब्त करने की तैयारी में है। इससे पहले भी ये लोग नकल कराने, सॉल्वर गैंग या अन्य अपराध में शामिल रहे हैं या नहीं, इसकी जानकारी शामली, बड़ौत, अलीगढ़ से जुटाई जा रही है। 

यह भी पढ़ें: अडानी समूह बनाएगा गंगा एक्सप्रेसवे : अमरोहा से प्रयागराज तक मिला तीन चरणों का काम 

सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि कई आरोपी के खिलाफ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पांचों आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) पेपर लीक प्रकरण में आरोपियों की संपत्ति का रिकॉर्ड शासन ने एसटीएफ से मांगा है। एसटीएफ मेरठ ने पांच आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाला है।

एसटीएफ की कई जिलों में चल रही दबिश

एसटीएफ मेरठ ने रविवार को टीईटी की परीक्षा शुरू होने से पहले शामली से तीन आरोपी मनीष उर्फ मोनू, रवि उर्फ बंटी और धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। रवि ने पूछताछ में बड़ौत के छछरपुर गांव निवासी राहुल और अलीगढ़ के गौरव मलान का नाम बताया। एसटीएफ ने ही इन पांचों को गिरफ्तार किया। ये लोग शामली से ही जेल भेजे गए। इसके अलावा एसटीएफ की अलीगढ़, मथुरा में दबिश चल रही है। एसटीएफ का कहना है कि शिक्षक निर्दोष चौधरी को पुलिस ढूंढ रही है।

यह भी पढ़ें: व्यापारी की मौत का मामला: तेजी से वायरल हो रहा ऑडियो, बहनोई ने पत्नी को लेकर खोला ये बड़ा राज

 

एसटीएफ से मांगा आरोपियों का रिकॉर्ड

अब एसटीएफ से आरोपियों का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, ताकि उनकी संपत्ति की जानकारी मिल सके। बताया गया कि आरोपियों की संपत्ति पुलिस जब्त करने की तैयारी में है। इससे पहले भी ये लोग नकल कराने, सॉल्वर गैंग या अन्य अपराध में शामिल रहे हैं या नहीं, इसकी जानकारी शामली, बड़ौत, अलीगढ़ से जुटाई जा रही है। 

यह भी पढ़ें: अडानी समूह बनाएगा गंगा एक्सप्रेसवे : अमरोहा से प्रयागराज तक मिला तीन चरणों का काम 

सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि कई आरोपी के खिलाफ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पांचों आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी है।



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Delhi-meerut Expressway: Fee Plaza Will Start In A Week, Transport Ministry Has Given Permission For Fee At Seven Places – दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा शुल्क प्लाजा, परिवहन मंत्रालय ने सात स्थानों पर शुल्क के लिए दी अनुमति

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न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 01 Dec 2021 12:49 AM IST

सार

परिवहन मंत्रालय ने सात स्थानों पर शुल्क प्लाजा के लिए मंजूरी दे दी है। बुधवार या गुरुवार को एनएचएआई शुल्क की दरें जारी कर देगी। सात महीनों से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रहे वाहनों को अब शुल्क देना होगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे।
– फोटो : amar ujala

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सात महीनों से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रहे वाहनों को अब शुल्क देना होगा। एक सप्ताह में शुल्क वसूली शुरू कर दी जाएगी। परिवहन मंत्रालय ने सात स्थानों पर शुल्क प्लाजा के लिए मंजूरी दे दी है। बुधवार या गुरुवार को एनएचएआई शुल्क की दरें जारी कर देगी। एक्सप्रेस वे पर सरायकाले खां, इंदिरापुरम, डूंडाहेड़ा, डासना, रसूलपुर सिकरोड, भोजपुर, काशी पर शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए किलोमीटर के अनुसार परिवहन विभाग ने अनुमति दी है। 

एक्सप्रेसवे पर मेरठ से दिल्ली की ओर यात्रा करने पर काशी शुल्क प्लाजा से प्रवेश करने के बाद छह निकासी द्वार मिलेंगे। पहला भोजपुर, दूसरा रसूलपुर सिकरोड, तीसरा डासना, चौथा डूंडाहेड़ा, पांचवां इंदिरापुरम, छठा सरायकाले खां होगा। अप्रैल में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की औपचारिक शुरुआत की गई थी।

यह भी पढ़ें : मेरठ:  स्क्रैप व्यापारी का घर में मिला शव, बदबू आने पर पड़ोसियों ने आगरा में परिजनों को दी सूचना 

एक्सप्रेसवे पर काशी शुल्क प्लाजा पर पाथवे कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी ने शुल्क प्लाजा पर तैयारियों को पूरा कर लिया है। फास्टैग से चलने वाली प्रक्रिया के बावजूद कर्मचारियों की ड्यूटी तय की गई है, जिससे शुरुआत में वाहन चालकों को दिक्कतें न हों। 

अगले महीने होगा औपचारिक लोकार्पण
वहीं, शुल्क प्लाजा शुरू होने के बाद एनएचएआई की ओर से औपचारिक लोकार्पण की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी। दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेरठ दौरा प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मेरठ को कई बड़े प्रोजेक्ट की सौगात दे सकते हैं। इसमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास, खेल विवि का शिलान्यास आदि प्रोजेक्ट की सौगात मिलने जा रही है।

विस्तार

सात महीनों से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रहे वाहनों को अब शुल्क देना होगा। एक सप्ताह में शुल्क वसूली शुरू कर दी जाएगी। परिवहन मंत्रालय ने सात स्थानों पर शुल्क प्लाजा के लिए मंजूरी दे दी है। बुधवार या गुरुवार को एनएचएआई शुल्क की दरें जारी कर देगी। एक्सप्रेस वे पर सरायकाले खां, इंदिरापुरम, डूंडाहेड़ा, डासना, रसूलपुर सिकरोड, भोजपुर, काशी पर शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए किलोमीटर के अनुसार परिवहन विभाग ने अनुमति दी है। 

एक्सप्रेसवे पर मेरठ से दिल्ली की ओर यात्रा करने पर काशी शुल्क प्लाजा से प्रवेश करने के बाद छह निकासी द्वार मिलेंगे। पहला भोजपुर, दूसरा रसूलपुर सिकरोड, तीसरा डासना, चौथा डूंडाहेड़ा, पांचवां इंदिरापुरम, छठा सरायकाले खां होगा। अप्रैल में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की औपचारिक शुरुआत की गई थी।

यह भी पढ़ें : मेरठ:  स्क्रैप व्यापारी का घर में मिला शव, बदबू आने पर पड़ोसियों ने आगरा में परिजनों को दी सूचना 

एक्सप्रेसवे पर काशी शुल्क प्लाजा पर पाथवे कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी ने शुल्क प्लाजा पर तैयारियों को पूरा कर लिया है। फास्टैग से चलने वाली प्रक्रिया के बावजूद कर्मचारियों की ड्यूटी तय की गई है, जिससे शुरुआत में वाहन चालकों को दिक्कतें न हों। 

अगले महीने होगा औपचारिक लोकार्पण

वहीं, शुल्क प्लाजा शुरू होने के बाद एनएचएआई की ओर से औपचारिक लोकार्पण की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी। दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेरठ दौरा प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मेरठ को कई बड़े प्रोजेक्ट की सौगात दे सकते हैं। इसमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास, खेल विवि का शिलान्यास आदि प्रोजेक्ट की सौगात मिलने जा रही है।



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Amar Ujala Samwad: Discussion With Minister Dinesh Khatik On The Development Of Mission, Employment And Mandal Today – अमर उजाला संवाद: मंत्री दिनेश खटीक के साथ मिशन रोजगार एवं मंडल के विकास पर चर्चा आज

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:40 PM IST

सार

अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री दिनेश खटीक के साथ मिशन रोजगार एवं मंडल विकास पर चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में चर्चा आयोजित की जाएगी। 

अमर उजाला संवाद
– फोटो : अमर उजाला

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मेरठ अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम के तहत, मिशन रोजगार एवं मंडल को विकास, पर सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में चर्चा होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर डेढ़ बजे होगा। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री दिनेश खटीक होंगे

संवाद कार्यक्रम में मेरठ के जनप्रतिनिधि, भाजपा जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष शामिल होंगे। कमिश्नर सुरेंद्र सिंह और जिलाधिकारी के. बालाजी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।  

संवाद में मेरठ मंडल में साढ़े चार साल में हुए प्रमुख विकास कार्यों, लाभपरक योजनाओं से अवगत कराया जाएगा। 

अतिथि मेरठ के साथ मंडल के अन्य जिलों में चल रहीं मुख्य योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी संवाद स्थापित होगा। अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी। 

विस्तार

मेरठ अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम के तहत, मिशन रोजगार एवं मंडल को विकास, पर सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में चर्चा होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर डेढ़ बजे होगा। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री दिनेश खटीक होंगे

संवाद कार्यक्रम में मेरठ के जनप्रतिनिधि, भाजपा जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष शामिल होंगे। कमिश्नर सुरेंद्र सिंह और जिलाधिकारी के. बालाजी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।  

संवाद में मेरठ मंडल में साढ़े चार साल में हुए प्रमुख विकास कार्यों, लाभपरक योजनाओं से अवगत कराया जाएगा। 

अतिथि मेरठ के साथ मंडल के अन्य जिलों में चल रहीं मुख्य योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी संवाद स्थापित होगा। अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी। 



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