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Nandotsav Celebrated – अलीगढ़ः धूमधाम से मनाया नंदोत्सव

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भागवत कथा में व्यास का स्वागत करते मनोज अग्रवाल।

भागवत कथा में व्यास का स्वागत करते मनोज अग्रवाल।
– फोटो : CITY OFFICE

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विश्व धर्मों रक्षत रक्षिता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद कृष्ण महाराज के सानिध्य में स्वर्ण जयंती नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बृहस्पतिवार को धूमधाम से नंदोत्सव मनाया गया। कथा व्यास आचार्य राघवेंद्र कृष्ण महाराज ने बधाई गीत गाए तो श्रद्धालु झूम उठे। यहां बाल स्वरूप कान्हा की न्योछावर करने के लिए होड़ मच गई। इस मौके पर सोनू चौधरी, विजय लक्ष्मी, राज बहादुर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अतुल दीक्षित, दीपक मिश्रा, पंडित कमलाकांत द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

विश्व धर्मों रक्षत रक्षिता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद कृष्ण महाराज के सानिध्य में स्वर्ण जयंती नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बृहस्पतिवार को धूमधाम से नंदोत्सव मनाया गया। कथा व्यास आचार्य राघवेंद्र कृष्ण महाराज ने बधाई गीत गाए तो श्रद्धालु झूम उठे। यहां बाल स्वरूप कान्हा की न्योछावर करने के लिए होड़ मच गई। इस मौके पर सोनू चौधरी, विजय लक्ष्मी, राज बहादुर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अतुल दीक्षित, दीपक मिश्रा, पंडित कमलाकांत द्विवेदी आदि मौजूद रहे।



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Now Women Police Will Be Seen In Every Locality… Will Make Women Aware – अलीगढ़ः अब हर मोहल्ले में दिखेगी महिला पुलिस… महिलाओं को करेगी जागरूक

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मिशन शक्ति अभियान के तहत अलीगढ़ सहित प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस में महिला बीट सिस्टम शुरू किया गया है। इसी क्रम में 21 अगस्त से अब तक अपने जिले में 173 महिला बीट बनाई गई हैं। इन बीटों में एक-एक महिला सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। यह बीट सिस्टम प्रभावी ढंग से काम करे, इसकी मॉनीटरिंग के लिए एसपी क्राइम रजनी को नोडल अफसर बनाया गया है। सबसे खास बात यह है कि अब महिला अपराध की किसी भी सूचना पर जब थाना पुलिस घटनास्थल पर जाएगी तो उस बीट की बीट प्रभारी सिपाही को भी साथ जाना होगा।
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि महिला बीट सिस्टम लागू करने के पीछे उद्देश्य है कि किसी भी महिला अपराध पर जब पुलिस पहुंचती है तो महिला पुलिस होने पर वह बेहतर ढंग से उस विषय में जानकारी देती है। इसके अलावा बीट की महिला सिपाहियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने-अपने बीट वाले इलाके में महिलाओं को पुलिस सिस्टम, महिला सुरक्षा आदि के प्रति जागरूक करें। बताएं कि किसी भी अपराध पर किस तरह से किन नंबरों पर पुलिस से संपर्क करना है। साथ में हर बीट में महिला पुलिस को महिला मित्र बनाने हैं।
– महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस सिस्टम को मजबूत करने और महिलाओं को पुलिस से संपर्क के लिए जागरूक करने आदि के उद्देश्य से जिले में महिला बीट सिस्टम लागू किया गया है। इसकी शुरुआत के साथ बीट में महिला सिपाही पहुंचकर महिलाओं को जागरूक कर रही हैं।
– कलानिधि नैथानी, एसएसपी
अपराजिता अभियान से जुड़कर भी चलेगा जागरूकता अभियान
एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत भी महिलाओं को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए बीट सिपाहियों की मदद से मोहल्लों में जागरूकता कैंपेन शुरू किया जाएगा। जल्द ही इसका शेड्यूल बनाकर कार्यक्रम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं को पुलिस से जोड़कर उनका मित्र बनाने में और ज्यादा आसानी होगी।
थाना वार ये हैं मोहल्ले और बीट
छर्रा के 62 मोहल्लों में 5 बीट, देहली गेट के 96 में 9, सिविल लाइंस के 102 में 8, दादों के 135 में 3, जवां के 87 में 5, खैर के 151 में 14, पालीमुकीमपुर के 87 में 5, अतरौली के 177 में 3, गोंडा के 133 में 10, हरदुआगंज के 122 में 5, इगलास के 334 में 8, पिसावा के 56 में 4, सासनी गेट के 147 में 8, बरला के 55 में 5, चंडौस के 60 में 4, गांधीपार्क के 104 में 4, लोधा के 73 में 3, बन्नादेवी के 158 में 6, गंगीरी के 84 में 5, रोरावर के 80 में 2, गोधा के 41 में 3, कोतवाली के 91 में 5, क्वार्सी के 151 में 7, मडराक के 34 में 4, टप्पल के 122 में 23, महुआ खेड़ा के 63 में 2, अकराबाद के 125 में 5, गभाना के 73 में 2 और विजयगढ़ के 61 मोहल्लों में 6 बीट बनाई गई हैं।
ये हैं सर्वाधिक बीट वाले थाने
-23 बीट टप्पल थाने में
-14 बीट खैर थाने में
-10 बीट गोंडा थाने में

मिशन शक्ति अभियान के तहत अलीगढ़ सहित प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस में महिला बीट सिस्टम शुरू किया गया है। इसी क्रम में 21 अगस्त से अब तक अपने जिले में 173 महिला बीट बनाई गई हैं। इन बीटों में एक-एक महिला सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। यह बीट सिस्टम प्रभावी ढंग से काम करे, इसकी मॉनीटरिंग के लिए एसपी क्राइम रजनी को नोडल अफसर बनाया गया है। सबसे खास बात यह है कि अब महिला अपराध की किसी भी सूचना पर जब थाना पुलिस घटनास्थल पर जाएगी तो उस बीट की बीट प्रभारी सिपाही को भी साथ जाना होगा।

एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि महिला बीट सिस्टम लागू करने के पीछे उद्देश्य है कि किसी भी महिला अपराध पर जब पुलिस पहुंचती है तो महिला पुलिस होने पर वह बेहतर ढंग से उस विषय में जानकारी देती है। इसके अलावा बीट की महिला सिपाहियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने-अपने बीट वाले इलाके में महिलाओं को पुलिस सिस्टम, महिला सुरक्षा आदि के प्रति जागरूक करें। बताएं कि किसी भी अपराध पर किस तरह से किन नंबरों पर पुलिस से संपर्क करना है। साथ में हर बीट में महिला पुलिस को महिला मित्र बनाने हैं।

– महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस सिस्टम को मजबूत करने और महिलाओं को पुलिस से संपर्क के लिए जागरूक करने आदि के उद्देश्य से जिले में महिला बीट सिस्टम लागू किया गया है। इसकी शुरुआत के साथ बीट में महिला सिपाही पहुंचकर महिलाओं को जागरूक कर रही हैं।

– कलानिधि नैथानी, एसएसपी

अपराजिता अभियान से जुड़कर भी चलेगा जागरूकता अभियान

एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत भी महिलाओं को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए बीट सिपाहियों की मदद से मोहल्लों में जागरूकता कैंपेन शुरू किया जाएगा। जल्द ही इसका शेड्यूल बनाकर कार्यक्रम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं को पुलिस से जोड़कर उनका मित्र बनाने में और ज्यादा आसानी होगी।

थाना वार ये हैं मोहल्ले और बीट

छर्रा के 62 मोहल्लों में 5 बीट, देहली गेट के 96 में 9, सिविल लाइंस के 102 में 8, दादों के 135 में 3, जवां के 87 में 5, खैर के 151 में 14, पालीमुकीमपुर के 87 में 5, अतरौली के 177 में 3, गोंडा के 133 में 10, हरदुआगंज के 122 में 5, इगलास के 334 में 8, पिसावा के 56 में 4, सासनी गेट के 147 में 8, बरला के 55 में 5, चंडौस के 60 में 4, गांधीपार्क के 104 में 4, लोधा के 73 में 3, बन्नादेवी के 158 में 6, गंगीरी के 84 में 5, रोरावर के 80 में 2, गोधा के 41 में 3, कोतवाली के 91 में 5, क्वार्सी के 151 में 7, मडराक के 34 में 4, टप्पल के 122 में 23, महुआ खेड़ा के 63 में 2, अकराबाद के 125 में 5, गभाना के 73 में 2 और विजयगढ़ के 61 मोहल्लों में 6 बीट बनाई गई हैं।

ये हैं सर्वाधिक बीट वाले थाने

-23 बीट टप्पल थाने में

-14 बीट खैर थाने में

-10 बीट गोंडा थाने में



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Aligarh: : Leopard Reached Class In Chhara, Stampede Among Children, Injured Teenager In Barauli – अलीगढ़: छर्रा में कक्षा में पहुंचा तेंदुआ, बच्चों में मची भगदड़, बरौली में किशोर को किया घायल

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अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:59 AM IST

सार

बुधवार को नगर के बरौली रोड पर स्थित चौधरी निहाल सिंह इंटर कॉलेज में तेंदुआ घुस गया। वह क्लास रूप में पहुंच गया, जिससे वहां पढ़ने गए बच्चों में भगदड़ मच गई। सभी लोग जैसे तैसे बचकर बाहर भागे।

कक्षा में घूमता तेंदुआ
– फोटो : अमर उजाला

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अलीगढ़ के छर्रा कस्बा में तेंदुआ आने से खलबली मच गई है। तेंदुआ एक इंटर कॉलेज की कक्षा में पहुंच गया, जिससे वहां भगदड़ मच गई है। पुलिस और वन विभाग को सूचना भेज दी गई है।

बुधवार को नगर के बरौली रोड पर स्थित चौधरी निहाल सिंह इंटर कॉलेज में तेंदुआ घुस गया। वह क्लास रूप में पहुंच गया, जिससे वहां पढ़ने गए बच्चों में भगदड़ मच गई। सभी लोग जैसे तैसे बचकर बाहर भागे। पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया था लेकिन दो घंटों के बाद भी मौके पर कोई नहीं पहुंचा था।

तेंदुआ ने कक्षा में छात्र पर किया हमला 
इससे पहले बरौली गांव में तेंदुए ने एक स्कूल में घुसकर खगेंद्र सिंह के 15 वर्षीय पुत्र लखीराज पर हमला कर दिया था, जिसमें वह घायल हो गया था। किशोर को कस्बा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। लखिराज अर्द्धवार्षिक परीक्षा देने स्कूल आया था।

विस्तार

अलीगढ़ के छर्रा कस्बा में तेंदुआ आने से खलबली मच गई है। तेंदुआ एक इंटर कॉलेज की कक्षा में पहुंच गया, जिससे वहां भगदड़ मच गई है। पुलिस और वन विभाग को सूचना भेज दी गई है।

बुधवार को नगर के बरौली रोड पर स्थित चौधरी निहाल सिंह इंटर कॉलेज में तेंदुआ घुस गया। वह क्लास रूप में पहुंच गया, जिससे वहां पढ़ने गए बच्चों में भगदड़ मच गई। सभी लोग जैसे तैसे बचकर बाहर भागे। पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया था लेकिन दो घंटों के बाद भी मौके पर कोई नहीं पहुंचा था।



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Aligarh: Junior Doctors On Strike, Normal Patients Being Returned – अलीगढ़ : जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, लौटाए जा रहे सामान्य मरीज

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जेएन मेडिकल में रीजनल डॉक्टरो की हड़ताल के दौरान स्टेचर पर पड़ी महिला। संवाद
– फोटो : CITY OFFICE

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नीट-2021 पीजी काउंसिलिंग में देरी होने पर नाराज जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स (जूनियर) हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे ओपीडी सेवा प्रभावित हुई है। हड़ताल से मरीजों को परेशानी हो रही है। सामान्य रोग वाले मरीज लौटाए जा रहे हैं। हालांकि, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) इंतजामिया का कहना है कि ओपीडी में परामर्शदाताओं की तादाद बढ़ा दी गई है, जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की अपील पर जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया है। हालांकि, वह ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी, वार्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद खलफ सबा ने बताया कि नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हो रही है, इसलिए ओपीडी सेवा से हटने का एलान 27 नवंबर को लिया गया।
काउंसिलिंग न होने से तीन बैच का काम दो बैच के जूनियर डॉक्टर्स को करना पड़ रहा है। मरीजों का इलाज करते-करते जूनियर डॉक्टर्स थक गए हैं। उन्होेंने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द इस दिशा में सोचना चाहिए। उसे गंभीर होना होगा।
डॉ. खलफ ने कहा कि ओपीडी छोड़कर बाकी सेवाएं जारी हैं। उन्हें मरीजों की तकलीफ का अंदाजा है। एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी होने के चलते केंद्रीय एसोसिएशन की अपील पर जूनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं, लेकिन वह इमरजेंसी, ट्रॉमा, वार्ड में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओपीडी में जूनियर डॉक्टर्स के काम न करने पर परामर्शदाताओं की तादाद बढ़ा दी गई है। गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी में चल रहा है। उन्हीं मरीजों को लौटाया जा रहा है, जिन्हें इमरजेंसी की जरूरत नहीं है।

नीट-2021 पीजी काउंसिलिंग में देरी होने पर नाराज जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स (जूनियर) हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे ओपीडी सेवा प्रभावित हुई है। हड़ताल से मरीजों को परेशानी हो रही है। सामान्य रोग वाले मरीज लौटाए जा रहे हैं। हालांकि, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) इंतजामिया का कहना है कि ओपीडी में परामर्शदाताओं की तादाद बढ़ा दी गई है, जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की अपील पर जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया है। हालांकि, वह ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी, वार्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद खलफ सबा ने बताया कि नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हो रही है, इसलिए ओपीडी सेवा से हटने का एलान 27 नवंबर को लिया गया।

काउंसिलिंग न होने से तीन बैच का काम दो बैच के जूनियर डॉक्टर्स को करना पड़ रहा है। मरीजों का इलाज करते-करते जूनियर डॉक्टर्स थक गए हैं। उन्होेंने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द इस दिशा में सोचना चाहिए। उसे गंभीर होना होगा।

डॉ. खलफ ने कहा कि ओपीडी छोड़कर बाकी सेवाएं जारी हैं। उन्हें मरीजों की तकलीफ का अंदाजा है। एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी होने के चलते केंद्रीय एसोसिएशन की अपील पर जूनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं, लेकिन वह इमरजेंसी, ट्रॉमा, वार्ड में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओपीडी में जूनियर डॉक्टर्स के काम न करने पर परामर्शदाताओं की तादाद बढ़ा दी गई है। गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी में चल रहा है। उन्हीं मरीजों को लौटाया जा रहा है, जिन्हें इमरजेंसी की जरूरत नहीं है।



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