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Bku Leaders Distributed Two And A Half Quintals Of Laddus On The Announcement Of Withdrawal Of Agricultural Law – कृषि कानून वापसी के एलान पर भाकियू नेताओं ने बांटे ढाई क्विंटल लड्डू

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कैलसा चौराहे पर मिठाई-खिलाकर खुशी मनाते भाकियू टिकैत के पदाधिकारी।
– फोटो : JPNAGAR

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अमरोहा। तीन नए कृषि कानूनों के वापस होने की घोषणा के बाद भाकियू टिकैत गुट के नेताओं ने कैलसा में लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ब्लाक उपाध्यक्ष योगेश चौधरी के नेतृत्व में तमाम किसान कैलसा में एकत्र हुए और कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा पर हर्ष जताया। कहा कि गुरु पर्व पर तीनों कृषि कानून वापस लेना किसानों की जीत हैै। किसान लंबे समय से इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। अब सरकार से एमएसपी पर वार्ता होगी। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूूनों को वापस लेने में लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। यह लड़ाई पूरे एक साल चली। न जाने कितने किसान शहीद हो गए।
वहीं लखीमपुर कांड भी इसकी ही देन है। जहां पर किसानों के ऊपर एक मंत्री के बेटे ने तानाशाही दिखाते हुए अपनी गाड़ी चढ़ा दी थी। सरकार ने आज तक मंत्री को बर्खास्त नहीं किया है। हालांकि सरकार ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली और दोषियों को जेल भेजा है। अब हमारी मांग है कि सरकार एमएसपी पर लिखित सहमति दे। इसके साथ ही किसानों की अन्य समस्याएं भी शीघ्र पूरी की जाएं। इस दौरान किसान नेताओं ने ढाई क्विंटल लड्डू बांटे। इससे पहले लड्डू खरीदने के गांव में चंदा इकट्ठा किया गया था। इस दौरान मुख्य रूप से महेंद्र सिंह, होमपाल सिंह, तरुण चौधरी, मनोज चौधरी, विपिन चौधरी, निपुण चौधरी, राजेंद्र सिंह, मोहित कुमार, महावीर सिंह, सुशील कुमार, बलवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, महकार सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

कैलसा में कार सवारों को लड्डू बांटते भाकियू टिकैत गुट के नेता।

कैलसा में कार सवारों को लड्डू बांटते भाकियू टिकैत गुट के नेता।– फोटो : JPNAGAR

अमरोहा। तीन नए कृषि कानूनों के वापस होने की घोषणा के बाद भाकियू टिकैत गुट के नेताओं ने कैलसा में लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ब्लाक उपाध्यक्ष योगेश चौधरी के नेतृत्व में तमाम किसान कैलसा में एकत्र हुए और कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा पर हर्ष जताया। कहा कि गुरु पर्व पर तीनों कृषि कानून वापस लेना किसानों की जीत हैै। किसान लंबे समय से इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। अब सरकार से एमएसपी पर वार्ता होगी। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूूनों को वापस लेने में लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। यह लड़ाई पूरे एक साल चली। न जाने कितने किसान शहीद हो गए।

वहीं लखीमपुर कांड भी इसकी ही देन है। जहां पर किसानों के ऊपर एक मंत्री के बेटे ने तानाशाही दिखाते हुए अपनी गाड़ी चढ़ा दी थी। सरकार ने आज तक मंत्री को बर्खास्त नहीं किया है। हालांकि सरकार ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली और दोषियों को जेल भेजा है। अब हमारी मांग है कि सरकार एमएसपी पर लिखित सहमति दे। इसके साथ ही किसानों की अन्य समस्याएं भी शीघ्र पूरी की जाएं। इस दौरान किसान नेताओं ने ढाई क्विंटल लड्डू बांटे। इससे पहले लड्डू खरीदने के गांव में चंदा इकट्ठा किया गया था। इस दौरान मुख्य रूप से महेंद्र सिंह, होमपाल सिंह, तरुण चौधरी, मनोज चौधरी, विपिन चौधरी, निपुण चौधरी, राजेंद्र सिंह, मोहित कुमार, महावीर सिंह, सुशील कुमार, बलवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, महकार सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

कैलसा में कार सवारों को लड्डू बांटते भाकियू टिकैत गुट के नेता।

कैलसा में कार सवारों को लड्डू बांटते भाकियू टिकैत गुट के नेता।– फोटो : JPNAGAR



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Drizzle Increased The Problems Of Farmers Along With The Coolness Of The Weather – मौसम में ठंडक के साथ ही किसानों की परेशानी

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हसनपुर में गुरूवार शाम को बूंदाबांदी में छाता लगाकर गुजरता युवक।
– फोटो : HASANPUR

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गजरौला। हल्की बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक बढ़ गई। जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। ठंड बढ़ने के साथ ही बूंदाबांदी से किसानों के भी चेहरे उतर गए हैं। अगर बारिश हुई तो गेहूं की बुवाई पिछड़ सकती है। जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा।
बीते दो दिन से आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे। मौसम खराब हो गया था। गुरुवार की शाम तीन बजे के बाद गजरौला इलाके में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिसके चलते मौसम में ठंडक बढ़ गई। अब तक गर्म कपड़ों से परहेज कर रहे लोग ठंडक बढ़ने पर घरों में कैद होने लगे। सर्दी से बचने के लिए के लोग गर्म कपड़े पहन कर ही बाहर निकले। उधर हल्की बूंदाबांदी बारिश में बदल गई तो यह किसानों के लिए खासी नुकसानदायक साबित होगी। गेहूं की बुवाई किसान बड़े जोर से कर रहे हैं। अगर बारिश पड़ी तो गेहूं की बुवाई भी पिछड़ सकती है। जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा। मौसम की करवट बदलने से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं किसानों के चेहरे भी उड़े हैं।
इस समय हो रही हल्की बूंदाबांदी किसी फसल को नुकसानदायक नहीं है। हां अगर बारिश हुई और पानी खेत में भरा तो उन किसानों को खासा नुकसान होगा, जो गेहूं बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। इससे गेहूं की बुवाई भी पिछड़ेगी तो पैदावार भी कम होगी।
-अनिल कुमार मिश्र प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र गजरौला।

गजरौला। हल्की बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक बढ़ गई। जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। ठंड बढ़ने के साथ ही बूंदाबांदी से किसानों के भी चेहरे उतर गए हैं। अगर बारिश हुई तो गेहूं की बुवाई पिछड़ सकती है। जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा।

बीते दो दिन से आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे। मौसम खराब हो गया था। गुरुवार की शाम तीन बजे के बाद गजरौला इलाके में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिसके चलते मौसम में ठंडक बढ़ गई। अब तक गर्म कपड़ों से परहेज कर रहे लोग ठंडक बढ़ने पर घरों में कैद होने लगे। सर्दी से बचने के लिए के लोग गर्म कपड़े पहन कर ही बाहर निकले। उधर हल्की बूंदाबांदी बारिश में बदल गई तो यह किसानों के लिए खासी नुकसानदायक साबित होगी। गेहूं की बुवाई किसान बड़े जोर से कर रहे हैं। अगर बारिश पड़ी तो गेहूं की बुवाई भी पिछड़ सकती है। जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा। मौसम की करवट बदलने से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं किसानों के चेहरे भी उड़े हैं।

इस समय हो रही हल्की बूंदाबांदी किसी फसल को नुकसानदायक नहीं है। हां अगर बारिश हुई और पानी खेत में भरा तो उन किसानों को खासा नुकसान होगा, जो गेहूं बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। इससे गेहूं की बुवाई भी पिछड़ेगी तो पैदावार भी कम होगी।

-अनिल कुमार मिश्र प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र गजरौला।



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Bypass Road In Mandi Dhanaura Was Jammed Throughout The Day – मंडी धनौरा में बाईपास मार्ग पर दिन भर लगा रहा जाम

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ब्लाक कार्यालय के निकट बाइपास मार्ग पर लगा जाम
– फोटो : DHANAURA

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मंडी धनौरा। गन्ने से लदे वाहनों की वजह से दोपहर से शाम तक बाईपास मार्ग पर रामलीला मैैदान से तहसील कार्यालय तक जाम लगा रहा। जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के हालात से निपटने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। साप्ताहिक बाजार का दिन होने की वजह से बाईपास मार्ग पर भारी भीड़ रही।
मंगलवार को बाईपास मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ब्लाक कार्यालय के पास चीनी मिल को जाने वाले मार्ग के मोड़ पर गन्ने से लदे ट्रकों की वजह से वाहनों के पहिए एक बार थमे तो वे थमते ही चले गए। वाहनों की भीड़ की वजह से जाम बढ़ता रहा। जाम की हालत यह हो गई कि गोलघर से तहसील कार्यालय तक वाहनों की कतार दिखाई पड़ रही थी। किसी राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने यातायात सुचारु करने का प्रयास किया। लगभग पांच घंटे तक बाईपास मार्ग पर जाम के हालात रहे। दो पहिया वाहनों को भी निकलने में दिक्कत आ रही थी। साप्ताहिक बाजार का दिन होने की वजह से बाईपास मार्ग पर ठेले व फड़ वालों ने भी जाम लगाने में सहयोग किया।

मंडी धनौरा। गन्ने से लदे वाहनों की वजह से दोपहर से शाम तक बाईपास मार्ग पर रामलीला मैैदान से तहसील कार्यालय तक जाम लगा रहा। जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के हालात से निपटने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। साप्ताहिक बाजार का दिन होने की वजह से बाईपास मार्ग पर भारी भीड़ रही।

मंगलवार को बाईपास मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ब्लाक कार्यालय के पास चीनी मिल को जाने वाले मार्ग के मोड़ पर गन्ने से लदे ट्रकों की वजह से वाहनों के पहिए एक बार थमे तो वे थमते ही चले गए। वाहनों की भीड़ की वजह से जाम बढ़ता रहा। जाम की हालत यह हो गई कि गोलघर से तहसील कार्यालय तक वाहनों की कतार दिखाई पड़ रही थी। किसी राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने यातायात सुचारु करने का प्रयास किया। लगभग पांच घंटे तक बाईपास मार्ग पर जाम के हालात रहे। दो पहिया वाहनों को भी निकलने में दिक्कत आ रही थी। साप्ताहिक बाजार का दिन होने की वजह से बाईपास मार्ग पर ठेले व फड़ वालों ने भी जाम लगाने में सहयोग किया।



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Farmers Will Get Direct Benefit Only By Implementation Of Msp: Singh – एमएसपी लागू होने से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ: वीएम सिंह

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अमरोहा विकास भवन में मौजूद कमिश्नर-डीएम और एसपी से वार्ता करते किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध?
– फोटो : JPNAGAR

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अमरोहा। भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि एमएसपी के लिए उनका संगठन 25 वर्षों से ज्यादा समय से लड़ाई लड़ रहा है। सरकार को इस मांग को पूरा करना चाहिए। यह किसानों के हक के लिए है। इससे ही किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मांग पहले पूरी हो गई होती तो तीनों कृषि कानून अपने आप महत्वहीन हो जाते।
सिंह रविवार को विकास भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि कानून रद्द करके बेहतर काम किया है। लेकिन फसलों के लिए एमएसपी लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसपी के लिए संगठन ने पीलीभीत से लड़ाई की शुरुआत की थी। बोले, हम शुरू से मांग कर रहे थे, अब यही मांग किसानों के सभी संगठन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि कानूनों की समाप्ति से कुछ मिला नहीं है। तभी सीधा लाभ मिलेगा जब एमएसपी लागू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में सभी लोगों की सहभागिता रही है। इसके चलते सरकार को झुकना पड़ा है। हालांकि अभी भी समस्या वहीं है, तीनों कानून रद्द हो गए हैं। लेकिन किसानों के हाथ खाली हैं। सरकार को एमएसपी के लिए सहानुुुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए, ताकि किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

अमरोहा। भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि एमएसपी के लिए उनका संगठन 25 वर्षों से ज्यादा समय से लड़ाई लड़ रहा है। सरकार को इस मांग को पूरा करना चाहिए। यह किसानों के हक के लिए है। इससे ही किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मांग पहले पूरी हो गई होती तो तीनों कृषि कानून अपने आप महत्वहीन हो जाते।

सिंह रविवार को विकास भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि कानून रद्द करके बेहतर काम किया है। लेकिन फसलों के लिए एमएसपी लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसपी के लिए संगठन ने पीलीभीत से लड़ाई की शुरुआत की थी। बोले, हम शुरू से मांग कर रहे थे, अब यही मांग किसानों के सभी संगठन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि कानूनों की समाप्ति से कुछ मिला नहीं है। तभी सीधा लाभ मिलेगा जब एमएसपी लागू हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में सभी लोगों की सहभागिता रही है। इसके चलते सरकार को झुकना पड़ा है। हालांकि अभी भी समस्या वहीं है, तीनों कानून रद्द हो गए हैं। लेकिन किसानों के हाथ खाली हैं। सरकार को एमएसपी के लिए सहानुुुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए, ताकि किसानों को सीधा लाभ मिल सके।



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