Connect with us

Saharanpur

Registration Decreased In Up Board, 10889 Students Less Than Last Year – यूपी बोर्ड में घटे पंजीकरण, बीते वर्ष से 10889 विद्यार्थी कम

Published

on


ख़बर सुनें

सहारनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 की तैयारी शुरू कर दी हैं। खास बात यह है कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या 10,889 कम है, जो एक बड़ी संख्या है। इसे लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी चिंतित नजर आ रहे हैं।
वर्ष 2019 में जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए दसवीं और 12वीं में कुल 68,923 विद्यार्थी पंजीकृत थे। अगले ही वर्ष यानी 2020 में दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 73,946 हो गई थी। इनमें दसवीं के 38,812 और 12वीं के 35234 विद्यार्थी शामिल थे। इस बार दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। इस बार दसवीं और 12वीं में 63, 057 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इनमें दसवीं के 34,028 और 12वीं के 29,029 विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले वर्ष की तुलना में दसवीं के पंजीकरण में 4,784 की कमी और 12वीं में 6205 की कमी दर्ज की गई है।
परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी
बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो जनवरी 2022 तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों के लिए इस बार भी संस्थाओं को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। इससे पहले गठित समिति विद्यालयों की जियो मैपिंग करेगी, इससे मानकों का आकलन किया जा सके। जिन भी विद्यालयों के ऑनलाइन आवेदन विभाग को प्राप्त होंगे। उनके आवेदन विभाग की ओर से वेबसाइट पर अप लोड कर दिए जाएंगे।
सुविधा संपन्न कॉलेज ही बनेंगे केंद्र
बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराना सरकार और परिषद की पहली प्राथमिकता है। ऐसे में केंद्र बनाने से पहले आवेदन करने वाले विद्यालयों का भौतिक सत्यापन भी होगा, इसमें कक्षाओं की लंबाई और चौड़ाई। कक्षों में सीसीटीवी और वायस रिकार्डर, चहारदीवारी, केंद्र तक जाने का मार्ग, शौचालय और सुरक्षा की व्यवस्था आदि देखी जाएगी। जो विद्यालय इन शर्तों पर नहीं उतरेंगे वह केंद्र बनने की दौड़ से बाहर होंगे।
माध्यमिक विद्यालयों में दसवीं और 12वीं के पंजीकरण में कमी चिंता का विषय है। कॉलेजों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे पंजीकरण को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा केंद्र निर्धारण नीति जारी हो गई है, जिस पर जल्द काम शुरू होगा। – रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक।

सहारनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 की तैयारी शुरू कर दी हैं। खास बात यह है कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या 10,889 कम है, जो एक बड़ी संख्या है। इसे लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी चिंतित नजर आ रहे हैं।

वर्ष 2019 में जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए दसवीं और 12वीं में कुल 68,923 विद्यार्थी पंजीकृत थे। अगले ही वर्ष यानी 2020 में दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 73,946 हो गई थी। इनमें दसवीं के 38,812 और 12वीं के 35234 विद्यार्थी शामिल थे। इस बार दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। इस बार दसवीं और 12वीं में 63, 057 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इनमें दसवीं के 34,028 और 12वीं के 29,029 विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले वर्ष की तुलना में दसवीं के पंजीकरण में 4,784 की कमी और 12वीं में 6205 की कमी दर्ज की गई है।

परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी

बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो जनवरी 2022 तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों के लिए इस बार भी संस्थाओं को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। इससे पहले गठित समिति विद्यालयों की जियो मैपिंग करेगी, इससे मानकों का आकलन किया जा सके। जिन भी विद्यालयों के ऑनलाइन आवेदन विभाग को प्राप्त होंगे। उनके आवेदन विभाग की ओर से वेबसाइट पर अप लोड कर दिए जाएंगे।

सुविधा संपन्न कॉलेज ही बनेंगे केंद्र

बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराना सरकार और परिषद की पहली प्राथमिकता है। ऐसे में केंद्र बनाने से पहले आवेदन करने वाले विद्यालयों का भौतिक सत्यापन भी होगा, इसमें कक्षाओं की लंबाई और चौड़ाई। कक्षों में सीसीटीवी और वायस रिकार्डर, चहारदीवारी, केंद्र तक जाने का मार्ग, शौचालय और सुरक्षा की व्यवस्था आदि देखी जाएगी। जो विद्यालय इन शर्तों पर नहीं उतरेंगे वह केंद्र बनने की दौड़ से बाहर होंगे।

माध्यमिक विद्यालयों में दसवीं और 12वीं के पंजीकरण में कमी चिंता का विषय है। कॉलेजों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे पंजीकरण को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा केंद्र निर्धारण नीति जारी हो गई है, जिस पर जल्द काम शुरू होगा। – रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक।



Source link

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Saharanpur

Saharanpur News: Cm Yogi Gave A Big Gift To The Youth And Attacked The Riot-migration Issue – नया अंदाज: …जब युवाओं के लिए बड़ा तोहफा लेकर आए योगी, खूब किया दंगे-पलायन मुद्दे पर वार, मंच से दिया ये बड़ा संदेश

Published

on

By


चंद्रशेखर शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:30 AM IST

सार

सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को सहारनपुर में युवाओं के लिए बड़ा तोहफा लेकर आए। इस दौरान उन्होंने दंगा और पलायन मुद्दे व माफिया पर खूब वार किया। इस दौरान उन्होंने मंच से एक बड़ा संदेश भी दिया।

मंच से बोलते सीएम योगी।
– फोटो : amar ujala

ख़बर सुनें

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के शिलान्यास के बहाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी ने उच्च शिक्षा, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं का जिक्र कर वेस्ट यूपी के युवाओं को साधने की कोशिश की। शिक्षा और सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को भी लुभाने का प्रयास किया। वहीं, व्यापारी, किसान, मजदूर सहित अन्य लोगों को पिछली सरकारों में दंगे, पलायन, माफिया और गुंडागर्दी का डर दिखाया गया। यह जताने की कोशिश की गई कि फिर से भाजपा को सत्ता सौंपकर ही आम जनमानस को सुरक्षित माहौल मिल सकता है।

नवंबर माह में ही सीएम योगी ने मेरठ में खेल विश्वविद्यालय में हुए समारोह में पैरालंपिक विजेताओं को सम्मानित किया था। इस समारोह में योगी ने खेल और खिलाड़ी पर अधिक फोकस रखा, मगर यहां उनका अंदाज बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने शिक्षा से ज्यादा कैराना, कांधला के पलायन, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और बरेली में दंगे और माफिया का कई बार जिक्र किया। अमित शाह और योगी दोनों ने भाजपा सरकार में अपराधियों पर शिकंजे के दावे पेश किए।

वेस्ट यूपी को साधने के लिए गन्ना भुगतान का सहारा

कृषि कानून और किसान आंदोलन का जिक्र तो दोनों नेताओं ने नहीं किया, लेकिन वेस्ट यूपी में किसान, जाट, गुर्जर और मुस्लिम के बड़े वर्ग तक संदेश पहुंचाने के लिए गन्ना भुगतान और चीनी मिलों के संचालन के दावे किए गए। दरअसल, वेस्ट यूपी के अधिकतर किसान गन्ना उत्पादक हैं और वे चुनाव में किसी भी दल की जीत या हार में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वहीं, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के पुराने फॉर्मूले के अनुरूप अयोध्या, श्रीराम, काशी तक के बारे में संबोधन हुआ।

यह भी पढ़ें: व्यापारी की मौत का मामला: तेजी से वायरल हो रहा ऑडियो, बहनोई ने पत्नी को लेकर खोला ये बड़ा राज

युवा और महिलाएं अधिक, किसान दिखे कम

पहले योगी की तारीफ और फिर मांगा आशीर्वाद

अमित शाह ने यूपी के लिए योगी को ही सबसे बेहतर बताया और कई बार उनकी तारीफ भी की। बाद में सिर झुकाकर कहा कि इस बार भी अपना आशीर्वाद दें और 300 से अधिक सीट दिलवाएं।

विस्तार

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के शिलान्यास के बहाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी ने उच्च शिक्षा, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं का जिक्र कर वेस्ट यूपी के युवाओं को साधने की कोशिश की। शिक्षा और सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को भी लुभाने का प्रयास किया। वहीं, व्यापारी, किसान, मजदूर सहित अन्य लोगों को पिछली सरकारों में दंगे, पलायन, माफिया और गुंडागर्दी का डर दिखाया गया। यह जताने की कोशिश की गई कि फिर से भाजपा को सत्ता सौंपकर ही आम जनमानस को सुरक्षित माहौल मिल सकता है।

नवंबर माह में ही सीएम योगी ने मेरठ में खेल विश्वविद्यालय में हुए समारोह में पैरालंपिक विजेताओं को सम्मानित किया था। इस समारोह में योगी ने खेल और खिलाड़ी पर अधिक फोकस रखा, मगर यहां उनका अंदाज बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने शिक्षा से ज्यादा कैराना, कांधला के पलायन, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और बरेली में दंगे और माफिया का कई बार जिक्र किया। अमित शाह और योगी दोनों ने भाजपा सरकार में अपराधियों पर शिकंजे के दावे पेश किए।

वेस्ट यूपी को साधने के लिए गन्ना भुगतान का सहारा

कृषि कानून और किसान आंदोलन का जिक्र तो दोनों नेताओं ने नहीं किया, लेकिन वेस्ट यूपी में किसान, जाट, गुर्जर और मुस्लिम के बड़े वर्ग तक संदेश पहुंचाने के लिए गन्ना भुगतान और चीनी मिलों के संचालन के दावे किए गए। दरअसल, वेस्ट यूपी के अधिकतर किसान गन्ना उत्पादक हैं और वे चुनाव में किसी भी दल की जीत या हार में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वहीं, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के पुराने फॉर्मूले के अनुरूप अयोध्या, श्रीराम, काशी तक के बारे में संबोधन हुआ।

यह भी पढ़ें: व्यापारी की मौत का मामला: तेजी से वायरल हो रहा ऑडियो, बहनोई ने पत्नी को लेकर खोला ये बड़ा राज

युवा और महिलाएं अधिक, किसान दिखे कम

पहले योगी की तारीफ और फिर मांगा आशीर्वाद

अमित शाह ने यूपी के लिए योगी को ही सबसे बेहतर बताया और कई बार उनकी तारीफ भी की। बाद में सिर झुकाकर कहा कि इस बार भी अपना आशीर्वाद दें और 300 से अधिक सीट दिलवाएं।



Source link

Continue Reading

Saharanpur

Corporation Is Not Taking Possession Of Its Crores Of Land – निगम क्यों नहीं ले रहा अपनी करोड़ों की भूमि पर कब्जा

Published

on

By


ख़बर सुनें

सहारनपुर। नगर निगम करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा लेने से कदम पीछे खींच रहा है। शहर के बीचोबीच स्थित यह जमीन करीब दस बीघा है। जिलाधिकारी ने डेढ़ माह पहले नगरायुक्त को पत्र लिखकर संपत्ति से एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम के अधिकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर टालमटोल वाला रवैया अपना रहे हैं। ऐसे में नगर निगम बोर्ड और निगम अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
भूमि पुल खुमरान के नजदीक हजीरा सराय में है, जिसका मामला करीब डेढ़ वर्ष पहले महापौर संजीव वालिया के समक्ष आया। महापौर द्वारा अधिकारियों से भूमि की जांच कराई गई तो बैनामा नगर निगम के नाम पाया गया। जब नगर निगम ने इस पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भूमि पर अपना हक जता दिया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त के पास पहुंचा, जिन्होंने जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने एसडीएम सदर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराई। एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त संपत्ति को वर्ष 1995 के बाद वक्फ संख्या 407 के रूप में अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जबकि नगर निगम सहारनपुर के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि के मूल मालिकान द्वारा इस भूमि का बैनामा पूर्व में ही म्यूनिसिपल बोर्ड सहारनपुर के पक्ष में हस्तांतरित की जा चुकी थी। वक्फ अधिनियम के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संपत्ति पर वक्फ कायम नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने अपनी जांच में यह भी लिखा था कि उक्त भूमि पर 1992 से मीट बाजार स्थापित है, जिस पर नगर निगम सहारनपुर का ही मालिकाना हक व कब्जा है। ऐसे में उक्त संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्तूबर 2021 को नगरायुक्त को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। मगर नगर निगम अभी तक भी भूमि से कब्जा नहीं हटा सका है।
कोर्ट खारिज कर चुकी है याचिका
वक्फ बोर्ड के सदस्य मामले को लेकर हाईकोर्ट भी गए थे। करीब 20 दिन पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की है। इसके बाद से नगर निगम का संपत्ति पर दावा और मजबूत हुआ है। निगम कब्जा लेने में लापरवाही बरत रहा है।
वक्फ बोर्ड की है संपत्ति : सचिव
वक्फ बोर्ड के सचिव शाहिद मंसूरी का दावा है कि उक्त संपत्ति 1906 से वक्फ बोर्ड के नाम चढ़ी हुई है। बोर्ड ने 1932 से 1942 तक उक्त संपत्ति म्यूनिसिपल को किराए पर दी थी, जिसकी रसीद हमारे पास उपलब्ध हैं। संपत्ति को लेकर नगर निगम का दावा पूरी तरह गलत है। हाईकोर्ट ने हमारी याचिका यह कहते हुए खारिज की है कि यह निगम और वक्फ बोर्ड का निजी मामला है।
हजीरा सराय में नगर निगम की संपत्ति को लेकर हमारी मंशा पूरी तरह साफ है। हम उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए कब्जा लेंगे। पिछले दिनों बैठक में पार्षदों ने एक सप्ताह का समय मांगा था, जिनके आग्रह पर निगम ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। मगर नगर निगम जल्द ही कब्जा लेगा।
संजीव वालिया, महापौर।

सहारनपुर। नगर निगम करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा लेने से कदम पीछे खींच रहा है। शहर के बीचोबीच स्थित यह जमीन करीब दस बीघा है। जिलाधिकारी ने डेढ़ माह पहले नगरायुक्त को पत्र लिखकर संपत्ति से एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम के अधिकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर टालमटोल वाला रवैया अपना रहे हैं। ऐसे में नगर निगम बोर्ड और निगम अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।

भूमि पुल खुमरान के नजदीक हजीरा सराय में है, जिसका मामला करीब डेढ़ वर्ष पहले महापौर संजीव वालिया के समक्ष आया। महापौर द्वारा अधिकारियों से भूमि की जांच कराई गई तो बैनामा नगर निगम के नाम पाया गया। जब नगर निगम ने इस पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भूमि पर अपना हक जता दिया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त के पास पहुंचा, जिन्होंने जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने एसडीएम सदर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराई। एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त संपत्ति को वर्ष 1995 के बाद वक्फ संख्या 407 के रूप में अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जबकि नगर निगम सहारनपुर के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि के मूल मालिकान द्वारा इस भूमि का बैनामा पूर्व में ही म्यूनिसिपल बोर्ड सहारनपुर के पक्ष में हस्तांतरित की जा चुकी थी। वक्फ अधिनियम के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संपत्ति पर वक्फ कायम नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने अपनी जांच में यह भी लिखा था कि उक्त भूमि पर 1992 से मीट बाजार स्थापित है, जिस पर नगर निगम सहारनपुर का ही मालिकाना हक व कब्जा है। ऐसे में उक्त संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्तूबर 2021 को नगरायुक्त को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। मगर नगर निगम अभी तक भी भूमि से कब्जा नहीं हटा सका है।

कोर्ट खारिज कर चुकी है याचिका

वक्फ बोर्ड के सदस्य मामले को लेकर हाईकोर्ट भी गए थे। करीब 20 दिन पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की है। इसके बाद से नगर निगम का संपत्ति पर दावा और मजबूत हुआ है। निगम कब्जा लेने में लापरवाही बरत रहा है।

वक्फ बोर्ड की है संपत्ति : सचिव

वक्फ बोर्ड के सचिव शाहिद मंसूरी का दावा है कि उक्त संपत्ति 1906 से वक्फ बोर्ड के नाम चढ़ी हुई है। बोर्ड ने 1932 से 1942 तक उक्त संपत्ति म्यूनिसिपल को किराए पर दी थी, जिसकी रसीद हमारे पास उपलब्ध हैं। संपत्ति को लेकर नगर निगम का दावा पूरी तरह गलत है। हाईकोर्ट ने हमारी याचिका यह कहते हुए खारिज की है कि यह निगम और वक्फ बोर्ड का निजी मामला है।

हजीरा सराय में नगर निगम की संपत्ति को लेकर हमारी मंशा पूरी तरह साफ है। हम उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए कब्जा लेंगे। पिछले दिनों बैठक में पार्षदों ने एक सप्ताह का समय मांगा था, जिनके आग्रह पर निगम ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। मगर नगर निगम जल्द ही कब्जा लेगा।

संजीव वालिया, महापौर।



Source link

Continue Reading

Saharanpur

Officials Took Stock Of The Preparations For The Program – अधिकारियों ने किया कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा

Published

on

By


ख़बर सुनें

सहारनपुर। अधिकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिसंबर को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंच, पार्किंग स्थल और हैलीपेड स्थल बनाने की तैयारियों का निरीक्षण कर आवश्यक ेनिर्देश दिए।
पुंवारका में राजकीय विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिसंबर को आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके साथ ही एक जनसभा भी होनी है। इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को मंडलायुक्त लोकेश एम, पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. प्रीतिंदर सिंह, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और एसपी सिटी राजेश कुमार आदि अधिकारियों ने पुंवारका स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां बन रहे मंच, पार्किंग स्थल और मंच के पीछे बनने वाले तीन हैलीपेड की तैयारियों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने जनसभा स्थल पर बन रहे मंच का भी निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारी संबंधी निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक नगर राजेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर तीन हैलीपेड बनाए जाएंगे। इसकी तैयारियां चल रही हैं। हैलीपैड मंच के पीछे बनाए जाएंगे। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉक्टर अर्चना द्विवेदी, उप जिलाधिकारी सदर किंशुक श्रीवास्तव, एआरअीओ रामप्रकाश मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सनत गुप्तऋषि सहित अन्य मौजूद रहे।

सहारनपुर। अधिकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिसंबर को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंच, पार्किंग स्थल और हैलीपेड स्थल बनाने की तैयारियों का निरीक्षण कर आवश्यक ेनिर्देश दिए।

पुंवारका में राजकीय विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिसंबर को आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके साथ ही एक जनसभा भी होनी है। इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को मंडलायुक्त लोकेश एम, पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. प्रीतिंदर सिंह, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और एसपी सिटी राजेश कुमार आदि अधिकारियों ने पुंवारका स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां बन रहे मंच, पार्किंग स्थल और मंच के पीछे बनने वाले तीन हैलीपेड की तैयारियों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने जनसभा स्थल पर बन रहे मंच का भी निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारी संबंधी निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक नगर राजेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर तीन हैलीपेड बनाए जाएंगे। इसकी तैयारियां चल रही हैं। हैलीपैड मंच के पीछे बनाए जाएंगे। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉक्टर अर्चना द्विवेदी, उप जिलाधिकारी सदर किंशुक श्रीवास्तव, एआरअीओ रामप्रकाश मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सनत गुप्तऋषि सहित अन्य मौजूद रहे।



Source link

Continue Reading

Trending