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Moradabad

The Dream Of Smart City Was Shown To The Citizens, But Not Fulfilled – शहरवासियों को दिखाया स्मार्ट सिटी का सपना, लेकिन नहीं हुआ पूरा

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मुरादाबाद। बीते तीन सालों से शहर को स्मार्ट बनाने के ढिढोरे पीटे जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इतर है। बीते एक साल से शहर के लोगों को सोलर बेस वाटर एटीएम, सोलर बेस्ट स्मार्ट टॉयलेट, पार्कों के सुंदरीकरण, सरकारी भवनों पर सोलर रूप टॉप, स्मार्ट सड़कों तथा प्रदूषण नियंत्रण मापक यंत्रों की स्थापना, इलेक्ट्रिक बसों के जल्द संचालन आदि के दावे निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि करते रहे हैं। नगर विकास मंत्री के मार्च माह में यहां आने के बाद स्मार्ट सिटी पर की गई चर्चा के बाद शहर के लोगों की उम्मीदें और बढ़ी, लेकिन इनमें से अभी तक लगभग सभी कार्य धरातल पर शहरवासियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं।
वर्ष 2018 में नगर निगम को स्मार्ट सिटी में शामिल किए जाने के बाद लोगों को शहर की सूरत बदलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि शुरू के करीब दो साल तक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। इसके बाद कार्रवाई कुछ तेज हुई और अधिकारी करीब 807 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाएं स्वीकृत कराने में भी कामयाब हो गए। निगम के पार्षदों से लेकर कमिश्नर तक के साथ हुई बैठक में शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से काम होने के दावे और वादे किए जाते रहे। प्रोजेक्टर के माध्यम से यह भी दिखाया गया कि अपना शहर की तस्वीर बदली तो शहर कैसा दिखेगा। हालांकि काफी प्रयास के बाद शहर के स्कूलों को स्मार्ट में बदले जाने का एक मात्र कार्य ऐसा है, जिसे शहर में कुछ बदलाव के रूप में लोग देख रहे हैं। हालांकि इस अवधि में दो अन्य प्रोजेक्ट शहर के 20 स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगाए जाने तथा करियर मित्र भी पूरा हुआ है।
निगम अधिकारी समय-समय पर शहर के 20 स्थानों पर सोलर बेस्ड वाटर एटीएम लगाने, शहर के 17 स्थानों पर जल्द ही स्मार्ट टॉयलेटों को निर्माण कराने, इलेक्ट्रिक बसें चलाने, शहर की सड़कों को सुंदर वाईफाई सुविधा आदि का कार्य जल्द पूरा होने का दावा करते रहे हैं। यही नहीं सोलर बेस्ड वाटर एटीएम का कार्य अक्तूबर के अंत तक पूरा कर लेने का दावा करते हुए इसके लिए दो अक्तूबर को भूूमि पूजन कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी थी, लेकिन कतिपय कारणों से न सिर्फ भूमि पूजन का वह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा, बल्कि अभी तक शहर के लोगों को एक भी वाटर एटीएम नसीब नहीं हो सका है। कमोवेश यही स्थिति स्मार्ट टॉयलेट समेत अन्य कार्यों की है।
एकल विंडो सिस्टम भी नहीं हो रहा चालू
मुरादाबाद। टाउन हाल स्थित नगर निगम कार्यालय की पीछे की बिल्डिंग में नगर आयुक्त ने शहर के नागरिकों को विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने में किसी तरह की कोई दिक्कत आदि से लेकर नगर निगम की अन्य सेवाओं से संबंधित सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए एकल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी अक्तूबर में शुरू कर देने का दावा किया था। बिल्डिंग में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण भी की जा चुकी हैं। वहां मिलने वाली सुविधाओं व उसके लिए निर्धारित शुक्ल का बोर्ड भी टंग गया है, लेकिन अभी तक उसे सुचारु नहीं किया जा सका है।
शहर में वाटर एटीएम की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। कुछ स्थानों पर इसका कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है, जल्द ही अन्य स्थानों पर भी इसका कार्य पूरा हो जाएगा। स्मार्ट सिटी से संबंधित अन्य कार्यों में भी तेज गति से कार्य किया जा रहा है। तीन-चार कार्यों का एक साथ उद्घाटन कार्यक्रम तय किया जाएगा। जल्द ही शहर के लोगों को स्मार्ट सिटी के कार्य दिखाई भी देने लगेंगे।
नगर आयुक्त, संजय चौहान
शहर के 20 स्थानों 2.91 करोड़ रुपये की लागत से सोलर बेस्ड वाटर एटीएम लगाने, 14.40 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 17 स्थानों पर स्मार्ट टॉयलेटों निर्माण का कार्य चल रहा है। दस स्थानों पर वाटर एटीएम की स्थापना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। नौ स्थानों पर स्मार्ट टॉयलेट का काम पूर्ण हो चुका है। 31 दिसंबर से पूर्व यह कार्य पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य है।
अनिल कुमार मित्तल, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी

मुरादाबाद। बीते तीन सालों से शहर को स्मार्ट बनाने के ढिढोरे पीटे जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इतर है। बीते एक साल से शहर के लोगों को सोलर बेस वाटर एटीएम, सोलर बेस्ट स्मार्ट टॉयलेट, पार्कों के सुंदरीकरण, सरकारी भवनों पर सोलर रूप टॉप, स्मार्ट सड़कों तथा प्रदूषण नियंत्रण मापक यंत्रों की स्थापना, इलेक्ट्रिक बसों के जल्द संचालन आदि के दावे निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि करते रहे हैं। नगर विकास मंत्री के मार्च माह में यहां आने के बाद स्मार्ट सिटी पर की गई चर्चा के बाद शहर के लोगों की उम्मीदें और बढ़ी, लेकिन इनमें से अभी तक लगभग सभी कार्य धरातल पर शहरवासियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं।

वर्ष 2018 में नगर निगम को स्मार्ट सिटी में शामिल किए जाने के बाद लोगों को शहर की सूरत बदलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि शुरू के करीब दो साल तक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। इसके बाद कार्रवाई कुछ तेज हुई और अधिकारी करीब 807 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाएं स्वीकृत कराने में भी कामयाब हो गए। निगम के पार्षदों से लेकर कमिश्नर तक के साथ हुई बैठक में शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से काम होने के दावे और वादे किए जाते रहे। प्रोजेक्टर के माध्यम से यह भी दिखाया गया कि अपना शहर की तस्वीर बदली तो शहर कैसा दिखेगा। हालांकि काफी प्रयास के बाद शहर के स्कूलों को स्मार्ट में बदले जाने का एक मात्र कार्य ऐसा है, जिसे शहर में कुछ बदलाव के रूप में लोग देख रहे हैं। हालांकि इस अवधि में दो अन्य प्रोजेक्ट शहर के 20 स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगाए जाने तथा करियर मित्र भी पूरा हुआ है।

निगम अधिकारी समय-समय पर शहर के 20 स्थानों पर सोलर बेस्ड वाटर एटीएम लगाने, शहर के 17 स्थानों पर जल्द ही स्मार्ट टॉयलेटों को निर्माण कराने, इलेक्ट्रिक बसें चलाने, शहर की सड़कों को सुंदर वाईफाई सुविधा आदि का कार्य जल्द पूरा होने का दावा करते रहे हैं। यही नहीं सोलर बेस्ड वाटर एटीएम का कार्य अक्तूबर के अंत तक पूरा कर लेने का दावा करते हुए इसके लिए दो अक्तूबर को भूूमि पूजन कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी थी, लेकिन कतिपय कारणों से न सिर्फ भूमि पूजन का वह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा, बल्कि अभी तक शहर के लोगों को एक भी वाटर एटीएम नसीब नहीं हो सका है। कमोवेश यही स्थिति स्मार्ट टॉयलेट समेत अन्य कार्यों की है।

एकल विंडो सिस्टम भी नहीं हो रहा चालू

मुरादाबाद। टाउन हाल स्थित नगर निगम कार्यालय की पीछे की बिल्डिंग में नगर आयुक्त ने शहर के नागरिकों को विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने में किसी तरह की कोई दिक्कत आदि से लेकर नगर निगम की अन्य सेवाओं से संबंधित सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए एकल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी अक्तूबर में शुरू कर देने का दावा किया था। बिल्डिंग में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण भी की जा चुकी हैं। वहां मिलने वाली सुविधाओं व उसके लिए निर्धारित शुक्ल का बोर्ड भी टंग गया है, लेकिन अभी तक उसे सुचारु नहीं किया जा सका है।

शहर में वाटर एटीएम की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। कुछ स्थानों पर इसका कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है, जल्द ही अन्य स्थानों पर भी इसका कार्य पूरा हो जाएगा। स्मार्ट सिटी से संबंधित अन्य कार्यों में भी तेज गति से कार्य किया जा रहा है। तीन-चार कार्यों का एक साथ उद्घाटन कार्यक्रम तय किया जाएगा। जल्द ही शहर के लोगों को स्मार्ट सिटी के कार्य दिखाई भी देने लगेंगे।

नगर आयुक्त, संजय चौहान

शहर के 20 स्थानों 2.91 करोड़ रुपये की लागत से सोलर बेस्ड वाटर एटीएम लगाने, 14.40 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 17 स्थानों पर स्मार्ट टॉयलेटों निर्माण का कार्य चल रहा है। दस स्थानों पर वाटर एटीएम की स्थापना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। नौ स्थानों पर स्मार्ट टॉयलेट का काम पूर्ण हो चुका है। 31 दिसंबर से पूर्व यह कार्य पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य है।

अनिल कुमार मित्तल, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी



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The City Grew On Rampur-kanth Road, No Government Facilities – रामपुर-कांठ रोड पर शहर तो बढ़ा, सरकारी सुविधाएं नहीं

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मुरादाबाद। कहानी एक जैसी है हमारी भी तुम्हारी भी, भंवर में नाव अब भी है हमारी भी, तुम्हारी भी बदलनी चाहिए, जितनी भले उतनी नहीं बदली, मगर तस्वीर बदली है हमारी भी तुम्हारी भी। पूर्वांचल के कवि राजगोपाल सिंह की ये पंक्तियाँ मौजूदा समय में मुरादाबाद शहर के लिए लगभग सटीक बैठती हैं। शहर रामपुर रोड और कांठ रोड पर तेजी के साथ बढ़ा है। कांठ रोड पर हालांकि विकास भी कुछ अधिक हुआ है, लेकिन अगर समस्याओं और खास कर सरकारी चिकित्सा, शिक्षा व अन्य सुविधाओं की बात करें, तो रामपुर रोड पर बनी एकता विहार कॉलोनी और काठ रोड पर बनी प्रेमनगर कॉलोनी की स्थिति में कोई खास फर्क नहीं कहा जा सकता।
शहर बढ़ा है, तो सुविधाओं के साथ यहां के बाशिंदों की अपेक्षाएं भी बढ़ीं हैं। लोकोशेड पुल चालू हो जाने से दिल्ली रोड पर अक्सर लगने वाले जाम से शहर के लोगों को काफी हद तक मुक्तिमिली है और सोनकपुर ओवरब्रिज चालू हो जाने के बाद इस संबंध में और भी सुधार होने की उम्मीद शहर के लोगों को है। करीब दो दशक पहले रामपुर रोड पर बसी एकता विहार कॉलोनी में रहने वाले लोग अभी भी कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लंबे समय तक इस इलाके में रहने वाले लोग रेलवे लाइन क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने के कारण लगने वाले जाम की परेशानी झेलते रहे, जैसे-जैसे रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर बना तो अब रामपुर दोराहा से जीरो प्वाइंट तक खराब सड़क की समस्या सालों से झेल रहे हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और जल निकासी की दिक्कत
बीस साल पहले जब एमडीए ने एकता विहार कॉलोनी बसाई थी, तब यहां बहुत कम लोग रहते थे। अब आबादी बढ़ी है, लेकिन कॉलोनी की दशा पहले से और अधिक खराब हुई है। दो दशक पहले निर्मित नाले, नालियों के चोक रहने से जलनिकासी की समस्या बनी रहती है। इससे मकानों में सीलन की समस्या रहती है। सड़कें उखड़ी हैं। उससे धूल का गुबार उठता रहता है। सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को दस-बारह किमी दूर सिविल लाइन जाना पड़ता है। तीन किमी दूर ताजपुर में जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है वहां डाक्टर नहीं बैठते। सरकारी स्कूल भी आसपास के गांवों में ही हैं।
फिरोज खान, एकता विहार
लगता ही नहीं शहर में रहते हैं
एकता विहार कॉलोनी कहने को तो शहर की पॉश कालोनियों में शुमार है, लेकिन सुविधाएं वहां गांव से भी बदतर हैं। एक डाकखाना तक वहां नहीं है। इसके लिए करीब तीन किमी दूर पास के एक गांव में लोगों को जाना पड़ता है अथवा करीब दस किमी दूर शहर में। सबसे अधिक दशा सड़क की खराब है। सभी अधिकारियों की जानकारी में भी है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सरकारी आदेश के बाद लोगों में कुछ उम्मीद जगी थी। इसके बाद भी सड़कों की दशा में सुधार नहीं हो सका है।
अब्दुल रहमान, एकता विहार
कांठ रोड: सरकारी अस्पताल की जरूरत
काँठ रोड पर शहर ने काफी विस्तार किया है। लेकिन अनुपातिक रूप से सुविधाओं का विस्तार उतना नहीं हो सका। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थान तो प्रचुर मात्रा में स्थापित हैं, किन्तु सरकारी संस्थान नहीं हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को संकट का सामना करना पड़ता है। कांठ रोड पर लाखों की संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए यहां एक बड़े सरकारी अस्पताल और विद्यालय की जरूरत है। इसके अलावा हरथला में लगातार रहने वाले जाम से मुक्ति के लिए फ्लाईओवर की भी जरूरत है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
– योगेंद्र वर्मा व्योम, साहित्यकार

मुरादाबाद। कहानी एक जैसी है हमारी भी तुम्हारी भी, भंवर में नाव अब भी है हमारी भी, तुम्हारी भी बदलनी चाहिए, जितनी भले उतनी नहीं बदली, मगर तस्वीर बदली है हमारी भी तुम्हारी भी। पूर्वांचल के कवि राजगोपाल सिंह की ये पंक्तियाँ मौजूदा समय में मुरादाबाद शहर के लिए लगभग सटीक बैठती हैं। शहर रामपुर रोड और कांठ रोड पर तेजी के साथ बढ़ा है। कांठ रोड पर हालांकि विकास भी कुछ अधिक हुआ है, लेकिन अगर समस्याओं और खास कर सरकारी चिकित्सा, शिक्षा व अन्य सुविधाओं की बात करें, तो रामपुर रोड पर बनी एकता विहार कॉलोनी और काठ रोड पर बनी प्रेमनगर कॉलोनी की स्थिति में कोई खास फर्क नहीं कहा जा सकता।

शहर बढ़ा है, तो सुविधाओं के साथ यहां के बाशिंदों की अपेक्षाएं भी बढ़ीं हैं। लोकोशेड पुल चालू हो जाने से दिल्ली रोड पर अक्सर लगने वाले जाम से शहर के लोगों को काफी हद तक मुक्तिमिली है और सोनकपुर ओवरब्रिज चालू हो जाने के बाद इस संबंध में और भी सुधार होने की उम्मीद शहर के लोगों को है। करीब दो दशक पहले रामपुर रोड पर बसी एकता विहार कॉलोनी में रहने वाले लोग अभी भी कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लंबे समय तक इस इलाके में रहने वाले लोग रेलवे लाइन क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने के कारण लगने वाले जाम की परेशानी झेलते रहे, जैसे-जैसे रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर बना तो अब रामपुर दोराहा से जीरो प्वाइंट तक खराब सड़क की समस्या सालों से झेल रहे हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और जल निकासी की दिक्कत

बीस साल पहले जब एमडीए ने एकता विहार कॉलोनी बसाई थी, तब यहां बहुत कम लोग रहते थे। अब आबादी बढ़ी है, लेकिन कॉलोनी की दशा पहले से और अधिक खराब हुई है। दो दशक पहले निर्मित नाले, नालियों के चोक रहने से जलनिकासी की समस्या बनी रहती है। इससे मकानों में सीलन की समस्या रहती है। सड़कें उखड़ी हैं। उससे धूल का गुबार उठता रहता है। सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को दस-बारह किमी दूर सिविल लाइन जाना पड़ता है। तीन किमी दूर ताजपुर में जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है वहां डाक्टर नहीं बैठते। सरकारी स्कूल भी आसपास के गांवों में ही हैं।

फिरोज खान, एकता विहार

लगता ही नहीं शहर में रहते हैं

एकता विहार कॉलोनी कहने को तो शहर की पॉश कालोनियों में शुमार है, लेकिन सुविधाएं वहां गांव से भी बदतर हैं। एक डाकखाना तक वहां नहीं है। इसके लिए करीब तीन किमी दूर पास के एक गांव में लोगों को जाना पड़ता है अथवा करीब दस किमी दूर शहर में। सबसे अधिक दशा सड़क की खराब है। सभी अधिकारियों की जानकारी में भी है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सरकारी आदेश के बाद लोगों में कुछ उम्मीद जगी थी। इसके बाद भी सड़कों की दशा में सुधार नहीं हो सका है।

अब्दुल रहमान, एकता विहार

कांठ रोड: सरकारी अस्पताल की जरूरत

काँठ रोड पर शहर ने काफी विस्तार किया है। लेकिन अनुपातिक रूप से सुविधाओं का विस्तार उतना नहीं हो सका। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थान तो प्रचुर मात्रा में स्थापित हैं, किन्तु सरकारी संस्थान नहीं हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को संकट का सामना करना पड़ता है। कांठ रोड पर लाखों की संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए यहां एक बड़े सरकारी अस्पताल और विद्यालय की जरूरत है। इसके अलावा हरथला में लगातार रहने वाले जाम से मुक्ति के लिए फ्लाईओवर की भी जरूरत है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।

– योगेंद्र वर्मा व्योम, साहित्यकार



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Contract Workers Boycott Work, Vaccination Stalled At 23 Centers – संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया, 23 केंद्रों पर टीकाकरण ठप

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मुरादाबाद। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। इसके चलते शहर के 23 केंद्रों पर टीकाकरण ठप रहा। जिले में टीकाकरण के एक सौ से अधिक सत्र प्रभावित रहे। इससे टीकाकरण में गिरावट आ गई।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ मुरादाबाद शाखा के जिलाध्यक्ष अजीर्जुरहमान ने कहा कि पिछले दो साल से एनएचएम संविदा कर्मी कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी और टीकाकरण में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान संविदा कर्मियों से प्रत्येक राजकीय व साप्ताहिक अवकाशों में भी काम लिया जा रहा है। महामंत्री विपिन भट्ट ने कहा कि जुलाई में संगठन प्रतिनिधिमंडल से अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से हुई वार्ता में तीन मांगों को पूरा किए जाने की सहमति बनी थी। दो मांगों पर तीन माह भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। इस दौरान संरक्षक डॉ. वकील अहमद, डॉ. संजीव, डॉ. पूनम शर्मा, कौशल यादव, अनुराग चौधरी, कंचन शर्मा, संगीता, नाजरीन, प्रीति, राहुल, सोमेंद्र सिंह, फुरकान अहमद, वंदना गौरव, अमित मौर्या, महेंद्र, दीक्षा शर्मा, अफजाल अहमद आदि मौजूद रहे।
शहर में इन केंद्रों पर ही लगा टीका
जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मैथोडिस्ट कॉलेज, रेलवे अस्पताल, अरबन पीएचसी हरथला, टाउनहॉल, नवाबपुरा।
वार्ता हुई नहीं निकला हल
मुरादाबाद। सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण प्रभावित हुआ है। एडीएम सिटी और एसपी सिटी की मौजूदगी में संविदाकर्मियों से वार्ता की गई। हालांकि अभी हल नहीं निकल सका है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार
मुरादाबाद। महामंत्री विपिन भट्ट ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बुधवार को भी कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।

मुरादाबाद। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। इसके चलते शहर के 23 केंद्रों पर टीकाकरण ठप रहा। जिले में टीकाकरण के एक सौ से अधिक सत्र प्रभावित रहे। इससे टीकाकरण में गिरावट आ गई।

उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ मुरादाबाद शाखा के जिलाध्यक्ष अजीर्जुरहमान ने कहा कि पिछले दो साल से एनएचएम संविदा कर्मी कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी और टीकाकरण में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान संविदा कर्मियों से प्रत्येक राजकीय व साप्ताहिक अवकाशों में भी काम लिया जा रहा है। महामंत्री विपिन भट्ट ने कहा कि जुलाई में संगठन प्रतिनिधिमंडल से अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से हुई वार्ता में तीन मांगों को पूरा किए जाने की सहमति बनी थी। दो मांगों पर तीन माह भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। इस दौरान संरक्षक डॉ. वकील अहमद, डॉ. संजीव, डॉ. पूनम शर्मा, कौशल यादव, अनुराग चौधरी, कंचन शर्मा, संगीता, नाजरीन, प्रीति, राहुल, सोमेंद्र सिंह, फुरकान अहमद, वंदना गौरव, अमित मौर्या, महेंद्र, दीक्षा शर्मा, अफजाल अहमद आदि मौजूद रहे।

शहर में इन केंद्रों पर ही लगा टीका

जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मैथोडिस्ट कॉलेज, रेलवे अस्पताल, अरबन पीएचसी हरथला, टाउनहॉल, नवाबपुरा।

वार्ता हुई नहीं निकला हल

मुरादाबाद। सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण प्रभावित हुआ है। एडीएम सिटी और एसपी सिटी की मौजूदगी में संविदाकर्मियों से वार्ता की गई। हालांकि अभी हल नहीं निकल सका है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार

मुरादाबाद। महामंत्री विपिन भट्ट ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बुधवार को भी कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।



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Woman Dies Under Suspicious Circumstances, Family Members Allege Murder – संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत

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भोजपुर। नगर निवासी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। हालांकि मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। वहीं महिला के भाई व पिता ने मामले की पुलिस को सूचना दी है। इस पर पुलिस ने हायर सेंटर पहुंच कर जांच की है।
परिजनों ने बताया कि नगर के एक मोहल्ला निवासी युवक की शादी चार वर्ष पूर्व सिहाली खद्दर की रहने वाली युवती के साथ हुई थी। शनिवार को महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद ससुराल वालों ने उसे मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला के मौत की खबर सुनकर उसके भाई व पिता समेत अन्य परिजनों के साथ अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा को सूचना देकर महिला की हत्या कराने का आरोप लगाया। सूचना पर उपनिरीक्षक मेघपाल पुलिस बल के साथ जांच के लिए अस्पताल पहुंचे और जांच की। देर शाम तक पुलिस जांच कर रही थी। थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि महिला की मौत के मामले में कार्रवाई करने के लिए किसी ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।

भोजपुर। नगर निवासी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। हालांकि मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। वहीं महिला के भाई व पिता ने मामले की पुलिस को सूचना दी है। इस पर पुलिस ने हायर सेंटर पहुंच कर जांच की है।

परिजनों ने बताया कि नगर के एक मोहल्ला निवासी युवक की शादी चार वर्ष पूर्व सिहाली खद्दर की रहने वाली युवती के साथ हुई थी। शनिवार को महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद ससुराल वालों ने उसे मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला के मौत की खबर सुनकर उसके भाई व पिता समेत अन्य परिजनों के साथ अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा को सूचना देकर महिला की हत्या कराने का आरोप लगाया। सूचना पर उपनिरीक्षक मेघपाल पुलिस बल के साथ जांच के लिए अस्पताल पहुंचे और जांच की। देर शाम तक पुलिस जांच कर रही थी। थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि महिला की मौत के मामले में कार्रवाई करने के लिए किसी ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।



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