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Papers Of Six Examinations Leaked In Four Years: Examinations From Tet To Police Recruitment Included – चार साल में छह परीक्षाओं के पेपर हुए लीक : टीईटी से लेकर पुलिस भर्ती तक की परीक्षाएं शामिल

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्‍तव
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:58 PM IST

सार

एसटीएफ परीक्षाओं में पेपर लीक करने वालों पर नजर रखती है। यही वजह है कि लगभग हर परीक्षा में सॉल्वर गैंग पकड़े जाते हैं।

यूपी टीईटी पेपर लीक
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

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प्रदेश में बीते चार साल में छह बार राज्य स्तरीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। इससे दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ीं। इनमें पुलिस भर्ती से लेकर टीईटी तक की परीक्षाएं शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार 25 जुलाई 2017 को प्रदेश में दरोगा भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। इसी तरह मार्च 2018 में पावर कॉर्पोरेशन में जेई, एई की भर्ती परीक्षा में भी एसटीएफ ने गैंग पकड़ कर पेपर आउट होने का खुलासा किया था। इसके बाद यह परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई गई थी। 2018 में ही 15 जुलाई को अवर अधीनस्थ सेवा के 641 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसका खुलासा एसटीएफ ने तीन माह बाद किया था। 

जून 2018 में हुई सिपाही भर्ती परीक्षा का दूसरी पाली का प्रश्न पत्र पहली पाली में बंट जाने से परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। 2 सितंबर 2018 को नलकूप ऑपरेटर की भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ था। इसमें यूपी एसटीएफ ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह परीक्षा भी दोबारा हुई थी। इसी तरह रविवार को यूपी टीईटी का प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षा निरस्त की गई है। हालांकि एसटीएफ परीक्षाओं में पेपर लीक करने वालों पर नजर रखती है। यही वजह है कि लगभग हर परीक्षा में सॉल्वर गैंग पकड़े जाते हैं। चल रही दरोगा भर्ती परीक्षा में भी अब तक डेढ़ दर्जन सॉल्वर और नकल कराने वाले गिरोह को यूपी एसटीएफ ने दबोचा है।

विस्तार

प्रदेश में बीते चार साल में छह बार राज्य स्तरीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। इससे दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ीं। इनमें पुलिस भर्ती से लेकर टीईटी तक की परीक्षाएं शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार 25 जुलाई 2017 को प्रदेश में दरोगा भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। इसी तरह मार्च 2018 में पावर कॉर्पोरेशन में जेई, एई की भर्ती परीक्षा में भी एसटीएफ ने गैंग पकड़ कर पेपर आउट होने का खुलासा किया था। इसके बाद यह परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई गई थी। 2018 में ही 15 जुलाई को अवर अधीनस्थ सेवा के 641 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसका खुलासा एसटीएफ ने तीन माह बाद किया था। 

जून 2018 में हुई सिपाही भर्ती परीक्षा का दूसरी पाली का प्रश्न पत्र पहली पाली में बंट जाने से परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। 2 सितंबर 2018 को नलकूप ऑपरेटर की भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ था। इसमें यूपी एसटीएफ ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह परीक्षा भी दोबारा हुई थी। इसी तरह रविवार को यूपी टीईटी का प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षा निरस्त की गई है। हालांकि एसटीएफ परीक्षाओं में पेपर लीक करने वालों पर नजर रखती है। यही वजह है कि लगभग हर परीक्षा में सॉल्वर गैंग पकड़े जाते हैं। चल रही दरोगा भर्ती परीक्षा में भी अब तक डेढ़ दर्जन सॉल्वर और नकल कराने वाले गिरोह को यूपी एसटीएफ ने दबोचा है।



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The Wife Of The Main Accused In The Bikru Scandal Made Serious Allegations Against The Government – लखनऊ : बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ने लगाया सरकार पर गंभीर आरोप

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अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 26 Jan 2022 12:57 AM IST

सार

ऋचा दुबे ने कहा कि दो साल बाद भी नहीं बन सका पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी मुकदमे में फंसाने की कोशिश जारी।

विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे।
– फोटो : amar ujala

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कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। ऋचा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी पति के मौत के दो साल बाद भी उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना रहे है। वहीं पूरे परिवार को फर्जी मुकदमें में फंसाने की साजिश की जा रही है। आरोप है कि सरकार उनके मौलिक अधिकार का हनन कर रही है। ऋचा दुबे ने यह बात कृष्णानगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

ऋचा ने कहा कि उनके पति विकास दुबे बिकरू कांड के मुख्य आरोपी थे। जिनको एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद भी प्रदेश सरकार हमारे परिवार के मौलिक अधिकार का हनन करने पर तुली है। सरकार के इशारे पर दो साल बाद भी पति के मृत्यु का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। अधिकारियों से मुलाकात करने पर जवाब मिलता हेकि मामला सरकार से जुड़ा है। आप वहीं संपर्क करें।

ऋचा ने कहा कि कभी विकास के साझीदार रहे राजीव बाजपेई अब भाजपा में शामिल हो गये है। राजीव ने उनकी चौबेपुर की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। जिसकी सुनवाई भी पुलिस व प्रशासन नहीं कर रही है। ऋचा का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व उनके घर पर आकर धमकी देते हैं। जिसके कारण वह लखनऊ में चार महीने बाद आई हैं। आए दिन परिवार के लोगों को धमकाया जा रहा है। वहीं सरकार ने हमारी सारी संपत्ति भी जब्त कर रही है। आजीविका के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।

विस्तार

कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। ऋचा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी पति के मौत के दो साल बाद भी उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना रहे है। वहीं पूरे परिवार को फर्जी मुकदमें में फंसाने की साजिश की जा रही है। आरोप है कि सरकार उनके मौलिक अधिकार का हनन कर रही है। ऋचा दुबे ने यह बात कृष्णानगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

ऋचा ने कहा कि उनके पति विकास दुबे बिकरू कांड के मुख्य आरोपी थे। जिनको एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद भी प्रदेश सरकार हमारे परिवार के मौलिक अधिकार का हनन करने पर तुली है। सरकार के इशारे पर दो साल बाद भी पति के मृत्यु का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। अधिकारियों से मुलाकात करने पर जवाब मिलता हेकि मामला सरकार से जुड़ा है। आप वहीं संपर्क करें।

ऋचा ने कहा कि कभी विकास के साझीदार रहे राजीव बाजपेई अब भाजपा में शामिल हो गये है। राजीव ने उनकी चौबेपुर की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। जिसकी सुनवाई भी पुलिस व प्रशासन नहीं कर रही है। ऋचा का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व उनके घर पर आकर धमकी देते हैं। जिसके कारण वह लखनऊ में चार महीने बाद आई हैं। आए दिन परिवार के लोगों को धमकाया जा रहा है। वहीं सरकार ने हमारी सारी संपत्ति भी जब्त कर रही है। आजीविका के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।



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Lucknow

Lucknow: Income Tax Raids On Six Locations Of Hawala Traders, Three Crore Recovered, 65 Lakh Rupees Were Sent Through Hawala In Gonda – लखनऊ : हवाला कारोबारियों के छह ठिकानों पर आयकर छापा, तीन करोड़ बरामद, गोंडा में हवाला के जरिये भेजे गए थे 65 लाख रुपये 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्‍तव
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:59 AM IST

सार

आयकर विभाग ने बीते शनिवार देर रात हवाला कारोबारियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरोें की टीम ने ये कार्रवाई गोंडा में 21 जनवरी को 65 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद शुरू की है।

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आयकर विभाग ने बीते शनिवार देर रात हवाला कारोबारियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरोें की टीम ने ये कार्रवाई गोंडा में 21 जनवरी को 65 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद शुरू की है। रविवार शाम तक की जांच में लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आयी है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक इस सिलसिले में आधिकारिक जानकारी नहीं दी।

सूत्रों ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में यह कार्रवाई आयकर विभाग की जांच इकाई की टीम ने बीते शनिवार को पुराने शहर स्थित रकाबगंज के रुकमणी धर्मशाला के पास रहने वाले  हवाला कारोबारियों के ठिकानों (घर एवं दुकान) पर शुरू की थी। जो शनिवार पूरी रात एवं रविवार को पूरे दिन चली। इस जांच के दौरान एक कारोबारी के घर से लगभग 30 लाख एवं दूसरे के घर से 2.75 करोड़ रुपये का कैश मिला। आयकर अफसरों ने भारी तादाद में घर से बरामद कैश पर कारोबारियों से स्रोत का साक्ष्य मांगा जो नहीं दे सके। तो इस कैश को अफसरों ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। हालांकि आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं दी। जबकि आयकर अफसरों की टीम जांच की कार्रवाई रविवार देर रात तक करती रही। 

हवाला के  धंधे का गढ़ यहियागंज
राजधानी का यहियागंज आयकर विभाग में पहले से ही चर्चित है। ये यहियागंज कुछ कारोबारियों के चलते हवाला के धंधे का गढ़ है। आयकर विभाग ने इससे पहले भी नोट बंदी के दौरान 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने के खेल का खुलासा होने पर अफसरों की टीम ने तब भी छापामारी की थी। गोंडा में चावल की बोरी में भर करके ले जा रहे 65 लाख की बरामदगी के बाद यहियागंज एवं रकाबगंज एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।   

ये था मामला
उपजिलाधिकारी एवं उड़न दस्ते ने बीते 21 जनवरी को अभियान के दौरान दो वाहनों से 65 लाख रुपये की नकदी एवं चुनाव सामग्री बरामद की थी। पुुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के मुताबिक वाहन में सवार कन्हैया अग्रवाल एवं चंद अग्रवाल निवासी बढ़नी सिद्धार्थनगर बरामद रुपये का कोई साक्ष्य नहीं दे सके। टीम ने इस रकम को हवाला का मानते हुए जब्त कर लिया था।

विस्तार

आयकर विभाग ने बीते शनिवार देर रात हवाला कारोबारियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरोें की टीम ने ये कार्रवाई गोंडा में 21 जनवरी को 65 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद शुरू की है। रविवार शाम तक की जांच में लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आयी है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक इस सिलसिले में आधिकारिक जानकारी नहीं दी।

सूत्रों ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में यह कार्रवाई आयकर विभाग की जांच इकाई की टीम ने बीते शनिवार को पुराने शहर स्थित रकाबगंज के रुकमणी धर्मशाला के पास रहने वाले  हवाला कारोबारियों के ठिकानों (घर एवं दुकान) पर शुरू की थी। जो शनिवार पूरी रात एवं रविवार को पूरे दिन चली। इस जांच के दौरान एक कारोबारी के घर से लगभग 30 लाख एवं दूसरे के घर से 2.75 करोड़ रुपये का कैश मिला। आयकर अफसरों ने भारी तादाद में घर से बरामद कैश पर कारोबारियों से स्रोत का साक्ष्य मांगा जो नहीं दे सके। तो इस कैश को अफसरों ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। हालांकि आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं दी। जबकि आयकर अफसरों की टीम जांच की कार्रवाई रविवार देर रात तक करती रही। 

हवाला के  धंधे का गढ़ यहियागंज

राजधानी का यहियागंज आयकर विभाग में पहले से ही चर्चित है। ये यहियागंज कुछ कारोबारियों के चलते हवाला के धंधे का गढ़ है। आयकर विभाग ने इससे पहले भी नोट बंदी के दौरान 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने के खेल का खुलासा होने पर अफसरों की टीम ने तब भी छापामारी की थी। गोंडा में चावल की बोरी में भर करके ले जा रहे 65 लाख की बरामदगी के बाद यहियागंज एवं रकाबगंज एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।   

ये था मामला

उपजिलाधिकारी एवं उड़न दस्ते ने बीते 21 जनवरी को अभियान के दौरान दो वाहनों से 65 लाख रुपये की नकदी एवं चुनाव सामग्री बरामद की थी। पुुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के मुताबिक वाहन में सवार कन्हैया अग्रवाल एवं चंद अग्रवाल निवासी बढ़नी सिद्धार्थनगर बरामद रुपये का कोई साक्ष्य नहीं दे सके। टीम ने इस रकम को हवाला का मानते हुए जब्त कर लिया था।



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Lucknow

Cm Yogi Adityanath Flags Off Prachar Rath In Lucknow. – Up Election 2022: मुख्यमंत्री योगी ने रवाना किया प्रचार रथ, बोले- हमारी सरकार में तुष्टिकरण के लिए कोई जगह नहीं

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अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 22 Jan 2022 12:12 PM IST

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को हरी झंडी दिखाकर प्रचार रथ को रवाना किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार में कोई पलायन नहीं हुआ है।

प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने कहा कि यूपी में अब कोई माई का लाल पलायन नहीं करा सकता इसलिए जनता की यही पुकार यूपी मांगे बीजेपी सरकार। उन्होंने कहा कि हम सपा बसपा के कुशासन को जनता के बीच ले जाएंगे और जनता में समर्थन मांगेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पहले लोगों को पलायन कराया जाता था लेकिन अब अपराधी प्लायन कर रहे है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने कहा कि यूपी में अब कोई माई का लाल पलायन नहीं करा सकता इसलिए जनता की यही पुकार यूपी मांगे बीजेपी सरकार। उन्होंने कहा कि हम सपा बसपा के कुशासन को जनता के बीच ले जाएंगे और जनता में समर्थन मांगेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पहले लोगों को पलायन कराया जाता था लेकिन अब अपराधी प्लायन कर रहे है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है।



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