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Corporation Is Not Taking Possession Of Its Crores Of Land – निगम क्यों नहीं ले रहा अपनी करोड़ों की भूमि पर कब्जा

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सहारनपुर। नगर निगम करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा लेने से कदम पीछे खींच रहा है। शहर के बीचोबीच स्थित यह जमीन करीब दस बीघा है। जिलाधिकारी ने डेढ़ माह पहले नगरायुक्त को पत्र लिखकर संपत्ति से एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम के अधिकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर टालमटोल वाला रवैया अपना रहे हैं। ऐसे में नगर निगम बोर्ड और निगम अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
भूमि पुल खुमरान के नजदीक हजीरा सराय में है, जिसका मामला करीब डेढ़ वर्ष पहले महापौर संजीव वालिया के समक्ष आया। महापौर द्वारा अधिकारियों से भूमि की जांच कराई गई तो बैनामा नगर निगम के नाम पाया गया। जब नगर निगम ने इस पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भूमि पर अपना हक जता दिया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त के पास पहुंचा, जिन्होंने जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने एसडीएम सदर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराई। एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त संपत्ति को वर्ष 1995 के बाद वक्फ संख्या 407 के रूप में अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जबकि नगर निगम सहारनपुर के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि के मूल मालिकान द्वारा इस भूमि का बैनामा पूर्व में ही म्यूनिसिपल बोर्ड सहारनपुर के पक्ष में हस्तांतरित की जा चुकी थी। वक्फ अधिनियम के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संपत्ति पर वक्फ कायम नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने अपनी जांच में यह भी लिखा था कि उक्त भूमि पर 1992 से मीट बाजार स्थापित है, जिस पर नगर निगम सहारनपुर का ही मालिकाना हक व कब्जा है। ऐसे में उक्त संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्तूबर 2021 को नगरायुक्त को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। मगर नगर निगम अभी तक भी भूमि से कब्जा नहीं हटा सका है।
कोर्ट खारिज कर चुकी है याचिका
वक्फ बोर्ड के सदस्य मामले को लेकर हाईकोर्ट भी गए थे। करीब 20 दिन पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की है। इसके बाद से नगर निगम का संपत्ति पर दावा और मजबूत हुआ है। निगम कब्जा लेने में लापरवाही बरत रहा है।
वक्फ बोर्ड की है संपत्ति : सचिव
वक्फ बोर्ड के सचिव शाहिद मंसूरी का दावा है कि उक्त संपत्ति 1906 से वक्फ बोर्ड के नाम चढ़ी हुई है। बोर्ड ने 1932 से 1942 तक उक्त संपत्ति म्यूनिसिपल को किराए पर दी थी, जिसकी रसीद हमारे पास उपलब्ध हैं। संपत्ति को लेकर नगर निगम का दावा पूरी तरह गलत है। हाईकोर्ट ने हमारी याचिका यह कहते हुए खारिज की है कि यह निगम और वक्फ बोर्ड का निजी मामला है।
हजीरा सराय में नगर निगम की संपत्ति को लेकर हमारी मंशा पूरी तरह साफ है। हम उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए कब्जा लेंगे। पिछले दिनों बैठक में पार्षदों ने एक सप्ताह का समय मांगा था, जिनके आग्रह पर निगम ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। मगर नगर निगम जल्द ही कब्जा लेगा।
संजीव वालिया, महापौर।

सहारनपुर। नगर निगम करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा लेने से कदम पीछे खींच रहा है। शहर के बीचोबीच स्थित यह जमीन करीब दस बीघा है। जिलाधिकारी ने डेढ़ माह पहले नगरायुक्त को पत्र लिखकर संपत्ति से एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम के अधिकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर टालमटोल वाला रवैया अपना रहे हैं। ऐसे में नगर निगम बोर्ड और निगम अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।

भूमि पुल खुमरान के नजदीक हजीरा सराय में है, जिसका मामला करीब डेढ़ वर्ष पहले महापौर संजीव वालिया के समक्ष आया। महापौर द्वारा अधिकारियों से भूमि की जांच कराई गई तो बैनामा नगर निगम के नाम पाया गया। जब नगर निगम ने इस पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भूमि पर अपना हक जता दिया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त के पास पहुंचा, जिन्होंने जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने एसडीएम सदर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराई। एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त संपत्ति को वर्ष 1995 के बाद वक्फ संख्या 407 के रूप में अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जबकि नगर निगम सहारनपुर के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि के मूल मालिकान द्वारा इस भूमि का बैनामा पूर्व में ही म्यूनिसिपल बोर्ड सहारनपुर के पक्ष में हस्तांतरित की जा चुकी थी। वक्फ अधिनियम के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संपत्ति पर वक्फ कायम नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने अपनी जांच में यह भी लिखा था कि उक्त भूमि पर 1992 से मीट बाजार स्थापित है, जिस पर नगर निगम सहारनपुर का ही मालिकाना हक व कब्जा है। ऐसे में उक्त संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्तूबर 2021 को नगरायुक्त को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। मगर नगर निगम अभी तक भी भूमि से कब्जा नहीं हटा सका है।

कोर्ट खारिज कर चुकी है याचिका

वक्फ बोर्ड के सदस्य मामले को लेकर हाईकोर्ट भी गए थे। करीब 20 दिन पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की है। इसके बाद से नगर निगम का संपत्ति पर दावा और मजबूत हुआ है। निगम कब्जा लेने में लापरवाही बरत रहा है।

वक्फ बोर्ड की है संपत्ति : सचिव

वक्फ बोर्ड के सचिव शाहिद मंसूरी का दावा है कि उक्त संपत्ति 1906 से वक्फ बोर्ड के नाम चढ़ी हुई है। बोर्ड ने 1932 से 1942 तक उक्त संपत्ति म्यूनिसिपल को किराए पर दी थी, जिसकी रसीद हमारे पास उपलब्ध हैं। संपत्ति को लेकर नगर निगम का दावा पूरी तरह गलत है। हाईकोर्ट ने हमारी याचिका यह कहते हुए खारिज की है कि यह निगम और वक्फ बोर्ड का निजी मामला है।

हजीरा सराय में नगर निगम की संपत्ति को लेकर हमारी मंशा पूरी तरह साफ है। हम उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए कब्जा लेंगे। पिछले दिनों बैठक में पार्षदों ने एक सप्ताह का समय मांगा था, जिनके आग्रह पर निगम ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। मगर नगर निगम जल्द ही कब्जा लेगा।

संजीव वालिया, महापौर।



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Fog Remained In The Sky Throughout The Day, The Weather Got Chilly – दिन भर आसमान में छाया रहा कोहरा, मौसम में ठिठुरन बढ़ी

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सहारनपुर। दो दिन की बारिश के बाद सर्दी और बढ़ गई है। मंगलवार को दिन भर आसमान में कोहरे के छाए रहने की वजह से धूप नहीं निकल सकी। न्यूनतम तापमान 09.5 और अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसकी वजह से मौसम में ठिठुरन रही। सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव सेंकते दिखे।
शहर में सोमवार की रात मौसम में घना कोहरा रहा। सड़कों पर कोहरा साफ नजर आ रहा था। मंगलवार की सुबह चार बजे तक मौसम में घना कोहरा था, लेकिन उसके बाद कोहरा आसमान में चढ़ गया और बदलों की शक्ल में जमा हो गया। दिन भर कोहरे के आसमान में चढ़े रहने की वजह से धूप नहीं निकल सकी। साथ ही शीत लहर चलने से सर्दी का खासा असर देखने को मिला। सर्दी अधिक होने की वजह से लोग दिन में भी अलाव सेकते नजर आए। शाम चार बजे के बाद सर्दी का असर और अधिक महसूस किया गया। अगले दो से तीन दिन भी ऐसे ही रहने का अनुमान है।
अलाव के लिए लकड़ियां नहीं
नगर निगम की ओर से अलाव के लिए पर्याप्त लकड़ियां चिह्नित किए गए स्थलों पर नहीं डाली जा रही हैं। ऐसे में लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोग कचरा और पुराने कपड़े जलाने को मजबूर हैं। इसी प्रकार नगर निगम के रैन बसेरों के बेड भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। जनमंच की बगल में बने रैन बसेरे में बेड खाली नहीं मिल पा रहा है, जबकि बेहट रोड पर बने रैन बसेरे में कोई जाने को तैयार नहीं है।

सहारनपुर। दो दिन की बारिश के बाद सर्दी और बढ़ गई है। मंगलवार को दिन भर आसमान में कोहरे के छाए रहने की वजह से धूप नहीं निकल सकी। न्यूनतम तापमान 09.5 और अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसकी वजह से मौसम में ठिठुरन रही। सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव सेंकते दिखे।

शहर में सोमवार की रात मौसम में घना कोहरा रहा। सड़कों पर कोहरा साफ नजर आ रहा था। मंगलवार की सुबह चार बजे तक मौसम में घना कोहरा था, लेकिन उसके बाद कोहरा आसमान में चढ़ गया और बदलों की शक्ल में जमा हो गया। दिन भर कोहरे के आसमान में चढ़े रहने की वजह से धूप नहीं निकल सकी। साथ ही शीत लहर चलने से सर्दी का खासा असर देखने को मिला। सर्दी अधिक होने की वजह से लोग दिन में भी अलाव सेकते नजर आए। शाम चार बजे के बाद सर्दी का असर और अधिक महसूस किया गया। अगले दो से तीन दिन भी ऐसे ही रहने का अनुमान है।

अलाव के लिए लकड़ियां नहीं

नगर निगम की ओर से अलाव के लिए पर्याप्त लकड़ियां चिह्नित किए गए स्थलों पर नहीं डाली जा रही हैं। ऐसे में लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोग कचरा और पुराने कपड़े जलाने को मजबूर हैं। इसी प्रकार नगर निगम के रैन बसेरों के बेड भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। जनमंच की बगल में बने रैन बसेरे में बेड खाली नहीं मिल पा रहा है, जबकि बेहट रोड पर बने रैन बसेरे में कोई जाने को तैयार नहीं है।



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Drug Smuggler Arrested With 50 Lakh Smak – अब मंदिर में देव मूर्तियां की खंडित

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रामपुर मनिहारान। गांव लुंढी में शरारती तत्व माहौल खराब करने की अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एक दिन पूर्व बाबा साहेब की प्रतिमा पर कालिख पोतने की घटना के अगले ही दिन इन्होंने मंदिर में स्थापित देव मूर्तियों को खंडित कर दिया। सूचना के बाद बड़ी संख्या में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और उनमें रोष व्याप्त हो गया। थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंच कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को किसी तरह शांत किया। इसके बाद गंगाजल से मंदिर का शुद्धिकरण किया गया।
बता दें कि शुक्रवार की रात शरारती तत्वों ने गांव में संत रविदास मंदिर में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा पर कालिख पोत कर माहौल खराब करने की कोशिश की थी। इसमें भीम आर्मी पदाधिकारियों ने गांव पहुंच कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस अभी इस घटना में शामिल अराजक तत्वों की पहचान भी नहीं कर सकी थी कि शनिवार की रात फिर से गांव के मंदिर में लगी मूर्तियों को खंडित कर दिया गया। सुबह के वक्त जब श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर थाना प्रभारी जसवीर सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने घटना के संबंध में तहरीर थाना रामपुर में दी है। इसके बाद मंदिर को गंगाजल से शुद्ध किया गया। मंदिर कमेटी जल्द ही नई मूर्तियों का लाकर उनकी विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा कराएगी। थाना प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही शरारती तत्व पुलिस की पकड़ में होंगे। माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश को बरदाश्त नहीं किया जाएगा।

रामपुर मनिहारान। गांव लुंढी में शरारती तत्व माहौल खराब करने की अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एक दिन पूर्व बाबा साहेब की प्रतिमा पर कालिख पोतने की घटना के अगले ही दिन इन्होंने मंदिर में स्थापित देव मूर्तियों को खंडित कर दिया। सूचना के बाद बड़ी संख्या में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और उनमें रोष व्याप्त हो गया। थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंच कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को किसी तरह शांत किया। इसके बाद गंगाजल से मंदिर का शुद्धिकरण किया गया।

बता दें कि शुक्रवार की रात शरारती तत्वों ने गांव में संत रविदास मंदिर में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा पर कालिख पोत कर माहौल खराब करने की कोशिश की थी। इसमें भीम आर्मी पदाधिकारियों ने गांव पहुंच कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस अभी इस घटना में शामिल अराजक तत्वों की पहचान भी नहीं कर सकी थी कि शनिवार की रात फिर से गांव के मंदिर में लगी मूर्तियों को खंडित कर दिया गया। सुबह के वक्त जब श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर थाना प्रभारी जसवीर सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने घटना के संबंध में तहरीर थाना रामपुर में दी है। इसके बाद मंदिर को गंगाजल से शुद्ध किया गया। मंदिर कमेटी जल्द ही नई मूर्तियों का लाकर उनकी विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा कराएगी। थाना प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही शरारती तत्व पुलिस की पकड़ में होंगे। माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश को बरदाश्त नहीं किया जाएगा।



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Villagers Surrounded Adrm – ग्रामीणों ने किया एडीआरएम का घेराव

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नानौता (सहारनपुर)। दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर नानौता में नवनिर्मित रेलवे बिजली लाइन व पॉवर हाउस का निरीक्षण करने पहुंचे एडीआरएम दिल्ली का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने अंडरपास में पानी भरने की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। एडीआरएम ने जुलाई तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों ने समस्या के पूर्ण समाधान तक धरना प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
शुक्रवार को दिल्ली डिवीजन के एडीआरएम अनुपम सिंह व जेई विजय कुमार द्वारा सहारनपुर दिल्ली रेल मार्ग पर नवनिर्मित पॉवर हाउस व रेलवे लाइन पर बिजली की तारों का निरीक्षण किया जा रहा था। इसी बीच ग्राम भनेड़ा खेमचंद व पांडुखेड़ी के संपर्क मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास 115 में पानी भरने की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को जैसे ही उनके आने की खबर मिली तो वे बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने एडीआरएम अनुपम सिंह का घेराव करते हुए, उन्हें अंडरपास 115 में पानी भरने की समस्या से अवगत कराते हुए निदान की मांग की। एडीआरएम अनुपम सिंह द्वारा उक्त समस्या के समाधान के लिए जुलाई तक का समय मांगा गया। इसके बाद ग्रामीण समस्या का निदान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते हुए वापिस लौट गए। इस दौरान प्रदीप कुमार, जरनैल सैनी आदि ग्रामीण रहे।

नानौता (सहारनपुर)। दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर नानौता में नवनिर्मित रेलवे बिजली लाइन व पॉवर हाउस का निरीक्षण करने पहुंचे एडीआरएम दिल्ली का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने अंडरपास में पानी भरने की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। एडीआरएम ने जुलाई तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों ने समस्या के पूर्ण समाधान तक धरना प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

शुक्रवार को दिल्ली डिवीजन के एडीआरएम अनुपम सिंह व जेई विजय कुमार द्वारा सहारनपुर दिल्ली रेल मार्ग पर नवनिर्मित पॉवर हाउस व रेलवे लाइन पर बिजली की तारों का निरीक्षण किया जा रहा था। इसी बीच ग्राम भनेड़ा खेमचंद व पांडुखेड़ी के संपर्क मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास 115 में पानी भरने की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को जैसे ही उनके आने की खबर मिली तो वे बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने एडीआरएम अनुपम सिंह का घेराव करते हुए, उन्हें अंडरपास 115 में पानी भरने की समस्या से अवगत कराते हुए निदान की मांग की। एडीआरएम अनुपम सिंह द्वारा उक्त समस्या के समाधान के लिए जुलाई तक का समय मांगा गया। इसके बाद ग्रामीण समस्या का निदान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते हुए वापिस लौट गए। इस दौरान प्रदीप कुमार, जरनैल सैनी आदि ग्रामीण रहे।



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