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Ghaziabad Police Atm Hacking Gang Caught 250 Atms Were Hacked And 30 Crores Stolen In 12 Years – खुलासा: 12 साल में 250 एटीएम हैक कर 30 करोड़ चुराने वाला गैंग बेनकाब, पांच सदस्य गिरफ्तार

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सार

गाजियाबाद के इंदिरापुरम और साइबर सेल टीम ने एटीएम हैकर पैसे चोरी करने वाले गिरोह के पांच शातिरों को पकड़ा है। साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभय मिश्रा का कहना है कि गिरोह का सरगना शाहनवाज निवासी बिहार, सगीर निवासी मंडोली दिल्ली, मेहराज निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली, मोहम्मद उमर निवासी गोकुल पुरी दिल्ली, और जमीर शेख निवासी प्रेम नगर मुंबई को गिरफ्तार किया है

एटीएम हैक कर 30 करोड़ चुराने वाला गैंग बेनकाब
– फोटो : अमर उजाला

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गाजियाबाद के इंदिरापुरम में साइबर सेल ने सॉफ्टवेयर से एटीएम हैक कर कैश चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को मंगल बाजार चौक से गिरफ्तार कर लिया। गिरोह 12 साल में 8 राज्यों के 250 एटीएम हैक कर करीब 30 करोड़ रुपये चोरी कर चुका है। 

हैदराबाद में बैठा कमल गैंग का सरगना है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए वहां की पुलिस से संपर्क किया। कमल के अलावा गैंग में शामिल शहजाद, जैद व वाजिद अभी फरार हैं। 13 जुलाई को न्यायखंड-1 में गौर ग्रीन विस्टा के पास एक्सिस बैंक के एटीएम को हैक करके करीब सात लाख रुपये निकाल लिए गए थे। इस मामले की जांच के दौरान आरोपियों का सुराग लगा।

गिरफ्तार आरोपी व उनकी भूमिका
शाहनवाज : किशनगंज बिहार निवासी बीसीए पास शाहनवाज सरगना कमल के साथ मिलकर एटीएम हैक करने के लिए कोडिंग उपलब्ध कराता था। वह उत्तराखंड रुड़की से 2009 में जेल जा चुका है। 

सगीर : दिल्ली के मंडोली निवासी पांचवीं पास सगीर वारदात के लिए चोरी की गाड़ियां उपलब्ध कराता है। गाड़ी की फर्जी आरसी बनाता है। 

मेहराज : दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी बीसीए पास मेहराज का काम एटीएम में घुसकर सॉफ्टवेयर अपलोड कर मशीन से पैसे निकालना। 
मोहम्मद उमर : दिल्ली के गोकलपुरी निवासी 10वीं पास मोहम्मद उमर वारदात के दौरान गाड़ी चलाता था। एटीएम हैकिंग के दौरान बाहर खड़ा होकर निगरानी करता था। 

जमीर शेख : प्रेमनगर वर्ली मुंबई निवासी 11वीं पास जमीर शेख साइबर ठग है। 2009  से ऑनलाइन हैकिंग सीखकर कमल के साथ मिलकर एटीएम हैकिंग के लिए सॉफ्टवेयर व कोड उपलब्ध कराता था।
10 मोबाइल, एक सिम कार्ड, टाटा सफारी, फोर्ड इको स्पोर्ट, बुलेट, 16 एटीएम कार्ड, लैपटॉप-चार्जर, मुहर, पैनड्राइव, मैमोरी कार्ड, चार कार्ड रीडर, दो एनआरएफ, दो हार्ड डिस्क, दो रैम, वाईफाई की-बोर्ड, एटीएम स्कीमर, दो यूएसबी हब, दो यूएसबी, एक पी-1 डिस्प्ले सीडी ड्राइवर और एक हार्डडिस्क केबल बरामद हुई है।

2016 में जेल से छूटकर फिर सक्रिय हो गया गिरोह
साइबर सेल के नोडल अधिकारी और सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्र ने बताया कि 2009 से सक्रिय गैंग दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, आगरा, कानपुर और मथुरा में करीब 250 वारदात कर चुका है। गाजियाबाद के नंदग्राम, इंदिरापुरम, विजयनगर, मोदीनगर और टीला मोड़ में हुई वारदातें इसी गैंग ने की थीं।

2015 में आरोपी रुड़की से जेल गए। 2016 में जेल से छूटकर फिर से वारदात शुरू कर दीं। घटना के दौरान आरोपी पुलिस की लोकेशन में न आएं, इसके लिए वह अपने फोन को ऑफलाइन मोड पर लगा देते थे। एटीएम की सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों का सुराग लगा।
– एटीएम हैक करने के लिए आरोपी एक डिवाइस इस्तेमाल करते थे, जिसमें सॉफ्टवेयर और एंटी वायरस से लैस पैनड्राइव, ब्लूटूथ की-बोर्ड और एटीएम खोलने की चाबी रहती थी।
– आमतौर पर फ्रिज वाली चाबी से एटीएम का लॉक खुल जाता था, लेकिन जहां लॉक नहीं खुल पाता था, वहां आरोपी लॉक तोड़ देते थे।
– लॉक खुलने पर एटीएम में पैनड्राइव लगाकर उसकी विंडो करप्ट करते थे। उसके बाद उसमें अपना सॉफ्टवेयर अपलोड करते थे। ऐसा करते ही मशीन का नियंत्रण उनके हाथ में आ जाता था।
– यहां ब्लूटूथ की-बोर्ड का इस्तेमाल कर आरोपी क्यू आर कोड जनरेट करते थे। उसे हैदराबाद में बैठे सरगना कमल को भेजते थे। इसके बाद सरगना कमल क्यूआर कोर्ड के हिसाब से कुछ अंक बताया था, जिससे मशीन ऑपरेट होने लगती थी।
– एक कमांड देने पर एटीएम से 40 नोट निकलते थे। यह नोट 100, 500 और 2000 में से कोई भी हो सकते हैं।

नाइजीरियन गैंग से खरीदते थे सिम, ब्लॉक एटीएम कार्ड
गैंग के सदस्य साइबर ठगी करने वाले नाइजीरियन गैंग के संपर्क में भी थे। वह उनसे 2000 रुपये में फर्जी आईडी पर सिम और 1000 रुपये में ब्लॉक एटीएम खरीदते थे। एटीएम मशीन हैक करने के दौरान पुलिस के आने पर आरोपी ब्लॉक एटीएम दिखा देते थे कि मशीन काम नहीं कर रही है।

विस्तार

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में साइबर सेल ने सॉफ्टवेयर से एटीएम हैक कर कैश चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को मंगल बाजार चौक से गिरफ्तार कर लिया। गिरोह 12 साल में 8 राज्यों के 250 एटीएम हैक कर करीब 30 करोड़ रुपये चोरी कर चुका है। 

हैदराबाद में बैठा कमल गैंग का सरगना है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए वहां की पुलिस से संपर्क किया। कमल के अलावा गैंग में शामिल शहजाद, जैद व वाजिद अभी फरार हैं। 13 जुलाई को न्यायखंड-1 में गौर ग्रीन विस्टा के पास एक्सिस बैंक के एटीएम को हैक करके करीब सात लाख रुपये निकाल लिए गए थे। इस मामले की जांच के दौरान आरोपियों का सुराग लगा।

गिरफ्तार आरोपी व उनकी भूमिका

शाहनवाज : किशनगंज बिहार निवासी बीसीए पास शाहनवाज सरगना कमल के साथ मिलकर एटीएम हैक करने के लिए कोडिंग उपलब्ध कराता था। वह उत्तराखंड रुड़की से 2009 में जेल जा चुका है। 

सगीर : दिल्ली के मंडोली निवासी पांचवीं पास सगीर वारदात के लिए चोरी की गाड़ियां उपलब्ध कराता है। गाड़ी की फर्जी आरसी बनाता है। 

मेहराज : दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी बीसीए पास मेहराज का काम एटीएम में घुसकर सॉफ्टवेयर अपलोड कर मशीन से पैसे निकालना। 

मोहम्मद उमर : दिल्ली के गोकलपुरी निवासी 10वीं पास मोहम्मद उमर वारदात के दौरान गाड़ी चलाता था। एटीएम हैकिंग के दौरान बाहर खड़ा होकर निगरानी करता था। 

जमीर शेख : प्रेमनगर वर्ली मुंबई निवासी 11वीं पास जमीर शेख साइबर ठग है। 2009  से ऑनलाइन हैकिंग सीखकर कमल के साथ मिलकर एटीएम हैकिंग के लिए सॉफ्टवेयर व कोड उपलब्ध कराता था।



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Ghaziyabad – 300 यूनिट फ्री बिजली देने वालों ने प्रदेश को रखा अंधेरे में- योगी आदित्यनाथ

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सपा सरकार में मंत्री पहले बनवाते थे अपना बंगला : योगी आदित्यनाथ
गाजियाबाद/साहिबाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में मुख्यमंत्री और मंत्री पहले बनवाते अपना बंगला बनवाते थे। भाजपा सरकार ने 43 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.61 करोड़ गरीबों के लिए शौचालय बनवाए। पहले गरीब अंधेरे में रहने के आदी थे, लेकिन 1.21 लाख मजदूरों के घरों में बिजली पहुंचाई। 1.56 लाख गरीबों को निशुल्क रसोई गैस के कनेक्शन दिए। वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों एक हजार रुपये प्रति माह पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई। किसानों को किसान सम्मान निधि और गरीबों को निशुल्क राशन का लाभ मिल रहा है। साहिबाबाद के कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज और नेहरूनगर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियल में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उक्त बातें कहीं।
पहले कोरोना की जगह लगता था कर्फ्यू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा व बसपा की सरकार के समय में कोरोना नहीं था, लेकिन कर्फ्यू जरूर लग जाता था। हमारे समय में कोरोना है, लेकिन कर्फ्यू नहीं लगता है। जनजीवन सामान्य है। दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर चल रही है। अमेरिका, यूरोप और चीन में लॉकडाउन है, लेकिन प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू के अलावा किसी चीज को नहीं रोका गया है। जीवन और जीविका को बचाने का काम कोरोना के समय में सरकार ने किया। 160 करोड़ लोगों को देश में कोरोना की डोज दी जा चुकी है। प्रदेश में 25 करोड़ लोगों को वैक्सीन दे देंगे। निशुल्क टेस्ट, उपचार, राशन के बाद सभी को निशुल्क वैक्सीन, यह है भाजपा का सबका साथ और सबका विकास का नारा।
नियमों की अनदेखी कर बना हज हाउस, हमनें बनाया कैलाश मानसरोवर भवन
सपा-बसपा के विकास की सोच खुद के परिवार के विकास की थी, हमारी राष्ट्रवादी सोच सबका साथ, सबका विकास, सबको सुरक्षा, सबका सम्मान और आस्था को भी भरपूर सम्मान देने की है। आस्था के सम्मान के चलते अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पहले नियमों की अनदेखी करते हुए हज हाउस बनता था। अब हज हाउस नहीं, कैलाश मानसरोवर का भवन बन रहा है।
नौकरी निकलने पर चाचा-भतीजे वसूली पर निकल पड़ते थे
पहले की सरकारों का विकास का विजन नहीं था। उनका अपना परिवार विकास करे, यह उनके लिए महत्वपूर्ण था। युवाओं के लिए नौकरी निकलने पर, चाचा भतीजा वसूली पर निकल पड़ते थे। हमनें पांच लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी। 1.61 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिला। पहले दंगों व कर्फ्यू से जनजीवन अस्त व्यस्त होता था, आज सदी की सबसे बड़ी महामारी भी बालबांका नहीं कर पा रही है। जीवन अनवरत चल रहा है।
प्रदेश को बनाएंगे देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था
गाजियाबाद में मेट्रो, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के बाद रैपिड रेल कॉरिडोर के साथ बराबर जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना रहा है। फिल्मसिटी गाजियाबाद के बगल में आने के साथ मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण होने जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर, खेल विश्वविद्यालय का काम जारी होने के साथ हिंडन एयरपोर्ट शुरू हो चुका है। एएमयू के लिए जमीन देने वाले राजा महेंद्रप्रताप सिंह के नाम अब अलीगढ़ में नया विश्वविद्यालय के निर्माण की कार्रवाई शुरू की है। अब प्रदेश को नंबर दो की जगह नंबर एक की अर्थव्यवस्था बनाने पर काम जारी है।
सुरक्षा के साथ सभी की आस्था को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रवाद और सुरक्षा के मॉडल पर काम किया है। प्रदेश में पांच साल पहले भय का माहौल था। बेटियां घर से बाहर निकलने से डरती थीं। माफिया जमीनों पर कब्जा करते थे। सपा सरकार में कांवड़ यात्रा रोकने के साथ कृष्णजन्माष्टमी के आयोजन को प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन भाजपा सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षा देने के साथ फूल बरसाए। आज माफिया व अपराधियों की हिम्मत नहीं है कि वह लोगों की जमीन पर कब्जा करे। अगर कोई कब्जा करेगा तो अब बुलडोजर चलेगा। हिस्ट्रीशीटर के पार्टनर बनते थे। सीएम ने राजीव कॉलोनी सेडोर-टू-डोर संपर्क अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि दंगों की राजनीति करने वाले लोगों ने उसी तरह के लोगों को टिकट दिया है। सपा ने कैराना से पलायन करवाने वालों को टिकट दिया। जबकि भाजपा ने सभी तबकों का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रवादियों को टिकट दिया है।
सत्ता का दुरुपयोग करना परिवारवादी लोगों का काम
वंशवादी, परिवारवादी और विकृत जातिवादी मानसिकता से जुड़े लोग, जब उन्हें सत्ता प्राप्त होती है तो वह क्या करते हैं, और जब राष्ट्रवादी सोच के लोगों के हाथ में सत्ता होती है तो वह क्या करते हैं, यह फर्क देखना है तो केवल एक उदाहरण दूंगा। 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहला निर्णय अवैध बूचड़खानों को बंद करने, बेटियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन और 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ की कर्ज माफी का निर्णय लिया। गौमाता, अन्नदाता और बेटियों की सुरक्षा संबंधी तीन निर्णय लिए। समाजवादी पार्टी को जब 2012 में सत्ता मिली, तब पहला निर्णय रामजन्मभूमि पर आतंकी हमला करने वाले आतंकियों के मुकदमों को वापस लेने का लिया गया।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मिला राष्ट्र नायकों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध में या शांति काल में देश की सीमा की रक्षा करते हुए बलिदान देने वालों शहीदों के प्रति हर भारतीय को उनके शौर्य और बलिदान के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करना चाहिए। गाजियाबाद वाले वैसे ही सौभाग्यशाली हैं कि यहां पर भारतीय सेना के जनरल स्वयं लोकसभा में आपका प्रतिनिधित्व करते हुए क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति के पास इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से हुई है। राष्ट्र नायकों के प्रति सम्मान का यह भाव, यही भारतीय जनता पार्टी की सोच है। भाजपा ने जो कहा वह करके दिखाया है।
खूब लगे जय श्रीराम और योगी-मोदी के नारे
निगम ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान जमकर जयश्रीराम और योगी-मोदी के नारे लगे। मुख्यमंत्री के आने से पहले राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीतों के साथ भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग के समर्थन में खूब नारेबाजी हुई। कार्यक्रम में मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह, राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल अग्रवाल, एमएलसी दिनेश गोयल, महंत नारायण गिरी, आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा, राज्यमंत्री अतुल गर्ग, महापौर आशा शर्मा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मयंक गोयल, शहर विधानसभा प्रभारी हरीश चंद्र भाटी, संयोजक अशु वर्मा व महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा मौजूद रहे।

सपा सरकार में मंत्री पहले बनवाते थे अपना बंगला : योगी आदित्यनाथ

गाजियाबाद/साहिबाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में मुख्यमंत्री और मंत्री पहले बनवाते अपना बंगला बनवाते थे। भाजपा सरकार ने 43 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.61 करोड़ गरीबों के लिए शौचालय बनवाए। पहले गरीब अंधेरे में रहने के आदी थे, लेकिन 1.21 लाख मजदूरों के घरों में बिजली पहुंचाई। 1.56 लाख गरीबों को निशुल्क रसोई गैस के कनेक्शन दिए। वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों एक हजार रुपये प्रति माह पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई। किसानों को किसान सम्मान निधि और गरीबों को निशुल्क राशन का लाभ मिल रहा है। साहिबाबाद के कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज और नेहरूनगर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियल में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उक्त बातें कहीं।

पहले कोरोना की जगह लगता था कर्फ्यू

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा व बसपा की सरकार के समय में कोरोना नहीं था, लेकिन कर्फ्यू जरूर लग जाता था। हमारे समय में कोरोना है, लेकिन कर्फ्यू नहीं लगता है। जनजीवन सामान्य है। दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर चल रही है। अमेरिका, यूरोप और चीन में लॉकडाउन है, लेकिन प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू के अलावा किसी चीज को नहीं रोका गया है। जीवन और जीविका को बचाने का काम कोरोना के समय में सरकार ने किया। 160 करोड़ लोगों को देश में कोरोना की डोज दी जा चुकी है। प्रदेश में 25 करोड़ लोगों को वैक्सीन दे देंगे। निशुल्क टेस्ट, उपचार, राशन के बाद सभी को निशुल्क वैक्सीन, यह है भाजपा का सबका साथ और सबका विकास का नारा।

नियमों की अनदेखी कर बना हज हाउस, हमनें बनाया कैलाश मानसरोवर भवन

सपा-बसपा के विकास की सोच खुद के परिवार के विकास की थी, हमारी राष्ट्रवादी सोच सबका साथ, सबका विकास, सबको सुरक्षा, सबका सम्मान और आस्था को भी भरपूर सम्मान देने की है। आस्था के सम्मान के चलते अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पहले नियमों की अनदेखी करते हुए हज हाउस बनता था। अब हज हाउस नहीं, कैलाश मानसरोवर का भवन बन रहा है।

नौकरी निकलने पर चाचा-भतीजे वसूली पर निकल पड़ते थे

पहले की सरकारों का विकास का विजन नहीं था। उनका अपना परिवार विकास करे, यह उनके लिए महत्वपूर्ण था। युवाओं के लिए नौकरी निकलने पर, चाचा भतीजा वसूली पर निकल पड़ते थे। हमनें पांच लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी। 1.61 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिला। पहले दंगों व कर्फ्यू से जनजीवन अस्त व्यस्त होता था, आज सदी की सबसे बड़ी महामारी भी बालबांका नहीं कर पा रही है। जीवन अनवरत चल रहा है।

प्रदेश को बनाएंगे देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था

गाजियाबाद में मेट्रो, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के बाद रैपिड रेल कॉरिडोर के साथ बराबर जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना रहा है। फिल्मसिटी गाजियाबाद के बगल में आने के साथ मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण होने जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर, खेल विश्वविद्यालय का काम जारी होने के साथ हिंडन एयरपोर्ट शुरू हो चुका है। एएमयू के लिए जमीन देने वाले राजा महेंद्रप्रताप सिंह के नाम अब अलीगढ़ में नया विश्वविद्यालय के निर्माण की कार्रवाई शुरू की है। अब प्रदेश को नंबर दो की जगह नंबर एक की अर्थव्यवस्था बनाने पर काम जारी है।

सुरक्षा के साथ सभी की आस्था को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रवाद और सुरक्षा के मॉडल पर काम किया है। प्रदेश में पांच साल पहले भय का माहौल था। बेटियां घर से बाहर निकलने से डरती थीं। माफिया जमीनों पर कब्जा करते थे। सपा सरकार में कांवड़ यात्रा रोकने के साथ कृष्णजन्माष्टमी के आयोजन को प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन भाजपा सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षा देने के साथ फूल बरसाए। आज माफिया व अपराधियों की हिम्मत नहीं है कि वह लोगों की जमीन पर कब्जा करे। अगर कोई कब्जा करेगा तो अब बुलडोजर चलेगा। हिस्ट्रीशीटर के पार्टनर बनते थे। सीएम ने राजीव कॉलोनी सेडोर-टू-डोर संपर्क अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि दंगों की राजनीति करने वाले लोगों ने उसी तरह के लोगों को टिकट दिया है। सपा ने कैराना से पलायन करवाने वालों को टिकट दिया। जबकि भाजपा ने सभी तबकों का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रवादियों को टिकट दिया है।

सत्ता का दुरुपयोग करना परिवारवादी लोगों का काम

वंशवादी, परिवारवादी और विकृत जातिवादी मानसिकता से जुड़े लोग, जब उन्हें सत्ता प्राप्त होती है तो वह क्या करते हैं, और जब राष्ट्रवादी सोच के लोगों के हाथ में सत्ता होती है तो वह क्या करते हैं, यह फर्क देखना है तो केवल एक उदाहरण दूंगा। 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहला निर्णय अवैध बूचड़खानों को बंद करने, बेटियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन और 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ की कर्ज माफी का निर्णय लिया। गौमाता, अन्नदाता और बेटियों की सुरक्षा संबंधी तीन निर्णय लिए। समाजवादी पार्टी को जब 2012 में सत्ता मिली, तब पहला निर्णय रामजन्मभूमि पर आतंकी हमला करने वाले आतंकियों के मुकदमों को वापस लेने का लिया गया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मिला राष्ट्र नायकों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध में या शांति काल में देश की सीमा की रक्षा करते हुए बलिदान देने वालों शहीदों के प्रति हर भारतीय को उनके शौर्य और बलिदान के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करना चाहिए। गाजियाबाद वाले वैसे ही सौभाग्यशाली हैं कि यहां पर भारतीय सेना के जनरल स्वयं लोकसभा में आपका प्रतिनिधित्व करते हुए क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति के पास इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से हुई है। राष्ट्र नायकों के प्रति सम्मान का यह भाव, यही भारतीय जनता पार्टी की सोच है। भाजपा ने जो कहा वह करके दिखाया है।

खूब लगे जय श्रीराम और योगी-मोदी के नारे

निगम ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान जमकर जयश्रीराम और योगी-मोदी के नारे लगे। मुख्यमंत्री के आने से पहले राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीतों के साथ भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग के समर्थन में खूब नारेबाजी हुई। कार्यक्रम में मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह, राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल अग्रवाल, एमएलसी दिनेश गोयल, महंत नारायण गिरी, आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा, राज्यमंत्री अतुल गर्ग, महापौर आशा शर्मा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मयंक गोयल, शहर विधानसभा प्रभारी हरीश चंद्र भाटी, संयोजक अशु वर्मा व महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा मौजूद रहे।



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Road Accident In Uttarakhand Mini Bus Returning With Bride Fell Into A Ditch Near Shankarpur Ramnagar – दर्दनाक हादसा: दुल्हन लेकर लौट रही बरात की मिनी बस खाई में गिरी, मातम में बदलीं शादी की खुशियां, देखें तस्वीरें

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– फोटो : अमर उजाला

दुल्हन को लेकर गाजियाबाद लौट रही बरातियों से भरी एक मिनी बस 100 मीटर गहरी खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 18 बराती घायल हो गए। हादसा पौड़ी गढ़वाल जिले के नैनीडांडा ब्लॉक में रामनगर रोड पर शंकरपुर के पास हुआ। हादसे का कारण ड्राइवर को झपकी आ जाना बताया जा रहा है। बरात गाजियाबाद से पौड़ी गढ़वाल पहुंची थी। मृतकों में दूल्हे की बुआ, चचेरा भाई और दुल्हन की ताई शामिल हैं। घायलों का रामनगर अस्पताल में इलाज चल रहा है। गाजियाबाद नंदग्राम निवासी आनंद वल्लभ शर्मा के पुत्र संजय शर्मा की बरात पौड़ी गढ़वाल के अदालीखाल (धूमाकोट) के नलाई गांव निवासी देवेंद्र मैंदोलिया के घर बृहस्पतिवार को आई थी। देवेंद्र की बेटी सुमन उर्फ अनुष्का मैंदोलिया के साथ संजय शर्मा का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। शुक्रवार को दुल्हन को लेकर बराती मिनी बस से लौट रहे थे। बस में चालक सहित 21 लोग सवार थे। 

road accident
– फोटो : अमर उजाला

शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा ब्लॉक के अंतर्गत मरचूला रामनगर रोड पर शंकरपुर के पास चालक अशोक पुत्र जगतनाथ को झपकी आ गई और बस अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख पुकार मच गई। 

road accident
– फोटो : अमर उजाला

ग्रामीणों ने हादसे की सूचना प्रशासन को दी और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में दूल्हे की बुआ 65 वर्षीय सोहदरा देवी पत्नी वासनानंद भारद्वाज निवासी लाजपतनगर साहिबाबाद की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को सल्ट थाना पुलिस और एसडीआरएफ की मदद से रामनगर अस्पताल में लाया गया। 

मृतक का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला

अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दुल्हन की ताई 50 वर्षीय सरिता पत्नी रमेश चंद्र निवासी लाजपतनगर साहिबाबाद और दूल्हे के चचेरे भाई 28 वर्षीय राकेश शर्मा पुत्र किशोर चंद्र निवासी नंदग्राम गाजियाबाद ने दम तोड़ दिया। सल्ट के एसडीएम गौरव पांडे ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौत हो हुई है। घायलों का रामनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसआई कृपाल सिंह ने बताया कि सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया था।

हादसे में घायल दुल्हन और दूल्हा
– फोटो : अमर उजाला

हादसे में दुल्हे ने भाई, बुआ और दुल्हन ने खोई ताई

मरचूला क्षेत्र में बरात की बस खाई में गिरने से दूल्हे संजय शर्मा के चचेरे भाई और बुआ की मौत हो गई जबकि दुल्हन सुमन उर्फ अनुष्का ने भी अपनी ताई को खो दिया। इस हादसे ने शादी की खुशियां मातम में बदल दीं।



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Election,ghaziabad – एक बार मिली विजय फिर हर बार पराजय

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एक बार मिली विजय फिर हर बार पराजय
गाजियाबाद। राजनीति में जिन प्रत्याशियों को जनता ने सिर माथे पर बैठाया, अगले ही विधानसभा चुनाव में उन्हें कुर्सी से उतार भी दिया। कभी विधायकों का काम काज पसंद न आने तो कभी पार्टी की लहर की वजह से जिले के मतदाताओं ने विधानसभा में अपना प्रतिनिधित्व करने वाला चेहरा बदल दिया। जिले में कई ऐसे विधायक हैं जिन्हें एक बार विजय मिली, लेकिन इसके बाद चुनाव में उतरे तो बार-बार पराजय का सामना करना पड़ा। पूर्वांचल के नेताओं की तरह पश्चिम के यह विधायक जनता के दिलों में बस न पाए।
गाजियाबाद की सदर सीट के अलावा जनता ने यह प्रयोग मुरादनगर और मोदीनगर विधानसभा क्षेत्रों में भी किया है। जिनको जनता ने सत्ता दिलाई, फिर उन्हीं विधायकों ने अगली बार चुनाव में कुर्सी गंवाई। गाजियाबाद विधानसभा सीट पर आजादी के बाद 1951 में हुए चुनाव से लेकर 1996 तक तीन विधायकों ने जीत की हैट्रिक लगाई है। सबसे पहले विधायक तेजा सिंह, फिर प्यारे लाल शर्मा और बालेश्वर त्यागी राजनीतिक हैट्रिक लगाने में सफल रहे। प्यारे लाल शर्मा के बेटे सुरेंद्र कुमार मुन्नी भी तीन बार विधायक बने, लेकिन लगातार नहीं। 2002 के विधानसभा चुनाव के बाद शहर की राजनीति में परिवर्तन आया। वर्ष 2002 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बने सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने दो साल बाद ही लोकसभा चुनाव में मैदान मार लिया और लोकसभा पहुंच गए। 2009 में वह लोकसभा चुनाव हारे तो इसके बाद कई बार विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए। वर्ष 1985 में कांग्रेस के टिकट पर सदर विधानसभा से विधायक रहे केके शर्मा फिर विधायक न बने। 2017 में वह इसी सीट पर तीसरे नंबर पर रहे थे। 2012 में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर बसपा के टिकट से विधायक बने सुरेश बंसल भी अगले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे। वह 2019 में लोकसभा चुनाव भी हार गए थे। लोनी विधानसभा क्षेत्र से 2012 में विधायक रहे जाकिर अली, मुरादनगर के विधायक रहे वहाब चौधरी, मोदीनगर के विधायक रहे सुदेश शर्मा भी कार्यकाल को अगले चुनाव में रिपीट नहीं कर पाए और जनता ने उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
यह नेता कभी जीत न पाए
सुधन रावत और जितेंद्र यादव के सिर किसी भी चुनाव में जीत का सेहरा न बंध पाया। सुधन रावत मेयर चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दल भी बदले, लेकिन जीत के समीकरण न बन पाए। 2012 में वह मेयर चुनाव में जीतते-जीतते रह गए। मतगणना पूरी होने के बाद प्रशासन ने उन्हें विजेता घोषित कर दिया था, लेकिन भाजपा के टिकट पर उनके सामने चुनाव लड़ रहे दिवंगत मेयर तेलूराम कांबोज और अन्य भाजपाई दोबारा मतगणना की जिद पर अड़ गए। बाद में तेलूराम कांबोज विजयी घोषित किए गए। इसी तरह सपा नेता जितेंद्र यादव भी चुनाव में जीत हासिल न कर पाए। वह गाजियाबाद और बुलंदशहर की सिकंदराबाद सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जनता का साथ न मिला। बाद में सपा ने उन्हें एमएलसी बनाकर विधान परिषद भेजा।
इन विधायकों को बार-बार मिला मौका
क्षेत्र की जनता ने कई नेताओं को बार-बार विधायक बनाया। उनके काम करने का अंदाज भी अलग था। इसमें सदर विधानसभा से तेजा सिंह के बाद प्यारे लाल शर्मा और बालेश्वर त्यागी तीन-तीन बार विधायक बने। लगातार न सही, लेकिन सुरेंद्र मुन्नी भी तीन बार विधायक रहे हैं और अब फिर मैदान में हैं। मुरादनगर से ईश्वर दयाल, राजपाल त्यागी, मोदीनगर से कांग्रेस नेता सुखबीर सिंह गहलौत और भाजपा नेता नरेंद्र सिसौदिया भी लगातार कई बार विधायक बनकर विधानसभा में पहुंचे हैं। वहीं रमेश चंद तोमर गाजियाबाद-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार चार बार सांसद रहे। हालांकि बाद में वह विधानसभा का चुनाव हार गए थे।
ये रहा विधायकों का रिकॉर्ड
– मुरादनगर सीट से 1967 में विधायक रहे जीएस चौधरी 1969 में तीसरे नंबर पर रहे।
– मुरादनगर सीट पर 1977 में विधायक बने अनवर फिर विधायक नहीं बने।
– 1985 में मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सखावत हुसैन 1989 में तीसरे नंबर पर रहे।
– 1993 में मुरादनगर सीट से ही विधायक बने प्रेम सिंह भी 1994 में हार गए और चौथे नंबर पर रहे थे।
– 2012 में वहाब चौधरी विधायक बने, 2017 में मोदीनगर से चुनाव लडे़ लेकिन दूसरे नंबर पर रहे।
– मोदीनगर से सुदेश शर्मा तीन बार चुनाव लड़े, एक बार जीते और दो बार हारे, अब चौथी बार गठबंधन के प्रत्याशी हैं।
– साहिबाबाद सीट से अमरपाल शर्मा 2012 में एक बार विधायक बने, 2017 में हारे, फिर चुनाव मैदान में हैं।

एक बार मिली विजय फिर हर बार पराजय

गाजियाबाद। राजनीति में जिन प्रत्याशियों को जनता ने सिर माथे पर बैठाया, अगले ही विधानसभा चुनाव में उन्हें कुर्सी से उतार भी दिया। कभी विधायकों का काम काज पसंद न आने तो कभी पार्टी की लहर की वजह से जिले के मतदाताओं ने विधानसभा में अपना प्रतिनिधित्व करने वाला चेहरा बदल दिया। जिले में कई ऐसे विधायक हैं जिन्हें एक बार विजय मिली, लेकिन इसके बाद चुनाव में उतरे तो बार-बार पराजय का सामना करना पड़ा। पूर्वांचल के नेताओं की तरह पश्चिम के यह विधायक जनता के दिलों में बस न पाए।

गाजियाबाद की सदर सीट के अलावा जनता ने यह प्रयोग मुरादनगर और मोदीनगर विधानसभा क्षेत्रों में भी किया है। जिनको जनता ने सत्ता दिलाई, फिर उन्हीं विधायकों ने अगली बार चुनाव में कुर्सी गंवाई। गाजियाबाद विधानसभा सीट पर आजादी के बाद 1951 में हुए चुनाव से लेकर 1996 तक तीन विधायकों ने जीत की हैट्रिक लगाई है। सबसे पहले विधायक तेजा सिंह, फिर प्यारे लाल शर्मा और बालेश्वर त्यागी राजनीतिक हैट्रिक लगाने में सफल रहे। प्यारे लाल शर्मा के बेटे सुरेंद्र कुमार मुन्नी भी तीन बार विधायक बने, लेकिन लगातार नहीं। 2002 के विधानसभा चुनाव के बाद शहर की राजनीति में परिवर्तन आया। वर्ष 2002 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बने सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने दो साल बाद ही लोकसभा चुनाव में मैदान मार लिया और लोकसभा पहुंच गए। 2009 में वह लोकसभा चुनाव हारे तो इसके बाद कई बार विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए। वर्ष 1985 में कांग्रेस के टिकट पर सदर विधानसभा से विधायक रहे केके शर्मा फिर विधायक न बने। 2017 में वह इसी सीट पर तीसरे नंबर पर रहे थे। 2012 में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर बसपा के टिकट से विधायक बने सुरेश बंसल भी अगले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे। वह 2019 में लोकसभा चुनाव भी हार गए थे। लोनी विधानसभा क्षेत्र से 2012 में विधायक रहे जाकिर अली, मुरादनगर के विधायक रहे वहाब चौधरी, मोदीनगर के विधायक रहे सुदेश शर्मा भी कार्यकाल को अगले चुनाव में रिपीट नहीं कर पाए और जनता ने उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

यह नेता कभी जीत न पाए

सुधन रावत और जितेंद्र यादव के सिर किसी भी चुनाव में जीत का सेहरा न बंध पाया। सुधन रावत मेयर चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दल भी बदले, लेकिन जीत के समीकरण न बन पाए। 2012 में वह मेयर चुनाव में जीतते-जीतते रह गए। मतगणना पूरी होने के बाद प्रशासन ने उन्हें विजेता घोषित कर दिया था, लेकिन भाजपा के टिकट पर उनके सामने चुनाव लड़ रहे दिवंगत मेयर तेलूराम कांबोज और अन्य भाजपाई दोबारा मतगणना की जिद पर अड़ गए। बाद में तेलूराम कांबोज विजयी घोषित किए गए। इसी तरह सपा नेता जितेंद्र यादव भी चुनाव में जीत हासिल न कर पाए। वह गाजियाबाद और बुलंदशहर की सिकंदराबाद सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जनता का साथ न मिला। बाद में सपा ने उन्हें एमएलसी बनाकर विधान परिषद भेजा।

इन विधायकों को बार-बार मिला मौका

क्षेत्र की जनता ने कई नेताओं को बार-बार विधायक बनाया। उनके काम करने का अंदाज भी अलग था। इसमें सदर विधानसभा से तेजा सिंह के बाद प्यारे लाल शर्मा और बालेश्वर त्यागी तीन-तीन बार विधायक बने। लगातार न सही, लेकिन सुरेंद्र मुन्नी भी तीन बार विधायक रहे हैं और अब फिर मैदान में हैं। मुरादनगर से ईश्वर दयाल, राजपाल त्यागी, मोदीनगर से कांग्रेस नेता सुखबीर सिंह गहलौत और भाजपा नेता नरेंद्र सिसौदिया भी लगातार कई बार विधायक बनकर विधानसभा में पहुंचे हैं। वहीं रमेश चंद तोमर गाजियाबाद-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार चार बार सांसद रहे। हालांकि बाद में वह विधानसभा का चुनाव हार गए थे।

ये रहा विधायकों का रिकॉर्ड

– मुरादनगर सीट से 1967 में विधायक रहे जीएस चौधरी 1969 में तीसरे नंबर पर रहे।

– मुरादनगर सीट पर 1977 में विधायक बने अनवर फिर विधायक नहीं बने।

– 1985 में मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सखावत हुसैन 1989 में तीसरे नंबर पर रहे।

– 1993 में मुरादनगर सीट से ही विधायक बने प्रेम सिंह भी 1994 में हार गए और चौथे नंबर पर रहे थे।

– 2012 में वहाब चौधरी विधायक बने, 2017 में मोदीनगर से चुनाव लडे़ लेकिन दूसरे नंबर पर रहे।

– मोदीनगर से सुदेश शर्मा तीन बार चुनाव लड़े, एक बार जीते और दो बार हारे, अब चौथी बार गठबंधन के प्रत्याशी हैं।

– साहिबाबाद सीट से अमरपाल शर्मा 2012 में एक बार विधायक बने, 2017 में हारे, फिर चुनाव मैदान में हैं।



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