Connect with us

Lucknow

Tet Paper Leak Case: Stf Disclosed Gang Members Given Typing Work Of Paper To School College Students – टीईटी पेपर लीक प्रकरण : एसटीएफ का खुलासा, स्कूल-कॉलेज के छात्रों से टाइप कराया पेपर, उन्हें ही बनाया प्रूफ रीडर

Published

on


अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:43 AM IST

सार

पेपर लीक मामले की जांच कर रही यूपी एसटीएफ को पड़ताल के दौरान कई ऐसे सुराग मिले हैं जिससे साबित होता है कि इस पूरी प्रक्रिया को एजेंसी ने बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया।

ख़बर सुनें

टीईटी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी ने काम मिलने के बाद टाइपिंग का काम स्कूली छात्रों को दे दिया। प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग के बाद प्रूफ रीडिंग, डिजाइनिंग, पैकिंग की जिम्मेदारी भी इन्हीं स्कूलों छात्रों को दे दी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने हस्त लिखित प्रश्नों की सूची एजेंसी को उपलब्ध कराई थी।
    
पेपर लीक मामले की जांच कर रही यूपी एसटीएफ को पड़ताल के दौरान कई ऐसे सुराग मिले हैं जिससे साबित होता है कि इस पूरी प्रक्रिया को एजेंसी ने बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। इस पेपर की संवेदनशीलता का भी अंदाजा एजेंसी को नहीं था। एजेंसी के पास मैनपावर भी नहीं थे। मैनपावर की भर्ती प्रश्नपत्र छापने का आदेश मिलने के बाद शुरू की गई। आनन फानन में आरएसएम फिनसर्व ने प्राइवेट कर्मचारियों की असुरक्षित तरीके से नियुक्ति की। 

प्रश्नपत्र की अलग अलग भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू व संस्कृत में टाइपिंग के लिए स्कूल और कालेज के छात्र-छात्राओं को अनियमित तरीके से बुलाया गया। इन कामों को सीसीटीवी सर्विलांस के अंडर में होना था, लेकिन एजेंसी के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि जिन प्रिंटिंग प्रेस को काम सौंपा गया वहां भी बिना अनुबंध के काम दे दिया गया। यहां तक की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कोई भी नन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट नहीं किया गया। एसटीएफ इस पूरे मामले की परत दर परत पलट रही है। इस मामले में एजेंसी के निदेशक राय अनूप प्रसाद और परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव संजय उपाध्याय पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सॉल्वर गिरोह के सरगना की तलाश के लिए पूर्वांचल में एसटीएफ हुई सक्रिय
उधर, टीईटी परीक्षा में बड़ी संख्या में साल्वर यूपी आए थे। इसमें अधिकतर बिहार से आए थे। एसटीएफ ने इस मामले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें लगभग आधे साल्वर हैं। और इतने ही साल्वर की तलाश एसटीएफ को है। एसटीएफ के एक सूत्र ने बताया कि पूर्वांचल में ही इस गिरोह के लोगों ने ठिकाना बनाया था और जहां मामला सेट हो जाता वहां चार से छह घंटे में साल्वर भेज दिए जा रहे थे। एसटीएफ इस मामले में प्रकाश में आए राजन नाम के सरगना की तलाश कर रही है।

विस्तार

टीईटी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी ने काम मिलने के बाद टाइपिंग का काम स्कूली छात्रों को दे दिया। प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग के बाद प्रूफ रीडिंग, डिजाइनिंग, पैकिंग की जिम्मेदारी भी इन्हीं स्कूलों छात्रों को दे दी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने हस्त लिखित प्रश्नों की सूची एजेंसी को उपलब्ध कराई थी।

    

पेपर लीक मामले की जांच कर रही यूपी एसटीएफ को पड़ताल के दौरान कई ऐसे सुराग मिले हैं जिससे साबित होता है कि इस पूरी प्रक्रिया को एजेंसी ने बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। इस पेपर की संवेदनशीलता का भी अंदाजा एजेंसी को नहीं था। एजेंसी के पास मैनपावर भी नहीं थे। मैनपावर की भर्ती प्रश्नपत्र छापने का आदेश मिलने के बाद शुरू की गई। आनन फानन में आरएसएम फिनसर्व ने प्राइवेट कर्मचारियों की असुरक्षित तरीके से नियुक्ति की। 

प्रश्नपत्र की अलग अलग भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू व संस्कृत में टाइपिंग के लिए स्कूल और कालेज के छात्र-छात्राओं को अनियमित तरीके से बुलाया गया। इन कामों को सीसीटीवी सर्विलांस के अंडर में होना था, लेकिन एजेंसी के पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि जिन प्रिंटिंग प्रेस को काम सौंपा गया वहां भी बिना अनुबंध के काम दे दिया गया। यहां तक की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कोई भी नन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट नहीं किया गया। एसटीएफ इस पूरे मामले की परत दर परत पलट रही है। इस मामले में एजेंसी के निदेशक राय अनूप प्रसाद और परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव संजय उपाध्याय पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सॉल्वर गिरोह के सरगना की तलाश के लिए पूर्वांचल में एसटीएफ हुई सक्रिय

उधर, टीईटी परीक्षा में बड़ी संख्या में साल्वर यूपी आए थे। इसमें अधिकतर बिहार से आए थे। एसटीएफ ने इस मामले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें लगभग आधे साल्वर हैं। और इतने ही साल्वर की तलाश एसटीएफ को है। एसटीएफ के एक सूत्र ने बताया कि पूर्वांचल में ही इस गिरोह के लोगों ने ठिकाना बनाया था और जहां मामला सेट हो जाता वहां चार से छह घंटे में साल्वर भेज दिए जा रहे थे। एसटीएफ इस मामले में प्रकाश में आए राजन नाम के सरगना की तलाश कर रही है।



Source link

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Lucknow

The Wife Of The Main Accused In The Bikru Scandal Made Serious Allegations Against The Government – लखनऊ : बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ने लगाया सरकार पर गंभीर आरोप

Published

on

By


अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 26 Jan 2022 12:57 AM IST

सार

ऋचा दुबे ने कहा कि दो साल बाद भी नहीं बन सका पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी मुकदमे में फंसाने की कोशिश जारी।

विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे।
– फोटो : amar ujala

ख़बर सुनें

कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। ऋचा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी पति के मौत के दो साल बाद भी उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना रहे है। वहीं पूरे परिवार को फर्जी मुकदमें में फंसाने की साजिश की जा रही है। आरोप है कि सरकार उनके मौलिक अधिकार का हनन कर रही है। ऋचा दुबे ने यह बात कृष्णानगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

ऋचा ने कहा कि उनके पति विकास दुबे बिकरू कांड के मुख्य आरोपी थे। जिनको एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद भी प्रदेश सरकार हमारे परिवार के मौलिक अधिकार का हनन करने पर तुली है। सरकार के इशारे पर दो साल बाद भी पति के मृत्यु का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। अधिकारियों से मुलाकात करने पर जवाब मिलता हेकि मामला सरकार से जुड़ा है। आप वहीं संपर्क करें।

ऋचा ने कहा कि कभी विकास के साझीदार रहे राजीव बाजपेई अब भाजपा में शामिल हो गये है। राजीव ने उनकी चौबेपुर की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। जिसकी सुनवाई भी पुलिस व प्रशासन नहीं कर रही है। ऋचा का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व उनके घर पर आकर धमकी देते हैं। जिसके कारण वह लखनऊ में चार महीने बाद आई हैं। आए दिन परिवार के लोगों को धमकाया जा रहा है। वहीं सरकार ने हमारी सारी संपत्ति भी जब्त कर रही है। आजीविका के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।

विस्तार

कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। ऋचा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी पति के मौत के दो साल बाद भी उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना रहे है। वहीं पूरे परिवार को फर्जी मुकदमें में फंसाने की साजिश की जा रही है। आरोप है कि सरकार उनके मौलिक अधिकार का हनन कर रही है। ऋचा दुबे ने यह बात कृष्णानगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

ऋचा ने कहा कि उनके पति विकास दुबे बिकरू कांड के मुख्य आरोपी थे। जिनको एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद भी प्रदेश सरकार हमारे परिवार के मौलिक अधिकार का हनन करने पर तुली है। सरकार के इशारे पर दो साल बाद भी पति के मृत्यु का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। अधिकारियों से मुलाकात करने पर जवाब मिलता हेकि मामला सरकार से जुड़ा है। आप वहीं संपर्क करें।

ऋचा ने कहा कि कभी विकास के साझीदार रहे राजीव बाजपेई अब भाजपा में शामिल हो गये है। राजीव ने उनकी चौबेपुर की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। जिसकी सुनवाई भी पुलिस व प्रशासन नहीं कर रही है। ऋचा का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व उनके घर पर आकर धमकी देते हैं। जिसके कारण वह लखनऊ में चार महीने बाद आई हैं। आए दिन परिवार के लोगों को धमकाया जा रहा है। वहीं सरकार ने हमारी सारी संपत्ति भी जब्त कर रही है। आजीविका के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।



Source link

Continue Reading

Lucknow

Lucknow: Income Tax Raids On Six Locations Of Hawala Traders, Three Crore Recovered, 65 Lakh Rupees Were Sent Through Hawala In Gonda – लखनऊ : हवाला कारोबारियों के छह ठिकानों पर आयकर छापा, तीन करोड़ बरामद, गोंडा में हवाला के जरिये भेजे गए थे 65 लाख रुपये 

Published

on

By


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्‍तव
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:59 AM IST

सार

आयकर विभाग ने बीते शनिवार देर रात हवाला कारोबारियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरोें की टीम ने ये कार्रवाई गोंडा में 21 जनवरी को 65 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद शुरू की है।

ख़बर सुनें

आयकर विभाग ने बीते शनिवार देर रात हवाला कारोबारियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरोें की टीम ने ये कार्रवाई गोंडा में 21 जनवरी को 65 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद शुरू की है। रविवार शाम तक की जांच में लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आयी है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक इस सिलसिले में आधिकारिक जानकारी नहीं दी।

सूत्रों ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में यह कार्रवाई आयकर विभाग की जांच इकाई की टीम ने बीते शनिवार को पुराने शहर स्थित रकाबगंज के रुकमणी धर्मशाला के पास रहने वाले  हवाला कारोबारियों के ठिकानों (घर एवं दुकान) पर शुरू की थी। जो शनिवार पूरी रात एवं रविवार को पूरे दिन चली। इस जांच के दौरान एक कारोबारी के घर से लगभग 30 लाख एवं दूसरे के घर से 2.75 करोड़ रुपये का कैश मिला। आयकर अफसरों ने भारी तादाद में घर से बरामद कैश पर कारोबारियों से स्रोत का साक्ष्य मांगा जो नहीं दे सके। तो इस कैश को अफसरों ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। हालांकि आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं दी। जबकि आयकर अफसरों की टीम जांच की कार्रवाई रविवार देर रात तक करती रही। 

हवाला के  धंधे का गढ़ यहियागंज
राजधानी का यहियागंज आयकर विभाग में पहले से ही चर्चित है। ये यहियागंज कुछ कारोबारियों के चलते हवाला के धंधे का गढ़ है। आयकर विभाग ने इससे पहले भी नोट बंदी के दौरान 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने के खेल का खुलासा होने पर अफसरों की टीम ने तब भी छापामारी की थी। गोंडा में चावल की बोरी में भर करके ले जा रहे 65 लाख की बरामदगी के बाद यहियागंज एवं रकाबगंज एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।   

ये था मामला
उपजिलाधिकारी एवं उड़न दस्ते ने बीते 21 जनवरी को अभियान के दौरान दो वाहनों से 65 लाख रुपये की नकदी एवं चुनाव सामग्री बरामद की थी। पुुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के मुताबिक वाहन में सवार कन्हैया अग्रवाल एवं चंद अग्रवाल निवासी बढ़नी सिद्धार्थनगर बरामद रुपये का कोई साक्ष्य नहीं दे सके। टीम ने इस रकम को हवाला का मानते हुए जब्त कर लिया था।

विस्तार

आयकर विभाग ने बीते शनिवार देर रात हवाला कारोबारियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरोें की टीम ने ये कार्रवाई गोंडा में 21 जनवरी को 65 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद शुरू की है। रविवार शाम तक की जांच में लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आयी है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक इस सिलसिले में आधिकारिक जानकारी नहीं दी।

सूत्रों ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में यह कार्रवाई आयकर विभाग की जांच इकाई की टीम ने बीते शनिवार को पुराने शहर स्थित रकाबगंज के रुकमणी धर्मशाला के पास रहने वाले  हवाला कारोबारियों के ठिकानों (घर एवं दुकान) पर शुरू की थी। जो शनिवार पूरी रात एवं रविवार को पूरे दिन चली। इस जांच के दौरान एक कारोबारी के घर से लगभग 30 लाख एवं दूसरे के घर से 2.75 करोड़ रुपये का कैश मिला। आयकर अफसरों ने भारी तादाद में घर से बरामद कैश पर कारोबारियों से स्रोत का साक्ष्य मांगा जो नहीं दे सके। तो इस कैश को अफसरों ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। हालांकि आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं दी। जबकि आयकर अफसरों की टीम जांच की कार्रवाई रविवार देर रात तक करती रही। 

हवाला के  धंधे का गढ़ यहियागंज

राजधानी का यहियागंज आयकर विभाग में पहले से ही चर्चित है। ये यहियागंज कुछ कारोबारियों के चलते हवाला के धंधे का गढ़ है। आयकर विभाग ने इससे पहले भी नोट बंदी के दौरान 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने के खेल का खुलासा होने पर अफसरों की टीम ने तब भी छापामारी की थी। गोंडा में चावल की बोरी में भर करके ले जा रहे 65 लाख की बरामदगी के बाद यहियागंज एवं रकाबगंज एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।   

ये था मामला

उपजिलाधिकारी एवं उड़न दस्ते ने बीते 21 जनवरी को अभियान के दौरान दो वाहनों से 65 लाख रुपये की नकदी एवं चुनाव सामग्री बरामद की थी। पुुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के मुताबिक वाहन में सवार कन्हैया अग्रवाल एवं चंद अग्रवाल निवासी बढ़नी सिद्धार्थनगर बरामद रुपये का कोई साक्ष्य नहीं दे सके। टीम ने इस रकम को हवाला का मानते हुए जब्त कर लिया था।



Source link

Continue Reading

Lucknow

Cm Yogi Adityanath Flags Off Prachar Rath In Lucknow. – Up Election 2022: मुख्यमंत्री योगी ने रवाना किया प्रचार रथ, बोले- हमारी सरकार में तुष्टिकरण के लिए कोई जगह नहीं

Published

on

By


अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 22 Jan 2022 12:12 PM IST

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को हरी झंडी दिखाकर प्रचार रथ को रवाना किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार में कोई पलायन नहीं हुआ है।

प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala

ख़बर सुनें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने कहा कि यूपी में अब कोई माई का लाल पलायन नहीं करा सकता इसलिए जनता की यही पुकार यूपी मांगे बीजेपी सरकार। उन्होंने कहा कि हम सपा बसपा के कुशासन को जनता के बीच ले जाएंगे और जनता में समर्थन मांगेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पहले लोगों को पलायन कराया जाता था लेकिन अब अपराधी प्लायन कर रहे है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने कहा कि यूपी में अब कोई माई का लाल पलायन नहीं करा सकता इसलिए जनता की यही पुकार यूपी मांगे बीजेपी सरकार। उन्होंने कहा कि हम सपा बसपा के कुशासन को जनता के बीच ले जाएंगे और जनता में समर्थन मांगेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पहले लोगों को पलायन कराया जाता था लेकिन अब अपराधी प्लायन कर रहे है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है।



Source link

Continue Reading

Trending