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The City Grew On Rampur-kanth Road, No Government Facilities – रामपुर-कांठ रोड पर शहर तो बढ़ा, सरकारी सुविधाएं नहीं

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मुरादाबाद। कहानी एक जैसी है हमारी भी तुम्हारी भी, भंवर में नाव अब भी है हमारी भी, तुम्हारी भी बदलनी चाहिए, जितनी भले उतनी नहीं बदली, मगर तस्वीर बदली है हमारी भी तुम्हारी भी। पूर्वांचल के कवि राजगोपाल सिंह की ये पंक्तियाँ मौजूदा समय में मुरादाबाद शहर के लिए लगभग सटीक बैठती हैं। शहर रामपुर रोड और कांठ रोड पर तेजी के साथ बढ़ा है। कांठ रोड पर हालांकि विकास भी कुछ अधिक हुआ है, लेकिन अगर समस्याओं और खास कर सरकारी चिकित्सा, शिक्षा व अन्य सुविधाओं की बात करें, तो रामपुर रोड पर बनी एकता विहार कॉलोनी और काठ रोड पर बनी प्रेमनगर कॉलोनी की स्थिति में कोई खास फर्क नहीं कहा जा सकता।
शहर बढ़ा है, तो सुविधाओं के साथ यहां के बाशिंदों की अपेक्षाएं भी बढ़ीं हैं। लोकोशेड पुल चालू हो जाने से दिल्ली रोड पर अक्सर लगने वाले जाम से शहर के लोगों को काफी हद तक मुक्तिमिली है और सोनकपुर ओवरब्रिज चालू हो जाने के बाद इस संबंध में और भी सुधार होने की उम्मीद शहर के लोगों को है। करीब दो दशक पहले रामपुर रोड पर बसी एकता विहार कॉलोनी में रहने वाले लोग अभी भी कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लंबे समय तक इस इलाके में रहने वाले लोग रेलवे लाइन क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने के कारण लगने वाले जाम की परेशानी झेलते रहे, जैसे-जैसे रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर बना तो अब रामपुर दोराहा से जीरो प्वाइंट तक खराब सड़क की समस्या सालों से झेल रहे हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और जल निकासी की दिक्कत
बीस साल पहले जब एमडीए ने एकता विहार कॉलोनी बसाई थी, तब यहां बहुत कम लोग रहते थे। अब आबादी बढ़ी है, लेकिन कॉलोनी की दशा पहले से और अधिक खराब हुई है। दो दशक पहले निर्मित नाले, नालियों के चोक रहने से जलनिकासी की समस्या बनी रहती है। इससे मकानों में सीलन की समस्या रहती है। सड़कें उखड़ी हैं। उससे धूल का गुबार उठता रहता है। सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को दस-बारह किमी दूर सिविल लाइन जाना पड़ता है। तीन किमी दूर ताजपुर में जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है वहां डाक्टर नहीं बैठते। सरकारी स्कूल भी आसपास के गांवों में ही हैं।
फिरोज खान, एकता विहार
लगता ही नहीं शहर में रहते हैं
एकता विहार कॉलोनी कहने को तो शहर की पॉश कालोनियों में शुमार है, लेकिन सुविधाएं वहां गांव से भी बदतर हैं। एक डाकखाना तक वहां नहीं है। इसके लिए करीब तीन किमी दूर पास के एक गांव में लोगों को जाना पड़ता है अथवा करीब दस किमी दूर शहर में। सबसे अधिक दशा सड़क की खराब है। सभी अधिकारियों की जानकारी में भी है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सरकारी आदेश के बाद लोगों में कुछ उम्मीद जगी थी। इसके बाद भी सड़कों की दशा में सुधार नहीं हो सका है।
अब्दुल रहमान, एकता विहार
कांठ रोड: सरकारी अस्पताल की जरूरत
काँठ रोड पर शहर ने काफी विस्तार किया है। लेकिन अनुपातिक रूप से सुविधाओं का विस्तार उतना नहीं हो सका। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थान तो प्रचुर मात्रा में स्थापित हैं, किन्तु सरकारी संस्थान नहीं हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को संकट का सामना करना पड़ता है। कांठ रोड पर लाखों की संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए यहां एक बड़े सरकारी अस्पताल और विद्यालय की जरूरत है। इसके अलावा हरथला में लगातार रहने वाले जाम से मुक्ति के लिए फ्लाईओवर की भी जरूरत है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
– योगेंद्र वर्मा व्योम, साहित्यकार

मुरादाबाद। कहानी एक जैसी है हमारी भी तुम्हारी भी, भंवर में नाव अब भी है हमारी भी, तुम्हारी भी बदलनी चाहिए, जितनी भले उतनी नहीं बदली, मगर तस्वीर बदली है हमारी भी तुम्हारी भी। पूर्वांचल के कवि राजगोपाल सिंह की ये पंक्तियाँ मौजूदा समय में मुरादाबाद शहर के लिए लगभग सटीक बैठती हैं। शहर रामपुर रोड और कांठ रोड पर तेजी के साथ बढ़ा है। कांठ रोड पर हालांकि विकास भी कुछ अधिक हुआ है, लेकिन अगर समस्याओं और खास कर सरकारी चिकित्सा, शिक्षा व अन्य सुविधाओं की बात करें, तो रामपुर रोड पर बनी एकता विहार कॉलोनी और काठ रोड पर बनी प्रेमनगर कॉलोनी की स्थिति में कोई खास फर्क नहीं कहा जा सकता।

शहर बढ़ा है, तो सुविधाओं के साथ यहां के बाशिंदों की अपेक्षाएं भी बढ़ीं हैं। लोकोशेड पुल चालू हो जाने से दिल्ली रोड पर अक्सर लगने वाले जाम से शहर के लोगों को काफी हद तक मुक्तिमिली है और सोनकपुर ओवरब्रिज चालू हो जाने के बाद इस संबंध में और भी सुधार होने की उम्मीद शहर के लोगों को है। करीब दो दशक पहले रामपुर रोड पर बसी एकता विहार कॉलोनी में रहने वाले लोग अभी भी कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लंबे समय तक इस इलाके में रहने वाले लोग रेलवे लाइन क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने के कारण लगने वाले जाम की परेशानी झेलते रहे, जैसे-जैसे रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर बना तो अब रामपुर दोराहा से जीरो प्वाइंट तक खराब सड़क की समस्या सालों से झेल रहे हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और जल निकासी की दिक्कत

बीस साल पहले जब एमडीए ने एकता विहार कॉलोनी बसाई थी, तब यहां बहुत कम लोग रहते थे। अब आबादी बढ़ी है, लेकिन कॉलोनी की दशा पहले से और अधिक खराब हुई है। दो दशक पहले निर्मित नाले, नालियों के चोक रहने से जलनिकासी की समस्या बनी रहती है। इससे मकानों में सीलन की समस्या रहती है। सड़कें उखड़ी हैं। उससे धूल का गुबार उठता रहता है। सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को दस-बारह किमी दूर सिविल लाइन जाना पड़ता है। तीन किमी दूर ताजपुर में जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है वहां डाक्टर नहीं बैठते। सरकारी स्कूल भी आसपास के गांवों में ही हैं।

फिरोज खान, एकता विहार

लगता ही नहीं शहर में रहते हैं

एकता विहार कॉलोनी कहने को तो शहर की पॉश कालोनियों में शुमार है, लेकिन सुविधाएं वहां गांव से भी बदतर हैं। एक डाकखाना तक वहां नहीं है। इसके लिए करीब तीन किमी दूर पास के एक गांव में लोगों को जाना पड़ता है अथवा करीब दस किमी दूर शहर में। सबसे अधिक दशा सड़क की खराब है। सभी अधिकारियों की जानकारी में भी है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सरकारी आदेश के बाद लोगों में कुछ उम्मीद जगी थी। इसके बाद भी सड़कों की दशा में सुधार नहीं हो सका है।

अब्दुल रहमान, एकता विहार

कांठ रोड: सरकारी अस्पताल की जरूरत

काँठ रोड पर शहर ने काफी विस्तार किया है। लेकिन अनुपातिक रूप से सुविधाओं का विस्तार उतना नहीं हो सका। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थान तो प्रचुर मात्रा में स्थापित हैं, किन्तु सरकारी संस्थान नहीं हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को संकट का सामना करना पड़ता है। कांठ रोड पर लाखों की संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए यहां एक बड़े सरकारी अस्पताल और विद्यालय की जरूरत है। इसके अलावा हरथला में लगातार रहने वाले जाम से मुक्ति के लिए फ्लाईओवर की भी जरूरत है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।

– योगेंद्र वर्मा व्योम, साहित्यकार



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Release Order Of Azajm Kha – सीतापुर जेल भेजा सांसद आजम खां की रिहाई का परवाना

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रामपुर। सपा सांसद आजम खां के खिलाफ अजीमनगर थाने में दर्ज नौ मामलों में जमानत मंजूर होने के बाद उनके अधिवक्ता द्वारा जमानती पेश किए गए। इसके बाद कोर्ट ने रिहाई का परवाना सीतापुर जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को रिहाई का परवान सीतापुर जेल भेज दिए गया है। आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने किसानों की जमीन कब्जा ली और बिना पैसा दिए बैनामा करा लिया था। हालांकि, इन मामलों में उनकी जमानत कोर्ट ने पहले ही मंजूर कर ली थी।
सपा सांसद आजम खां के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में करीब सौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकांश मामलों में जमानत हो चुकी है। उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा व उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम जमानत पर जेल से बाहर हैं। आलियागंज के किसानों ने अजीमनगर थाने में जमीन को जबरन कब्जाने और बिना पैसा दिए बैनामा कराने के आरोप में मुकदमे दर्ज कराए थे। विवेचना के बाद पुलिस ने सभी मामलों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। हालांकि, आजम खां की इससे संबंधित नौ मामलों में पहले ही जमानत मंजूर हो चुकी है। उनके अधिवक्ता द्वारा मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में जमानती दाखिल किए गए। जमानती दाखिल होने के बाद कोर्ट ने नौ मामलों में रिहाई का परवाना सीतापुर जेल प्रशासन को भेज दिए गया है।

रामपुर। सपा सांसद आजम खां के खिलाफ अजीमनगर थाने में दर्ज नौ मामलों में जमानत मंजूर होने के बाद उनके अधिवक्ता द्वारा जमानती पेश किए गए। इसके बाद कोर्ट ने रिहाई का परवाना सीतापुर जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को रिहाई का परवान सीतापुर जेल भेज दिए गया है। आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने किसानों की जमीन कब्जा ली और बिना पैसा दिए बैनामा करा लिया था। हालांकि, इन मामलों में उनकी जमानत कोर्ट ने पहले ही मंजूर कर ली थी।

सपा सांसद आजम खां के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में करीब सौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकांश मामलों में जमानत हो चुकी है। उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा व उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम जमानत पर जेल से बाहर हैं। आलियागंज के किसानों ने अजीमनगर थाने में जमीन को जबरन कब्जाने और बिना पैसा दिए बैनामा कराने के आरोप में मुकदमे दर्ज कराए थे। विवेचना के बाद पुलिस ने सभी मामलों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। हालांकि, आजम खां की इससे संबंधित नौ मामलों में पहले ही जमानत मंजूर हो चुकी है। उनके अधिवक्ता द्वारा मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में जमानती दाखिल किए गए। जमानती दाखिल होने के बाद कोर्ट ने नौ मामलों में रिहाई का परवाना सीतापुर जेल प्रशासन को भेज दिए गया है।



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Fight In The Bride And Groom Side In The Marriage Ceremony, The Chairman’s Representative Tied The Rakhi And Promised Security, Then The Bride’s Farewell – विवाह समारोह में वर-वधू पक्ष में लड़ाई, चेयरमैन प्रतिनिधि ने राखी बंधवाकर दिया सुरक्षा का वादा, तब हुई दुल्हन की विदाई

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पाकबड़ा(मुरादाबाद)। बरात चढ़त के दौरान बरातियों का दुल्हन पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसके बाद दुल्हन व उसके परिवार वालों ने शादी करने से इनकार कर दिया। उन्हें आशंका थी कि शादी के बाद वर पक्ष के लोग लड़की को परेशान करेंगे। मामले की नजाकत को भांपते हुए लड़के पक्ष की ओर से समझौता कराने पहुंचे चेयरमैन प्रतिनिधि ने दुल्हन से राखी बंधवाकर उसे बहन बनाकर उसकी सुरक्षा का वचन दिया। तब जाकर कहीं शादी की रस्म अदा की गई और दुल्हन की विदाई हुई।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक का विवाह असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति की पुत्री के साथ तय हुई थी। शनिवार रात को युवक बरात लेकर असमोली गया था। बताया जाता है कि जयमाला के दौरान डीजे पर डांस को लेकर वर पक्ष का वधू पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। गाली गलौज से लेकर नौबत मारपीट और पथराव तक पहुंच गई। बरातियों ने वहां जमकर हंगामा भी किया। रातभर हुए हंगामे के बाद लड़की व उसके पक्ष के लोगों ने शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद वर पक्ष के लोग सकते में आ गए। पाकबड़ा से कई सम्मानित लोग गुमसानी गांव पहुँचे और पंचायत के जरिये लड़की पक्ष को शादी के लिए राजी करते रहे। लड़की व उसके परिवार वालों को भय था कि घटना के बाद से ससुराल में लड़की परेशान की जाएगी। इसलिए वह शादी करने को तैयार नहीं हो रहे थे।
इसके चलते रविवार दोपहर तक मामला हल नहीं हुआ। इसके बाद वर पक्ष की ओर से समझौते के लिए असमोली पहुंचे पाकबड़ा चेयरमैन प्रतिनिधि रिंकू गोस्वामी ने मौके की नजाकत को देखते हुए शाम पांच बजे दुल्हन से कहा कि मैं तेरा भाई हूं। ससुराल में कोई परेशान नहीं करेगा। इसकी मैं जिम्मेदारी लेता हूं। पूरा ख्याल भी रखूंगा। उसके बाद दुल्हन ने चेयरमैन प्रतिनिधि रिंकू गोस्वामी को भाई मानकर हाथ पर राखी बांधी। उसके बाद दुल्हन ने दूल्हे के साथ सारी रस्में पूरी की। शादी के बाद दोनों पक्ष में खुशी का माहौल था।

पाकबड़ा(मुरादाबाद)। बरात चढ़त के दौरान बरातियों का दुल्हन पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसके बाद दुल्हन व उसके परिवार वालों ने शादी करने से इनकार कर दिया। उन्हें आशंका थी कि शादी के बाद वर पक्ष के लोग लड़की को परेशान करेंगे। मामले की नजाकत को भांपते हुए लड़के पक्ष की ओर से समझौता कराने पहुंचे चेयरमैन प्रतिनिधि ने दुल्हन से राखी बंधवाकर उसे बहन बनाकर उसकी सुरक्षा का वचन दिया। तब जाकर कहीं शादी की रस्म अदा की गई और दुल्हन की विदाई हुई।

पाकबड़ा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक का विवाह असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति की पुत्री के साथ तय हुई थी। शनिवार रात को युवक बरात लेकर असमोली गया था। बताया जाता है कि जयमाला के दौरान डीजे पर डांस को लेकर वर पक्ष का वधू पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। गाली गलौज से लेकर नौबत मारपीट और पथराव तक पहुंच गई। बरातियों ने वहां जमकर हंगामा भी किया। रातभर हुए हंगामे के बाद लड़की व उसके पक्ष के लोगों ने शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद वर पक्ष के लोग सकते में आ गए। पाकबड़ा से कई सम्मानित लोग गुमसानी गांव पहुँचे और पंचायत के जरिये लड़की पक्ष को शादी के लिए राजी करते रहे। लड़की व उसके परिवार वालों को भय था कि घटना के बाद से ससुराल में लड़की परेशान की जाएगी। इसलिए वह शादी करने को तैयार नहीं हो रहे थे।

इसके चलते रविवार दोपहर तक मामला हल नहीं हुआ। इसके बाद वर पक्ष की ओर से समझौते के लिए असमोली पहुंचे पाकबड़ा चेयरमैन प्रतिनिधि रिंकू गोस्वामी ने मौके की नजाकत को देखते हुए शाम पांच बजे दुल्हन से कहा कि मैं तेरा भाई हूं। ससुराल में कोई परेशान नहीं करेगा। इसकी मैं जिम्मेदारी लेता हूं। पूरा ख्याल भी रखूंगा। उसके बाद दुल्हन ने चेयरमैन प्रतिनिधि रिंकू गोस्वामी को भाई मानकर हाथ पर राखी बांधी। उसके बाद दुल्हन ने दूल्हे के साथ सारी रस्में पूरी की। शादी के बाद दोनों पक्ष में खुशी का माहौल था।



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Corona Confirmed Among 313 People Including Grp Si – जीआरपी एसआई समेत 313 लोगों में कोरोना की पुष्टि

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जिले में 313 पॉजिटिव केस और मिले हैं। जीआरपी एसआई समेत 313 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों में एक साल की बच्ची और 81 साल के बुजुर्ग शामिल हैं। वहीं जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर अब 2265 हुई है।
जिले में पिछले 25 दिनों से लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इस दौरान पॉजिटिव केसों की संख्या में कम और ज्यादा का अंतर रहा है। अभी तक एक दिन में सर्वाधिक छह सौ से अधिक मरीज मिले हैं, जबकि सबसे कम संख्या दो रही है। शुक्रवार को सरकारी और निजी लैब से आई रिपोर्ट में 313 लोग संक्रमित पाए गए। इसमें सबसे कम आयु की संक्रमित एक साल की बच्ची रही। वहीं उम्रदराज संक्रमितों में 81 साल के बुजुर्ग शामिल रहे। इसके अलावा जीआरपी ऑफिस में तैनात एसआई की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, जबकि मूंढापांडे में एक ही परिवार के तीन सदस्य पॉजिटिव मिले। वहीं 352 मरीजों ने क्वारंटीन की अवधि पूरी कर ली। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या में कमी आई है। ये संख्या अब 2265 हो गई है।

जिले में 313 पॉजिटिव केस और मिले हैं। जीआरपी एसआई समेत 313 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों में एक साल की बच्ची और 81 साल के बुजुर्ग शामिल हैं। वहीं जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर अब 2265 हुई है।

जिले में पिछले 25 दिनों से लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इस दौरान पॉजिटिव केसों की संख्या में कम और ज्यादा का अंतर रहा है। अभी तक एक दिन में सर्वाधिक छह सौ से अधिक मरीज मिले हैं, जबकि सबसे कम संख्या दो रही है। शुक्रवार को सरकारी और निजी लैब से आई रिपोर्ट में 313 लोग संक्रमित पाए गए। इसमें सबसे कम आयु की संक्रमित एक साल की बच्ची रही। वहीं उम्रदराज संक्रमितों में 81 साल के बुजुर्ग शामिल रहे। इसके अलावा जीआरपी ऑफिस में तैनात एसआई की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, जबकि मूंढापांडे में एक ही परिवार के तीन सदस्य पॉजिटिव मिले। वहीं 352 मरीजों ने क्वारंटीन की अवधि पूरी कर ली। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या में कमी आई है। ये संख्या अब 2265 हो गई है।



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